
सोमवार को आकाश में दिखेगी गुरु की विशालता
गुरु और सूर्य के बीच पहुंचेगी पृथ्वी, तीनों एक सीध में होंगे
भोपाल । सोमवार से नवरात्रि पर्व की शुरुआत हो रही है। इस बार नवरात्रि की पहली शाम बेहद खास बनने जा रही है। सोमवार को जब पश्चिम में सूर्य अस्त हो रहा होगा, तब सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति या गुरु (जुपिटर) पूर्व दिशा में अपनी विशालता के साथ उदित हो रहा होगा। यानी इस दौरान गुरु बृहस्पति अपनी विशालता के साथ आकाश में चमकते हुए दिखेंगे।
राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने सोमवार को बताया कि जुपिटर एट अपोजिशन की खगोलीय घटना के कारण ऐसा होगा, जिसमें सूर्य की परिक्रमा करती हुई पृथ्वी, सूर्य और बृहस्पति के बीच पहुंच रही है, जिससे तीनों एक सीध में होंगे।
उन्होंने बताया कि यह घटना इसलिए विशेष महत्व रखती है कि 1963 के बाद जुपिटर पृथ्वी से इतनी निकटता पर होगा, जिससे 2017 को इसके दिखे आकार की तुलना में यह 11 प्रतिशत बड़ा और लगभग डेढ़ गुना अधिक चमकीला दिखेगा। इसकी पृथ्वी से दूरी 59 करोड़ किलोमीटर से कुछ अधिक होगी और इसका प्रकाश पृथ्वी तक आने में 33 मिनट लगेंगे। यह मीन तारामंडल में दिखेगा और माईनस 2.9 मैग्नीट्यूड से चमक रहा होगा।
सारिका ने बताया कि पृथ्वी के सूर्य की परिक्रमा करते रहने के कारण हर 13 माह में जुपिटर एट अपोजीशन की घटना होती है। अगली घटना 2 नवम्बर 2023 को होगी। अगर आपके पास टेलिस्कोप या बाइनाकुलर है तो इसकी मदद से आप जुपिटर के चार चंद्रमा को भी देख पाएंगे। वैसे जुपिटर के अब तक 80 चंद्रमा खोजे जा चुके हैं, जिनमें से 57 का नामकरण हो चुका है। तो इस खगोलीय घटना का लुत्फ उठाइए और विशाल गुरु के दर्शन के साथ नवरात्रि की शुरुआत कीजिए।(हि.स.)



