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योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश का 5,12,860.72 करोड़ का बजट किया पेश

लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार आज अपना चौथा पूर्ण बजट पेश कर रही है। यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना सदन में भाषण दे रहे हैं। सरकार ने उत्तर प्रदेश का 5,12,860.72 करोड़ का बजट पेश किया है। पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 के मुकाबले इस बार 33 हजार 159 करोड़ रुपये ज्यादा का बजट पेश हुआ। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पिछले साल के मुकाबले इस बार 6.50 फीसदी से ज्यादा का बजट पेश किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली राज्य सरकार ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2020-2021 के लिए 5,12,860.72 करोड़ रुपए का बजट पेश किया है। इस बजट में हर किसी का ख्याल रखा गया है। बजट पेश करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बजट 2020-2021 युवाओं के विकास पर आधारित है। युवाओं के लिए पहले से कई योजनाएं चल रही है। हर शिक्षित बेरोजगार के लिए सरकार ने योजना शुरु की है। हर जनपद में रोजगार बढ़ाने के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास को आगे बढ़ा सकें, इसके लिए पूरा ध्यान दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारा पहला बजट किसान पर आधारित था, दूसरा औद्योगिक विकास पर और तीसरा बजट महिला सशक्तिकरण के लिए था। आज का चौथा बजट युवाओं के विकास पर आधारित है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा मजबूत हो, इसके लिए भी बजट में व्यवस्था की गई है। चिकित्सा शिक्षा के लिए भी अटल विश्वविद्यालय लखनऊ में बनाने का प्रावधान इस बजट में है। पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए भी बजट का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत की इकॉनोमी को 5 ट्रिलियन डॉलर बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में यूपी की इकॉनोमी एक ट्रिलियन डॉलर बन सके, इस लक्ष्य को प्राप्त करने में इसमें इस बजट की बड़ी भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अगले वर्ष तक हम प्रदेश के सभी 75 जनपदों में सरकारी या पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के कार्य को आगे बढ़ा सकेंगे। इस दिशा में भी सरकार ने तेजी के साथ इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि 1947 से 2016 तक सिर्फ 12 मेडिकल कॉलेज उत्तर प्रदेश में थे। लेकिन 3 साल में हम 28 मेडिकल कॉलेज पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अंदर महिला सशक्तिकरण के लिए हमारे प्रयास जारी है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से महिलाओं को 15 हजार का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज दुनिया का हर निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश करना चाहता है। डिफेंस एक्सपो-2020 में उत्तर प्रदेश को 50,000 करोड़ रुपए के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए। यह उत्तर प्रदेश की क्षमता है और इस क्षमता के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अंत तक हम पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को आम जन के लिए खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का शिलान्यास भी इसी महीने में होने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेस वे के लिए धनराशि का आवंटन कर दिया गया है और इस वर्ष के अंत तक मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस वे का शिलान्यास करने का प्रयास है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को शिक्षा का केंद्र बिंदु बनाने के लिए उच्च शिक्षा पर फोकस किया गया है। राज्य सरकार सहारनपुर, आजमगढ़ और अलीगढ़ में नए विश्वविद्यालय स्थापित करने के साथ ही, लखनऊ में अटल मेडिकल विश्वविद्यालय को इस बजट का हिस्सा बनाया है। इसके साथ ही सरकार ने एक नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी और आयुष विश्वविद्यालय को भी इस बजट में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपने पैरों पर खड़ा होने की इच्छा रखने वाले हर शिक्षित बेरोजगार नौजवान के लिए हमने अप्रेंटिसशिप की योजना प्रारम्भ की है। हर युवा किसी उद्यम से जुड़ेगा और अप्रेंटिसशिप पूरी होने की अवधि तक सरकार द्वारा उसे 2500 रुपए प्रतिमाह का सहयोग दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के अंदर किसानों को ध्यान में रखते हुए बटाईदार के लिए भी बजट में बीमा की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा किसानों को आधुनिकता से जोड़ने की व्यवस्था भी हमने बजट में की है। प्रदेश के अंदर पेयजल की समस्या बड़ी थी। बुंदेलखंड व विंध्य क्षेत्रों में पानी की समस्या को खत्म करने का प्रावधान बजट में किया गया है। निराश्रित गौवंश के भरण पोषण व गौ आश्रय स्थल बनाए जाने के सम्बंध में भी बजट में प्रावधान किया गया है। पर्यटन विकास के साथ रोजगार पर भी बजट में फोकस किया गया है। यह उत्तर प्रदेश सरकार का एक ऐतिहासिक बजट है।

योगी सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। उपज बढ़ाने और लागत घटाने के साथ ही यह संभव है। खेतीबाड़ी में सर्वाधिक लागत श्रम की होती है। अधिकतम यंत्रीकरण ही इसका एक मात्र विकल्प है। यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बजट में 1964 कस्टम हायरिंग सेंटर और 305 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित करने की घोषणा बजट में की है। इनके जरिए अनुदान पर 40606 कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।

शोध संस्थाओं के प्रयोगशालाओं में खेतीबाड़ी के लिए जो भी हो रहा है, वह किसानों के खेत तक पुहंचे इसके लिए बजट में 20 नये कृषि विज्ञान केंद्र खोलने की भी घोषणा की गयी है।

प्रदेश में गन्ना किसानों की संख्या को देखते हुए सरकार ने प्रति क्विंटल गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 325 रुपये कर दिया है। प्रदेश सरकार ने 46 लाख 20 हजार गन्ना किसानों को 86 हजार 700 करोड़ रुपये के गन्ना मूल्य का भुगतान कराया है। विगत दो वर्षों में प्रदेश की चीनी मिलों द्वारा 2 हजार 143 लाख टन गन्ने की पेराई की गई है।

उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सहारनपुर, आजमगढ़ एवं अलीगढ़ में 3 नए राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापाना की जा रही है। प्रदेश में पुलिस फोरेन्सिक युनिवर्सिटी की स्थापना प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त प्रयागराज में ला युनिवर्सिटी की स्थापना प्रस्तावित है। गोरखपुर में आय़ुष विश्वविद्यालय बनाया जाएगा।

प्रदेश के 8 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना के लिए योगी सरकार ने 270 करोड़ रुपए की व्यवस्था की है। आगामी शैक्षिक सत्र में लगभग 1 करोड़ 90 लाख छात्र-छात्राओं को निशुल्क पाठ्य पुस्तकें एवं कार्य पुस्तिकाएं वितरित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रदेश के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर स्कूली शिक्षा उन्नयन के लिए समग्र शिक्षा अभियान हेतु 18 हजार 363 करोड़ रुपए की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत 111 करोड़ रुपए की व्यवस्था बजट में की गई है।

कनेक्टिविटी और विकास एक दूसरे के पूरक हैं। उप्र जैसे लैंड लाक्ड प्रदेश के लिए तो और भी। बेहतर सड़कें और विकसित एयरपोर्ट इसका विकल्प हैं। इनके जरिए प्रदेश का उत्पाद आसानी से सुरक्षित और तेजी से देश दुनिया के बाजारों में पहुंच सकता है।

बजट में सरकार ने इस पर पर्याप्त फोकस किया है। गौतमबुद्ध नगर के जेवर में बन रहे एशिया के सबसे बड़े नोएडा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए सरकार ने 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। अयोध्या में प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए 500 करोड़ और रीजनल कनेक्टिविटी योजना के लिए बजट में 92 करोड़ 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। देश के सबसे लंबे (637 किमी) प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस वे के लिए भी बजट में 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उल्लेखनीय है कि यह एक्सप्रेस वे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ेगा। मेरठ और प्रयागराज के अलावा इस एक्सप्रेस वे से हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ को भी जोड़ेगा। छह लेन के इस एक्सप्रेस वे को आठ लेन तक किया जा सकेगा।

बजट में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे बलिया और गोरखपुर को जोड़ने के लिए बलिया लिंक एक्सप्रेस वे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के भी निर्माण की घोषणा की गयी। प्रदेश की सभी एक लेन की सडक़ों को दो लेन करने और जरूरत के अनुसार फुटपाथ बनाने की भी घोषणा बजट में की गयी है। पुलों के निर्माण के लिए 2529 करोड़ रुपये का प्रावधान भी बजट में किया गया है।

सड़कों के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए भी मिली रकम
• ग्रामीण मार्गों के निर्माण, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 2305 करोड़ रुपये।
• राज्य सड़क निधि के लिए 1500 करोड़ रुपये।
• पीडब्लूडी की दो लाख किमी. से अधिक की सड़कों के रखरखाव के लिए 3524 करोड़ रुपये।
• विश्व बैंक की मदद से प्रस्तावति उप्र कोर रोड नेटवर्क परियोजना के तहत मार्ग निर्माण कार्यों के लिए 830 करोड़ रुपये।
• एशियन डेवलपमेंट बैंक की मदद से प्रस्तावित उप्र मुख्य जिला विकास परियोजना के तहत मार्ग निर्माण के लिए 755 करोड़ रुपये।
• पूर्वांचल एवं बुंदेलखंड के विकास को और गति देने के लिए विशेष क्षेत्र कार्यक्रम के तहत पूर्वांचल निधि के लिए 300 करोड़ एवं बुंदेलखंड के लिए 210 करोड़ रुपये।
• हादसों में कमी लाने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में जरूरी कार्यों के लिए 39 करोड़ रुपये।

• नेपाल को जोडऩे वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुडऩे वाले सात जिलों में सडक़ निर्माण के लिए 14 करोड़ और भूमि अधिग्रहण के लिए 124 करोड़ रुपये।
• केंद्रीय मार्ग निधि योजना के तहत 2080 करोड़, शहरों में बाई पास, रिंग रोड, फ्लाई ओवर के लिए 170 करोड़ रुपये का प्रावधान भी बजट में किया गया है रुपये।

सरकार युवाओं को उद्यमी बनाएगी। इसके लिए बजट में मुख्यमंत्री अप्रेंटिस प्रोत्साहन और युवा उद्यमिता विकास के नाम से दो योजनाएं शुरू की गई हैं। अप्रेंटिस प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन के लिए सरकार ने बजट में 100 करोड़ रुपये और युवा उद्यमिता विकास के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

पहली योजना के तहत सरकार युवाओं को प्रदेश की लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम इकाईयों में प्रशिक्षण देगी। इस दौरान उनको हर माह 2500 रुपये का भत्ता भी दिया जाएगा। इस योजना के जरिए सरकार का लक्ष्य युवाओं का उनकी पसंद के विधा में दक्षता बढ़ाकर उनको स्वावलम्बी बनाना है।

प्रशिक्षित युवा अपना उद्यम स्थापित कर स्वावलम्बी बनें तथा अन्य लोगों को भी स्थानीय स्तर पर रोजगार दे सकें, इस मंशा से सरकार ने युवा उद्यमिता विकास योजना शुरू करने की घोषणा की है। इसके लिए हर जिले में युवा हब स्थापित होंगे। इनके जरिए इच्छुक युवाओं को परियोजना की परिकल्पना से लेकर साल भर तक उनके संचालन में मदद की जाएगी। विभिन्न रोजगार योजनाओं के तहत इसके लिए सरकार के पास 1200 करोड़ रुपये पहले से ही उपलब्ध हैं। इसके जरिए हर साल एक लाख युवाओं को स्वावलम्बी बनाने का लक्ष्य है।

गौरतलब हो कि योगी सरकार का पहला बजट किसानों को समर्पित था, दूसरा बजट औद्योगिक विकास पर फोकस रहा, तो तीसरे बजट में महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया गया। वहीं इस बार के यानी चौथे बजट में सरकार ने युवाओं को केंद्र में रखा है।

योगी सरकार ने बजट में काशी और अयोध्या पर पूरा फोकस किया है। बजट में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के सुंदरीकरण और विस्तारीकरण के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसी तरह काशी में सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना के लिए 170 करोड़, काशी हिंदू विश्वविद्यालय में वैदिक विज्ञान केंद्र की स्थापना के लिए 18 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

अयोध्या में प्रस्तावित एयरपोर्ट के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये के अलवा पर्यटकों के लिए बेहतरीन बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 85 करोड़, तुलसी स्मारक भवन के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। गोरखपुर के रामगढ़ ताल में वॉटर स्पोर्टस के विकास के लिए बजट में 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

बजट में महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों पर हेलीपोर्ट निर्माण के अलावा 46 प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास, हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर को विकसित करने की भी घोषणा की गई है। मालूम हो कि सरकार पहले ही गढ़मुक्तेश्वर को हरिद्वार के हर की पैड़ी के तर्ज पर विकसित करने की घोषणा कर चुकी है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नारा है ‘पर ड्राप मोर क्राप’। इसका मकसद हर खेत तक पानी पहुंचाना है। उपलब्ध पानी का अधिकतम उपयोग हो इसके लिए सरकार का जोर इस बार के बजट में भी देखने को मिला। योगी सरकार की मंशा मौजूदा वित्तीय वर्ष में दशकों से लंबित सरयू नहर, मध्य गंगा नहर, द्वितीय चरण तथा अर्जुन सहायक परियोजनाओं को पूरा करना है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर हर खेत तक पानी पहुंचेगा। इसके मद्देनजर सरकार ने बजट में इन योजनाओं के लिए भरपूर पैसे का प्रावधान किया है।

खेतों की प्यास बुझाने के साथ ही सरकार की प्राथमिकता लोगों खासकर ग्रामीण आबादी को शुद्ध पेजयल उपलब्ध कराने की भी है। इसके लिए बजट में 3000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

सरयू नहर के लिए 1736 करोड़ रुपये
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस बार के बजट में जल शक्ति एवं नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के लिए भारी भरकम रकम की व्यवस्था की है। वर्षों से लंबित सरयू नहर परियोजना हेतु 1 हजार 554 करोड़ रुपये, मध्य गंगा नहर, द्वितीय चरण हेतु 1 हजार 736 करोड़ रुपये तथा अर्जुन सहायक परियोजना हेतु 252 करोड़ 65 लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। वहीं राजघाट नहर परियोजना, वॉटर सेक्टर रीस्ट्रक्चरिंग परियोजना तथा कनहर सिंचाई परियोजना हेतु क्रमश: 393 करोड़ रुपये, 296 करोड़ रुपये तथा 200 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। इसके अलावा बाढ़ नियंत्रण एवं जल निकासी परियोजनाओं हेतु 966 करोड़ रुपये तथा नहरों की क्षतिग्रस्त पक्की संरचनाओं के निर्माण कार्यों हेतु 300 करोड़ की व्यवस्था की गई है।

जल संचयन पर जोर
नि:शुल्क बोरिंग योजना, मध्यम गहरे नलकूप योजना तथा गहरी बोरिंग योजना को समेकित रूप से मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के नाम से क्रियान्वित किये जाने के लिए 216 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रदेश में बढ़ती हुई जनसंख्या के भविष्य की जल आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु 01 हेक्टेयर से 05 हेक्टेयर के तालाबों को पुनर्विकसित करने की आवश्यकता के दृष्टिगत वर्षा जल संचयन के लिये 48 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के घटक “हर खेत को पानी’’ के अन्तर्गत प्रदेश के 18 जनपदों के 69 विकासखण्डों जिनमें 750 मिलीमीटर से अधिक वर्षा होती है, वहां बोरिंग के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

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