वाराणसी। अलग-अलग जगहों पर मेडिकल संचालक समेत चार की मौत हो गयी। तीन की ट्रेन से कटने पर तो वहीं एक ट्रक की चपेट में आया। चारों शव को पुलिस ने आगे की कार्रवाई में पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया ।
चौबेपुर थानाक्षेत्र के गरथौली गांव निवासी अजय यादव (15) सोमवार को घर से किसी काम के लिए घर से निकला उसी रात लौटते वक्त राजवारी कादीपुर रेलवे स्टेशन दुर्गवा गांव के पास ट्रेन की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गयी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को सूचित कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। दूसरी तरफ सीवों बनवासी निवासी दीपक (20) किसी बात को लेकर घर से नाराज होकर निकला था और कादीपुर सारनाथ के बीच पर्वतपुर गांव के पास ट्रेन से कटकर जान दे दी।
घटना की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मृतक के पिता की माने तो उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। तीन भाइयों में छोटा और अविवाहित था। आशापुर रेलवे क्रासिंग के पास कठवतिया थाना-शिवपुर निवासी सुनील पटेल (40) ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। सुनील का नवलपुर, चांदमारी में मेडिकल स्टोर है। 10 अप्रैल की रात वह घर से ये कहकर निकला था कि किसी पार्टी में जा रहा है। मंगलवार की भोर लगभग दो बजे आशापुर रेलवे क्रासिंग के पास बाइक खड़ी की और ट्रेन के सामने कटकर आत्महत्या कर ली।
मौके पर पहुंची पुलिस ने उसके आधार कार्ड से शिनाख्त की और परिजनों को सूचित कर शव को पीएम के लिए भिजवाया जंसा के भडाव गांव निवासी बबलू (45) मंगलवार को बाइक से लौट रहा था। सजोई गांव के सामने रिंग रोड पर पहुंचा उसे अनियंत्रित ट्रक ने रौंद दिया। घटना स्थल पर ही उसकी मौत हो गयी। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन समेत भाग निकला। बबलू तीन भाइयों में सबसे बड़ा था।



