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10 साल से काशी पर बोझ बना कूड़े का पहाड़ अब होगा गायब, यहां बनेगा हरियाली का नया संसार

वाराणसी के करसड़ा डंपिंग ग्राउंड में पिछले एक दशक से जमा 12.64 लाख मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण का कार्य शुरू हो गया है। नगर निगम 53.15 करोड़ रुपये की लागत से बायोमाइनिंग तकनीक के जरिए कचरे को खत्म करेगा। डेढ़ वर्ष बाद 25 एकड़ क्षेत्र में मियावाकी तकनीक से सघन जंगल विकसित किया जाएगा। महापौर अशोक तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने इसे ‘स्वच्छ काशी-सुंदर काशी’ अभियान की बड़ी उपलब्धि बताया।

वाराणसी : काशी के लिए राहत भरी खबर है। करसड़ा स्थित डंपिंग ग्राउंड में पिछले एक दशक से जमा कूड़े के पहाड़ से शहर को जल्द ही मुक्ति मिल जाएगी। नगर निगम ने इसके निस्तारण की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू कर दी है। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने विधिवत शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गत 28 अप्रैल को इस परियोजना का सूत्रपात किया गया था, जिसे आज धरातल पर उतारा जा रहा है। अगले डेढ़ वर्ष में यह स्थान कूड़े के ढेर के बजाय एक सघन वन के रूप में नजर आएगा ।

कहा कि करसड़ा डंपिंग ग्राउंड में पिछले दस वर्षों से करीब 12.64 लाख मीट्रिक टन कूड़ा जमा है, जो आसपास के पर्यावरण और निवासियों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ था। नगर निगम ने इस कचरे को वैज्ञानिक तरीके से खत्म करने का जिम्मा उठाया है।

इसके लिए 53.15 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे ‘बायोमाइनिंग’ प्रक्रिया के माध्यम से कूड़े को छांटकर उसका उचित निस्तारण किया जाएगा। कूड़े के पहाड़ के पूरी तरह साफ होने के बाद, खाली होने वाली 25 एकड़ भूमि को बेकार नहीं छोड़ा जाएगा। निगम ने यहां जापान की प्रसिद्ध ‘मियावाकी’ तकनीक का उपयोग करके सघन जंगल विकसित करने की योजना बनाई है। इससे न केवल शहर का ‘कार्बन फुटप्रिंट’ कम होगा, बल्कि यह क्षेत्र एक पर्यावरण-अनुकूल हरित पट्टी के रूप में उभरेगा, जो स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगा।

आज नफरत, कल महसूस होगा सुकून : दयालु

आयुष राज्यमंत्री, स्वतंत्र प्रभार डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’।ने कहा कि जो लोग आज इस कूड़े के पहाड़ से नफरत करते हैं, वही डेढ़ साल बाद यहां बने बगीचे में सुकून महसूस करेंगे। उन्होंने कहा कि आज बनारस में कूड़े से चारकोल और बिजली बनाने का कार्य भी सफलतापूर्वक हो रहा है।

एक सुरक्षित और स्वच्छ बनेगा धरोहर : पूनम मौर्या

जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या ने कहा कि फिलहाल यहां की हवा में दुर्गंध है, लेकिन इस परियोजना से आने वाली पीढ़ियों के लिए यह स्थान एक सुरक्षित और स्वच्छ धरोहर बनेगा।

निगरानी ड्रोन के माध्यम से होगी निगरानी : हिमांशु नागपाल

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शहर में प्रतिदिन औसतन 1200 से 1300 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, जिसका वर्तमान में शत-प्रतिशत निस्तारण किया जा रहा है। करसड़ा का यह प्रयास शहर को ‘स्वच्छ काशी-सुंदर काशी’ बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। इको स्टैन इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी द्वारा ‘बायोमाइनिंग’ तकनीक के जरिए कूड़े का निस्तारण किया जा रहा है। इसके लिए विशेष ‘क्लीमैन मशीन’ का उपयोग किया जा रहा है और पूरी प्रक्रिया की निगरानी ड्रोन के माध्यम से की जाएगी। कहा कि करसड़ा की यह हरित पट्टी न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय आबोहवा को भी शुद्ध करेगी। इसके अतिरिक्त इस प्रक्रिया सेनिगम को कार्बन क्रेडिट के माध्यम से लगभग 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने की भी संभावना है।

संचालन अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र ने किया। इस अवसर पर उपसभापति नरसिंह दास, सुरेश चौरसिया, प्रवीन राय, अमरदेव यादव, प्रमोद राय, कुसुम पटेल, सीमा वर्मा, मंजू कन्नौजिया, बेबी कुमार, श्रवण कुमार गुप्ता, अशोक कुमार मोर्या, रविंद्र क्रुमार सिंह, अजय बिंद, विवेक जायसवाल, हनुमान प्रसाद, प्रमोद राय, मदन मोहन दुबे, शुभा वर्मा, मदन मोहन तिवारी, बलराम कन्नौजिया सहित बड़ी संख्या में पार्षद उपस्थित रहे।

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