
नई दिल्ली । नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने तैयारी शुरू कर दी है। इसपर करीब डेढ़ दर्जन राज्यों ने सुझाव तैयार करने का काम लगभग पूरा कर लिया है। वहीं शिक्षा मंत्रालय नई एजुकेशन पॉलिसी को लागू करने के लिए एक समीक्षा समिति और एक परिपालन समिति गठित करने जा रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल `निशंक` ने कुछ दिन पहले अपने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नई शिक्षा नीति-2020 को लागू करवाने के लिए रिव्यु मीटिंग की थी।
शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया, “ राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन में राज्य प्रमुख पक्षकार हैं और इस दिशा में सभी राज्य कार्य कर रहे हैं।” साथ ही बताया कि करीब डेढ़ दर्जन राज्यों ने इस दिशा में समिति गठित करके अध्ययन और सुझाव का काम पूरा कर लिया है। इस बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने नई शिक्षा नीति को लागू करवाने के लिए सभी पक्षकारों से 25 जनवरी 2021 तक सुझाव देने की अपील की है। हालांकि, राज्यों की ओर से भी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करवाने को लेकर तेजी से कदम उठाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करवाने को लेकर उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में समिति गठित करके कई बैठकें हुई हैं। इसमें प्राइमरी एजुकेशन, सेकंड्री एजुकेशन, टेक्निकल एजुकेशन, बिजनेस एजुकेशन और हायर एजुकेशन विभाग की ओर से नेशनल एजुकेशन पॉलिसी-2020 को लागू करवाने की दिशा में 150 पेज की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। नए एजुकेशन पॉलिसी को लागू कराने के लिए असम सरकार ने पिछले साल एक अगस्त को 40 सदस्यीय समिति की घोषणा की थी। इस समिति की कई बैठकें हो चुकी हैं और रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं अक्तूबर महीने में ओडिशा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का अध्ययन करने और सुझाव देने के लिए 6 उप समितियों और एक कार्यबल का गठन किया था।
कर्नाटक में पूर्व मुख्य सचिव एस पी रंगनाथ की अध्यक्षता वाले कार्यबल ने नई एजुकेशन पॉलिसी पर विचार करने के बाद मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा को रिपोर्ट सौंप दी है। पश्चिम बंगाल, केरल, मेघालय ने भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विचार करने के लिए समिति का गठन किया था। वहीं, गोवा सरकार ने भी नयी नीति पर विचार करने के लिये उप समितियों का गठन किया था और इस संबंध में रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। नई शिक्षा नीति को लागू करवाने के साथ-साथ कई राज्यों में सवालों का भी सामना करना पड़ा है। इनमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, दिल्ली, झारखंड जैसे राज्यों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर कुछ सवाल उठाये हैं.



