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अप्रैल में ऑटो बाजार में क्या हुआ ऐसा? 26 लाख पार पहुंची बिक्री, हर कोई हैरान

नई दिल्ली में जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में देश में वाहनों की खुदरा बिक्री 12.94 प्रतिशत बढ़कर 26.11 लाख से अधिक हो गई। फाडा की रिपोर्ट के मुताबिक दुपहिया, यात्री वाहन, तिपहिया और ट्रैक्टर सभी श्रेणियों में मजबूत वृद्धि दर्ज हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर नकदी प्रवाह, रबी फसल और विवाह सीजन ने मांग को बढ़ावा दिया। हालांकि इलेक्ट्रिक दुपहिया की हिस्सेदारी थोड़ी घटी है, फिर भी कुल बाजार में सकारात्मक रुझान जारी है और आने वाले महीनों के लिए बेहतर संकेत मिल रहे हैं।

नयी दिल्ली : घरेलू बाजार में वाहनों की मांग में पिछले कुछ समय से जारी तेजी वित्त वर्ष 2026-27 में भी बरकरार रही और अप्रैल में वाहनों की खुदरा बिक्री करीब 13 प्रतिशत सालाना बढ़कर 26.11 लाख के पार पहुंच गयी।वाहन डीलरों के शीर्ष संगठन फाडा द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष के पहले महीने में देश में कुल 26,11,317 वाहन बिके। यह आंकड़ा इस साल मार्च की तुलना में 3.01 प्रतिशत कम है जबकि पिछले साल अप्रैल के मुकाबले 12.94 प्रतिशत अधिक है।

फाडा के उपाध्यक्ष साई गिरिधर ने बताया कि छह में से पांच वाहन श्रेणियों में अप्रैल महीने का नया रिकॉर्ड बना है। इससे स्पष्ट होता है कि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही में संरचनात्मक मांग में तेजी आयी थी, वह नये वित्त वर्ष में भी जारी है।रिपोर्ट के मुताबिक, यात्री वाहनों की बिक्री सालाना आधार पर 12.21 प्रतिशत बढ़कर 4,07,355 इकाई पर पहुंच गयी। दुपहिया की बिक्री में 13.01 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और यह 19,16,258 इकाई दर्ज की गयी।

फाडा वाहनों के पंजीकरण के आंकड़ों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करता है। उसने बताया कि अप्रैल में तिपहिया की बिक्री 7.19 प्रतिशत और वाणिज्यिक वाहनों की 15.02 प्रतिशत बढ़ी। डीलरों ने कुल 1,06,908 तिपहिया और 99,339 वाणिज्यिक वाहन बेचे। ट्रैक्टरों की बिक्री भी 23.22 फीसदी बढ़कर 75,109 इकाई पर पहुंच गयी।एक मात्र श्रेणी जिसमें गिरावट देखी गयी है, वाणिज्यिक उपकरणों का रहा। इनकी बिक्री 2.25 प्रतिशत घटकर 6,348 इकाई रह गयी।

श्री गिरिधर ने दुपहिया वाहनों की बिक्री के बारे में कहा कि मांग व्यापक रही और शहरी क्षेत्र में 14.07 प्रतिशत तथा ग्रामीण बाजारों में 12.30 प्रतिशत की साल-दर-साल वृद्धि दर्ज की गयी। डीलरों ने इस प्रदर्शन का श्रेय अच्छी रबी फसल के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर नकदी उपलब्धता, मई-जून तक चलने वाले विवाह सीजन के प्रभाव और जीएसटी 2.0 ढांचे को दिया है।उन्होंने बताया कि कुछ कम्यूटर और प्रीमियम मॉडलों में आपूर्ति संबंधी बाधाओं ने इस रफ्तार को थोड़ा प्रभावित किया। इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहनों की हिस्सेदारी मार्च के 9.79 प्रतिशत से घटकर अप्रैल में 7.76 प्रतिशत रही।

मार्च में कुछ प्रोत्साहनों के समाप्त होने से पहले की खरीदारी के कारण यह अधिक थी, फिर भी यह वित्त वर्ष 2025-26 के औसत 6.5 प्रतिशत से काफी ऊपर रही।फाडा ने बताया कि यात्री वाहनों (कार, उपयोगी वाहन और वैन) की बिक्री ग्रामीण बाजार में 20.40 प्रतिशत बढ़ी जो शहरी क्षेत्रों की 7.11 प्रतिशत की वृद्धि से लगभग तीन गुना है। यह दिखाता है कि व्यक्तिगत मोबिलिटी अब टियर-3 शहरों और ग्रामीण भारत तक तेजी से फैल रही है। (वार्ता)

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