प्रयागराज : राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के बाद सुर्खियों में आया माफिया अतीक अहमद के परिवार के हर उस सदस्य पर पुलिस ने इनाम घोषित कर रखा है जो जेल की चारदिवारी के बाहर खुले में सांस ले रहा है।एमपी/एमएलए विशेष कोर्ट से मंगलवार को अतीक को सश्रम आजीवन कारावास और एक लाख रूपए जुर्माने की सजा सुनायी है। अतीक पर अलग अलग थानों में 100 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। जरायम की दुनिया में कदम रखने के बाद 17 साल के अतीक पर सबसे पहले 1979 में मोहम्मद गुलाम की हत्या का मामला खुल्दाबाद थाने में दर्ज हुआ था। उसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
अतीक की पेशी के दौरान वकीलों ने की नारेबाजी
बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह और वकील उमेश पाल के अपहरण के मामले में विशेष अदालत में पेशी के लिये लाये गये अतीक अहमद को देख वकीलों ने जमकर नारेबाजी की।एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दिनेश चन्द्र शुक्ल की अदालत में ले जाने के लिये सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे। इसके बावजूद अदालत परिसर में व्याप्त आक्रोश के चलते सुरक्षा बलों को अतीक को अदालत परिसर में ले जाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। अतीक को फांसी दो के नारे लगाये गये। कुछ वकील जूते की माला भी लेकर आये थे जिन्हे कोर्ट परिसर में दाखिल नहीं होने दिया गया।(वार्ता)
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