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यूपी के 600 स्कूल बनेंगे ‘फ्यूचर लैब’, छात्र सीखेंगे वो तकनीक जो बदल देगी करियर

उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूली शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। लखनऊ में नेल्को लिमिटेड और औद्योगिक समूहों के साथ हुए समझौते के तहत प्रदेश के 600 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में अत्याधुनिक ड्रीम लैब्स स्थापित की जाएंगी। यहां छात्रों को AI, रोबोटिक्स, IoT, 3D प्रिंटिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्किल इंडिया मिशन के अनुरूप युवाओं को रोजगारपरक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगी।

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूली शिक्षा को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है। इसी क्रम में समग्र शिक्षा (माध्यमिक), माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा शनिवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, लखनऊ में नेल्को लिमिटेड (टाटा एंटरप्राइज) एवं अग्रणी औद्योगिक समूह के साथ 600 राजकीय माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अत्याधुनिक ड्रीम लैब्स (डिज़ाइन, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग) की स्थापना हेतु एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा, महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी की उपस्थिति में किए गए।

अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि यह समझौता केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के युवाओं के भविष्य में निवेश है। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं को देखते हुए राज्य के विद्यार्थियों को इंडस्ट्री 4.0 आधारित कौशलों से लैस करना समय की मांग है। ड्रीम लैब्स इस दिशा में एक सशक्त माध्यम बनेंगे, जहाँ विद्यार्थी पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक एवं रोजगारपरक कौशल भी अर्जित करेंगे।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने अपने संबोधन में कहा कि यह पहल व्यावसायिक शिक्षा को नई दिशा देने वाली है। उन्होंने हब एवं स्पोक मॉडल के प्रभावी संचालन, मशीनरी स्थापना, प्रशिक्षकों की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति तथा परिणाम आधारित निगरानी पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि शुरुआत जितनी मजबूत होती है, उतना ही आवश्यक है कि हम उसे सफल परिणति तक पहुंचाएं, विशेषकर आकांक्षी जनपदों में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।

इस परियोजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कुल 600 विद्यालयों (150 हब एवं 450 स्पोक विद्यालय) को शामिल किया गया है। प्रथम चरण में 18 हब एवं 54 स्पोक विद्यालय (कुल 72), द्वितीय चरण में 36 हब एवं 108 स्पोक विद्यालय (कुल 144) तथा तृतीय चरण में 96 हब एवं 288 स्पोक विद्यालय (कुल 384) में ड्रीम लैब्स स्थापित किए जाएंगे।

इन ड्रीम लैब्स को आधुनिक नवाचार एवं कौशल विकास केन्द्रों के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), 3डी प्रिंटिंग, उन्नत विनिर्माण, बैटरी चालित विद्युत वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि विज्ञान, नवीकरणीय ऊर्जा, ड्रोन प्रौद्योगिकी तथा डिज़ाइन थिंकिंग जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

यह परियोजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (एनएसक्यूएफ) तथा स्किल इंडिया मिशन के अनुरूप है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, समस्या समाधान क्षमता, तकनीकी दक्षता एवं उद्यमिता कौशल विकसित करना है, ताकि वे भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धी बन सकें।

पांच वर्षीय साझेदारी मॉडल के अंतर्गत संचालित इस परियोजना में नेल्को लिमिटेड के नेतृत्व में औद्योगिक समूह द्वारा अत्याधुनिक मशीनरी, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सॉफ्टवेयर एवं रखरखाव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही उद्योग विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ शिक्षकों का क्षमता निर्माण भी सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे यह मॉडल दीर्घकालिक रूप से आत्मनिर्भर बन सके।

कार्यक्रम में यास्कावा, मास्टरकैम, 3डी सिस्टम्स, अज्नालेंस, एसीई माइक्रोमैटिक सहित विभिन्न वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता करते हुए इस पहल को शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत सेतु बताया। उन्होंने कहा कि ड्रीम लैब्स विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक अनुभव प्रदान कर उन्हें रोजगार एवं उद्यमिता के बेहतर अवसरों से जोड़ेगा।

यह परियोजना उत्तर प्रदेश को “कुशल, आत्मनिर्भर एवं नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था” के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा आने वाले समय में प्रदेश के विद्यालयों से नई पीढ़ी के तकनीकी विशेषज्ञ, नवप्रवर्तक एवं उद्यमी तैयार होंगे।

अपर निदेशक (व्यावसायिक शिक्षा) सुरेन्द्र कुमार तिवारी तथा अपर राज्य परियोजना निदेशक विष्णु कान्त पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

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