गोरखपुर में राप्ती नदी में डूब रहे युवक के लिए फरिश्ता बने पीएसी जवान, सकुशल बचाया
गोरखपुर के नौसढ़ रामघाट पर राप्ती नदी में डूब रहे युवक की जान 26वीं वाहिनी पीएसी के बाढ़ राहत दल ने बचा ली। संतकबीरनगर के धनघटा निवासी उमेश कुमार ने शुक्रवार शाम नदी में छलांग लगा दी थी। डूबने की सूचना मिलते ही हेड कांस्टेबल महात्म प्रसाद के नेतृत्व में जवान मोटरबोट से नदी में उतरे और कुछ ही समय में युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बाद में उसे स्थानीय पुलिस के सुपुर्द किया गया। जवानों की तत्परता और साहस की सराहना हुई।
गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए योगी सरकार ने राहत और बचाव कार्यों के लिए प्रशासन को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में राहत दलों की तैनाती, मोटरबोट समेत आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और जवानों को बचाव कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन तैयारियों का असर गोरखपुर में उस समय देखने को मिला, जब राप्ती नदी में डूबते एक युवक के लिए बाढ़ राहत दल के जवान फरिश्ता बनकर पहुंचे।
युवक ने नौसढ़ रामघाट से राप्ती नदी में छलांग लगा दी थी और देखते ही देखते गहरे पानी में डूबने लगा। मौके पर मौजूद 26वीं वाहिनी पीएसी के बाढ़ राहत दल ने बिना वक्त गंवाए मोटरबोट से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। जवानों की तत्परता, साहस और सूझबूझ से युवक को सकुशल नदी से बाहर निकाल लिया गया।
राप्ती नदी के रामघाट, नौसढ़ में शुक्रवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक ने आत्महत्या के इरादे से नदी में छलांग लगा दी। गहरे पानी में डूब रहे युवक की जान बचाने के लिए मौके पर मौजूद 26वीं वाहिनी पीएसी, गोरखपुर के बाढ़ राहत दल ने बिना देर किए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
बाढ़ राहत का प्रशिक्षण के दौरान चलाया बचाव अभियान
26वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर के मुताबिक संतकबीरनगर के धनघटा निवासी उमेश कुमार ने करीब शाम छह बजे राप्ती नदी में छलांग लगाई। उस समय रामघाट पर पीएसी का बी दल बाढ़ राहत प्रशिक्षण और ड्यूटी पर तैनात था। आरक्षियों को बाढ़ राहत का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। युवक को नदी में डूबता देख हेड कांस्टेबल महात्म प्रसाद ने तत्काल मोर्चा संभाला।
महात्म प्रसाद के नेतृत्व में टीम मोटरबोट लेकर तत्काल नदी में उतरी और डूब रहे युवक की तलाश शुरू की। टीम ने बेहद कम समय में युवक को सुरक्षित खोज निकाला। रेस्क्यू के बाद युवक को आवश्यक कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। अब उसकी स्थिति सामान्य है। इस साहसिक रेस्क्यू अभियान में हेड कांस्टेबल महात्म प्रसाद के साथ कांस्टेबल संजय कुमार गौतम, कृष्णचंद मौर्य, रमेश यादव, मनोज शुक्ला, जितेंद्र कुमार, रवि गौतम और धीरेंद्र गोंड शामिल रहे। बचाव दल की तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा की दलनायक तथा थाना राजघाट प्रभारी ने भी सराहना की।
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