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ओमीक्रॉन और घरेलू कारकों से तय होगी बाजार की चाल

विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली को घरेलू संस्थागत निवेशकों की लिवाली द्वारा बेअसर करने वाले शेयर बाजार में बीते सप्ताह जहां मामूली तेजी रही वहीं अगले सप्ताह काेरोना के नये वेरिएंट ओमीक्रॉन और घरेलू कारकों से बाजार की चाल तय होगी क्योंकि अगले सप्ताह वैश्विक स्तर पर क्रिसमम अवकाश और नये वर्ष की छुट्टियों को लेकर अधिकांश देशों में कारोबार प्रभावित रहेगा।समीक्षाधीन अवधि में बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 112.57 अंकों की बढ़त लेकर 57124.31 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 18.55 अंकाें की मामूली बढ़त के साथ 17 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार 17003.75 अंक पर रहा।

इस दौरान छोटी और मझौली कंपनियों में मुनाफावसूली देखी गयी जिससे बीएसई का मिडकैप 184.88 अंक टूटकर 24357.27 अंक पर और स्मॉलकैप 88.65 अंक उतरकर 38266.55 अंक पर रहा।स्वास्तिक इवेंस्टमार्ट के शोध प्रमुख संतोष मीना ने कहा कि अगले सप्ताह बाजार पर महीने के अंत में वायदा एवं विकल्प सौदों के निपटान और घरेलू कारक हावी रहेंगें। हालांकि उन्होंने बाजार में तेजी रहने की उम्मीद जताते हुये कहा कि एनएसई का निफ्ट 17200 अंक तक जा सकता है और यदि इसका यह स्तर पार कर गया तो यह 17500 अंक को भी छू सकता है क्याेंकि हाल ही निफ्टी 16900 अंक के स्तर तक उतरने के बाद फिर से 17 हजारी हुआ है।

उन्होंने कहा कि बीते सप्ताह विदेशी संस्थागत निवेशकाें की बिकवाली जारी रही लेेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकाें की लिवाली ने इस बिकवाली को बेअसर कर दिया और बाजार में कुछ सधार देखने को मिला था। इस अवधि में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने जहां 6600 करोड़ रुपये की बिकवाली की है वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 6900 करोड़ रुपये की लिवाली की। इससे बाजार को बल मिला था।उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह गुरूवार को मासिक वायदा एवं विकल्प सौंदों का निपटान होगा और इसका असर बाजार पर दिख सकता है। वैश्विक स्तर पर क्रिसमस अवकाश के साथ ही नये वर्ष आगमन के अवसर पर अधिकांश प्रमुख सूचकांक वाले देशों में अवकाश से अंतरराष्ट्रीय कारकों का घरेलू बाजार पर प्रभाव काफी कम रहने की संभावना है।

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