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उत्तर प्रदेश ने एसडीजी इंडेक्स में लगाई विकास की छलांग, 29वें से 18वें स्थान पर पहुंचा प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले- “यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, हर नागरिक की जिंदगी में आया बदलाव है”.मुख्यमंत्री ने कहा- सही डेटा ही बन सकता है नीति निर्धारण की बुनियाद.

  • एसडीजी में यूपी का ऐतिहासिक प्रदर्शन, ‘परफॉर्मर’ से ‘फ्रंट रनर’ की श्रेणी में पहुंचा प्रदेश
  • हर घर जल-बिजली, कन्या सुमंगला और मिशन शक्ति बनीं एसडीजी लक्ष्यों की सफलता की रीढ़

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में वैश्विक मानकों पर आधारित सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के सापेक्ष उत्तर प्रदेश की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप प्रदेश ने सतत विकास के हर क्षेत्र में ठोस प्रगति की है। यह उपलब्धि केवल स्कोर का मामला नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने वाले परिवर्तन की पुष्टि है।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2018-19 में 42 अंकों के साथ ‘परफॉर्मर’ श्रेणी में शामिल उत्तर प्रदेश ने 2023-24 तक 25 अंकों की वृद्धि के साथ 67 का स्कोर हासिल कर ‘फ्रंट रनर’ राज्यों की श्रेणी में प्रवेश किया है। 2018-19 में एसडीजी इंडेक्स में 29वें स्थान पर रहा उत्तर प्रदेश आज 2023-24 में 18वें स्थान पर आ गया है। यह प्रगति इस अवधि में किसी भी राज्य द्वारा प्राप्त सबसे बड़ी छलांग है। एसडीजी इंडिया इंडेक्स में किसी एक राज्य द्वारा किया गया यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नीतिगत स्पष्टता, योजनाओं के ठोस क्रियान्वयन और व्यापक जनसहभागिता का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाई गई योजनाएं, जैसे; हर घर जल, हर घर बिजली, कन्या सुमंगला, पोषण अभियान, मुख्यमंत्री आरोग्य योजना, मिशन शक्ति, प्रधानमंत्री आवास योजना, मिशन कायाकल्प और ओडीओपी ने एसडीजी लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाई है। इन योजनाओं के माध्यम से आम जन का जीवन बदला है और व्यवस्था में भरोसा बढ़ा है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बेटियों की शिक्षा और महिलाओं की सुरक्षा-सशक्तिकरण को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति जैसे अभियानों ने सामाजिक चेतना को नई दिशा दी है। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच और ग्रामीण इलाकों में पोषण संबंधी सुधारों का भी विशेष उल्लेख किया गया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सतत विकास लक्ष्यों को जमीनी स्तर पर मिशन मोड में लागू किया जाए। ग्राम पंचायतों तक हर योजना की जानकारी पहुंचे, और यह सुनिश्चित किया जाए कि अंतिम लाभार्थी तक उसका प्रभाव समय पर पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि एसडीजी लक्ष्यों की प्राप्ति हर विभाग, हर ज़िले और हर पंचायत का साझा दायित्व है।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी विशेष बल दिया कि वास्तविक प्रगति का आकलन तभी संभव होगा जब सही डेटा समय पर और सटीक रूप में संकलित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिलों की एसडीजी प्रोफाइल बनाएं, उसे सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा कि “डेटा सिर्फ रिकॉर्ड नहीं है, यह नीतिगत फैसलों की नींव है; गलत या अधूरा डेटा न तो सही स्थिति दर्शाता है और न ही सही योजना को दिशा दे सकता है।”

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