
गिरीश पांडेय
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा (बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ) और गोरक्षपीठ की शक्ति (देवी) की उपासना की परंपरा के अनुसार उत्तर प्रदेश आने वाले पांच वर्षों में नारी सशक्तिकरण, स्वावलंबन और सुरक्षा की नजीर बनेगा। घर से लेकर बाहर तक किसी भी समय महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करेंगी। मानसिक रूप से और आर्थिक रूप से भी।
योगी सरकार-1 चूल्हे के धुएं के प्रदूषण से मुक्त कराने और किचन के काम को आसान करने के लिए 1.67 करोड़ से अधिक मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने,घर से बाहर सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड के गठन, मानसिक सुरक्षा एवं खुद में षजत होने का भाव जगाने के लिए पीएसी में महिला बटालियनों का गठन, पिंक बूथ, हर थाने पर महिला हेल्प डेस्क का गठन, पहली बार थाने के महिला पुलिस कर्मियों का गठन और अवंती बाई लोधी, उदा देवी एवं झलकारी बाई वीरांगना एवार्ड आदि योजनाओं के जरीर नारी सशक्तिकरण, सुरक्षा और स्वावलंबन का अभियान योगी सरकार-2 में भी जारी रहेगा।
मालूम हो कि 21 दिसंबर 2021 को तीरथ राज प्रयाग की धरती पर आयोजित “नारी शक्ति-देश की शक्ति” कार्यक्रम की शुरुआत की थी।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं सहायता समूह की 16 लाख महिलाओं के बैंक खातों में एक हजार करोड़ रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। यही नहीं इस दौरान 43 जिलों के 202 ब्लाकों में टेक होम राशन वितरण योजना के तहत स्थापित होने वाली पुष्टाहार उत्पादन इकाइयों का भी प्रधानमंत्री ने शिलान्यास किया। साथ ही बेटियों के हित में योगी सरकार द्वारा शुरू की गई बेहद महत्वाकांक्षी योजना “मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला” के तहत 1.01 लाख बेटियों (नए लाभार्थियों) के खातों में 20 करोड़ रुपये का ऑनलाइन ट्रांसफर भी प्रधानमंत्री ने किया।
ऐसा करके सरकार ने यह संकेत कर दिया था कि सत्ता में वापसी के बाद भी यह सिलसिला जारी रहेगा। बाद में चुनाव के ठीक पहले भाजपा की ओर से जारी लोककल्याण संकल्पपत्र-2022 में भी इस बाबत प्रतिबद्धता जताई गई थी। सरकार बनने के साथ इसकी शुरुआत भी हो चुकी हैं । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नवरात्रि के पहले दिन से ही पुलिस विभाग की ओर से महिला सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान इसीकी एक कड़ी है। बेटियों में सुरक्षा का भाव और मजबूत करने के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड को और सक्रिय करने का निर्देश भी सीएम की ओर से दिया जा चुका है।

सुरक्षा को लेकर सभी स्कूल, कॉलेजों पर एंटी रोमियो स्क्वॉड को सक्रिय किया जाए। 10 अप्रैल से शुरू होने वाले मिशन शक्ति के चौथे चरण की तैयारियों के लिए सभी विभागों को निर्देश दिए जा चुके हैं। लोककल्याण संकल्पपत्र- 2022 में भी इस बाबत किए गए वायदे और भारी बहुमत से सत्ता में ऐतिहासिक तरीके से वापसी के बाद इस बाबत योगी सरकार-2 की जवाबदेही भी बढ़ जाती है। साथ ही लोगों की उम्मीदें भी।
मालूम हो कि योगी सरकार-1 में बेटियों को लोग बोझ न मानें इसके लिए सरकार ने कन्या सुमंगला योजना शुरू की थी। संकल्पपत्र में भाजपा ने इस योजना के तहत दी जाने वाली मदद को 15000 रुपये से बढ़ाकर 25000 रुपये करने का वायदा किया है। इसी तरह किसी गरीब को अपनी बेटी के हाथ पीले करने के लिए पत्नी का गहन या पुशतैनी जमीन बेचना या बंधक न रखना पड़े इसके लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अब एक लाख रुपए तक कि वित्तीय मदद दी जाएगी।
होली-दीवाली पर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को रसोई गैस के एक-एक मुफ्त गैस सिलेंडर, 60 साल की उम्र से ऊपर की महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन में मुफ्त यात्रा, मेधावी छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत मुफ्त स्कूटी, 3000 अतिरिक्त पिंक बूथ, सार्वजनिक स्थानों और स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने जैसे वायदे किए गए हैं।
संकल्पपत्र में उक्त बातों के अलावा मिशन पिंक टॉयलेट के तहत 1000 करोड़ रुपए की लागत से सार्वजनिक स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, बेसहारा महिलाओं को प्रतिमाह मिलने वाली पेंशन बढ़ाकर 1500 रुपए करने, 5000 करोड़ रुपये की लागत से अवंती बाई लोधी स्वयं सहायता समूह मिशन शुरू कर इसके जरिए 5 लाख महिलाओं को स्वावलंबी बनाने, स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर एसएचजी कार्ड और कार्ड धारकों को उदार शर्तों पर एक लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराने की भी बात कही गई है।
यही नहीं पीए सी में महिला बटालियनों की संख्या दोगुनी करने, महिला एथलीटों को प्रोत्साहित करने के लिए 5 लाख तक वित्तीय मदद देने और लोकसेवा आयोग से मिलने वाली नोकरियों में महिलाओं की संख्या दो गुनी करने जैसे वायदे भी किए गए हैं। महिलाओं को सशक्त एवं स्वावलंबी बनाने और उनमें सुरक्षा का भाव जगाने के लिए “मिशन शक्ति” योगी सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। दो साल पहले शारदीय नवरात्र में शक्ति पीठ देवीपाटन (तुलसीपुर) से इसकी शुरुआत कर एक बड़ा संदेश दिया। दरअसल योगी आदित्यनाथ गोरखपुर की जिस गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर हैं, उसमें नारियों का बेहद सम्मान रहा है। लिहाजा उनके लिए
मुख्यमंत्री बनने के बहुत पहले से ही अबला को सबला बनाना महज नारा नहीं, संकल्प रहा है ।हर साल दोनों नवरात्रि में पीठ में इसका जीवंत स्वरूप भी दिखता है। रोज की खास पूजा के बाद नवरात्रि के अंतिम दिन कन्या पूजन से इसका समापन होता है। खुद पीठाधीश्वर के रूप में मुख्यमंत्री कन्यायों का पांव पखारते हैं। उनको भोजन कराते हैं और दक्षिणा देकर विदा करते हैं। यह खुद में नारियों के प्रति सम्मान का एक बहुत बड़ा संदेश है।
इसके अलावा महिलाओं की शिक्षा और स्वालंबन पर भी पीठ का खासा फोकस रहा है। पीठ की ओर से संचालित शैक्षिक प्रकल्प महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद कई दशकों से आधी आबादी के शैक्षिक पुनर्जागरण और आर्थिक स्वावलंबन का अलग-अलग तरीकों से पूरे पूर्वांचल में अलख जगा रहा है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के शिक्षण संस्थाओं में से कई में बालिकाओं के लिए सह शिक्षा (को-एजूकेशन) की व्यवस्था है। आठ ऐसे शिक्षण संस्थान हैं जो विशेष तौर पर बालिकाओं की शिक्षा और उनके स्वावलंबन के लिए ही समर्पित हैं।
महाराणा प्रताप बालिका इंटर कॉलेज, महाराणा प्रताप महिला पीजी कॉलेज, महाराणा प्रताप टेलरिंग कॉलेज, दिग्विजयनाथ बालिका पूर्व माध्यमिक विद्यालय, महाराणा प्रताप मीराबाई महिला छात्रावास, दिग्विजयनाथ महिला छात्रावास, गुरु श्रीगोरक्षनाथ स्कूल ऑफ नर्सिंग, योगिराज बाबा गम्भीरनाथ निशुल्क सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र जैसे संस्थानों से प्रतिवर्ष हजारों बालिकाएं अपने जीवन पथ पर ससम्मान आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद भी पीठ की परंपरा के अनुसार विभिन्न योजनाओं के जरिये अबला कही जाने वाली नारी को वह सबला बनाने को पूरी शिद्दत और संजीदगी से प्रयासरत हैं।



