
लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधायक राजूपाल हत्याकांड मामले में वांछित और पिछले 18 वर्ष से फरार चल रहे शूटर अब्दुल कवि ने बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।अब्दुल ने पुलिस को चकमा देते हुये लखनऊ में सीबीआई की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट याशा शर्मा की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत के आदेश पर अब्दुल कवि को न्यायिक हिरासत में लेते हुए सात अप्रैल तक के लिए जेल भेज दिया गया है। अब्दुल कवि राजू पाल हत्याकांड के बाद से लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रूपये का इनाम घोषित किया था।
विधायक राजू पाल को भरे बाजार दिन-दहाड़े गोलियों से भूनने सहित करीब आधा दर्जन संगीन अपराध अब्दुल कवि के नाम दर्ज हैं। वहीं बीते 24 फरवरी को चर्चित उमेश पाल हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था। इसके बाद से उसकी तलाश तेज हो गई थी। वहीं माफिया अतीक अहमद का शार्प शूटर अब्दुल कवि पर प्रयागराज रेंज के आईजी चन्द्र प्रकाश ने इनामी राशि बढ़ा दिया था। अब्दुल कवि पर पहले इनामी राशि 25 हजार रुपये रखी गई थी। जिसको रविवार को दोगुना कर दिया गया था। जिसके बाद से वह 50 हजार रुपये का इनामिया अपराधी घोषित कर दिया गया था।
प्रयागराज में 24 फरवरी को दिनदहाड़े हुए उमेश पाल और दो गनर सिपाहियों की हत्या में भी पुलिस को अतीक अहमद के इस शार्प शूटर अब्दुल कवि की तलाश थी। जब 3 मार्च को प्रयागराज में पुरामुफ्ती के अहमदपुर असरौली में अतीक के फाइनेंशर सहयोगी मासूकउद्दीन के नवनुर्मित घर पर बुल्डोजर गरज रहा था। उस दौरान अब्दुल कवि के कौशाम्बी जिले के भाखान्दा उपरहार गांव में उसके घर को भी जमीदोंज किया जा रहा था। सीबीआई ने 25 जनवरी को उनके उक्त घर पर नोटिस चस्पा किया था। 3 मार्च को ध्वस्तीकरण के दौरान पुलिस ने घर के अंदर से भारी मात्रा में असलहा बरामद किया था, जिसके आरोप में अब्दुल कवि के भाई को जेल भेजा जा चुका है।(वार्ता)



