वाराणसी में 4 लाख डस्टबिन मुफ्त, जानिए किसे मिलेगा फायदा
17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर वाराणसी नगर निगम दो लाख परिवारों को चार लाख डस्टबिन निःशुल्क वितरित करेगा, जिससे घर-घर गीले और सूखे कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित हो सके। साथ ही 'त्वरित-समाधान स्मार्ट पायलट प्रोजेक्ट' का विस्तार 50 वार्डों तक किया जाएगा। व्हाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से दर्ज शिकायतों का अधिकतम चार घंटे में जीपीएस आधारित पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
वाराणसी : नगर निगम 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस को यादगार बनाने के लिए शहर की स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। वर्ष 2014 में काशी से ही देश भर को स्वच्छता का नया संदेश देने वाले प्रधानमंत्री की प्रेरणा से निगम इस बार शहर के दो लाख भवन स्वामियों को चार लाख डस्टबिन मुफ्त बांटने जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक परिवार को दो-दो डस्टबिन (हरा और नीला) दिए जाएंगे, ताकि घर-घर से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग उठाया जा सके।
निगम की इस पहल के तहत कचरे के वर्गीकरण में सहूलियत होगी। इसमें हरे डस्टबिन का इस्तेमाल फल, सब्जियां, पत्ते, छिलके और बचे हुए खाने जैसे गीले कचरे के लिए किया जाएगा। नीले डस्टबिन में प्लास्टिक बोतलें, चिप्स के रैपर, चप्पलें, कागज और कांच जैसी सूखी सामग्री रखी जाएगी। स्वच्छता अभियान के साथ ही निगम बुनियादी सुविधाओं के त्वरित समाधान पर भी तेजी से काम कर रहा है। गत 21 जुलाई से गंगा तटवर्ती क्षेत्रों के 25 वार्डों में शुरू किए गए ‘त्वरित-समाधान स्मार्ट पायलट प्रोजेक्ट’ को अब दूसरे चरण में और विस्तार दिया जा रहा है। 17 सितंबर से इसमें 25 और नए वार्डों को जोड़ दिया जाएगा, जिसके बाद शहर के कुल 50 वार्डों में छह विभागों से जुड़ी 14 प्रमुख समस्याओं का समाधान अधिकतम चार घंटे के भीतर किया जाएगा। इस व्यवस्था को पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने के लिए वाट्सएप चैटबॉट प्रणाली लागू की गई है।
नागरिक अपनी शिकायत सीधे वाट्सएप नंबर (8601872601) पर दर्ज करा सकते हैं। मैसेज भेजने के बाद सिस्टम स्वचालित रूप से शिकायत को मास्टर डेटाबेस से मिलाकर संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारी के मोबाइल ऐप पर लाइव फोटो और जीपीएस लोकेशन के साथ भेज देता है। शिकायत दर्ज होते ही नागरिक को टिकट आईडी मिल जाती है। इसके बाद आवंटित अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्या को ठीक करता है और अपने विभागीय एप से समाधान की फोटो खींचता है। यह एप फोटो के साथ मौजूदा जीपीएस कोऑर्डिनेट्स और समय को ऑटो-लॉक कर देता है। बैकएंड सिस्टम द्वारा पुष्टि होते ही शिकायत का स्टेटस पेंडिंग से क्लोज हो जाता है और नागरिक को तुरंत इसकी सूचना मिल जाती है।
“काशी से प्रधानमंत्री जी ने पूरे देश को स्वच्छता की प्रेरणा दी थी। उनके जन्मदिवस पर हम न केवल शहर में चार लाख डस्टबिन बांटकर स्वच्छता को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि त्वरित-समाधान व्यवस्था का दायरा बढ़ाकर 50 वार्डों तक कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य नागरिक समस्याओं का चार घंटे में समाधान सुनिश्चित करना है।”
-अशोक कुमार तिवारी, महापौर
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