रॉकेट लॉन्चर से लेकर लिट्टी-चोखा तक… UPITS में दिखा तकनीक और परंपरा वाला उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में प्रदेश की तकनीकी क्षमता, पारंपरिक विरासत और ग्रामीण उद्यमिता का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित ट्रेड शो में यूपी पुलिस की स्मार्ट पुलिसिंग, साइबर सुरक्षा तकनीक और आधुनिक उपकरण लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। वाराणसी के युवा का एआई आधारित ‘पेनटेस्टरेडार’ साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नवाचार की तस्वीर पेश कर रहा है। गोरखपुर का लिट्टी-चोखा और लहसुन वाले छोले समोसे, कन्नौज का पारंपरिक इत्र और मेरठ की आधुनिक खेती भी आकर्षण का केंद्र हैं। वहीं 75 जिलों की महिला उद्यमियों ने हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद और ग्रामीण कारोबार को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा दिखाई।
ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 केवल कारोबार और उत्पादों की प्रदर्शनी तक सीमित नहीं दिखाई दे रहा है, बल्कि यह प्रदेश में हो रहे तकनीकी, सामाजिक, कृषि और उद्यमिता संबंधी बदलावों को भी एक मंच पर सामने ला रहा है। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित ट्रेड शो में जहां यूपी पुलिस की स्मार्ट पुलिसिंग और आधुनिक तकनीक आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, वहीं वाराणसी के युवा का एआई आधारित साइबर सुरक्षा नवाचार, गोरखपुर के पारंपरिक व्यंजन, कन्नौज का इत्र, मेरठ की आधुनिक खेती और प्रदेश के 75 जिलों से आई महिला उद्यमियों के उत्पाद भी लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।
ट्रेड शो में एक तरफ अत्याधुनिक तकनीक और डिजिटल समाधान दिखाई दे रहे हैं तो दूसरी तरफ प्रदेश की पारंपरिक कला, खानपान, कृषि और ग्रामीण उद्यमिता को भी वैश्विक बाजार से जोड़ने की कोशिश नजर आ रही है। इस तरह यूपीआईटीएस-2026 में उत्तर प्रदेश की परंपरा और आधुनिकता दोनों एक साथ दिखाई दे रही हैं।
स्मार्ट पुलिसिंग देखने उमड़ रही भीड़, यूपी पुलिस का हाईटेक स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में उत्तर प्रदेश पुलिस का हाईटेक स्टॉल देशी-विदेशी आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ट्रेड शो के हाल नंबर चार में लगाए गए यूपी पुलिस के स्टॉल को पिछले तीन दिनों में 15 हजार से अधिक लोगों द्वारा विजिट किए जाने की जानकारी दी गई है। विदेशी मेहमानों के साथ देश के विभिन्न राज्यों से आए लोगों और युवाओं में उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली, तकनीकी संसाधनों और स्मार्ट पुलिसिंग को समझने की विशेष रुचि दिखाई दे रही है।
स्टॉल पर साइबर अपराध से निपटने के तरीकों से लेकर सड़क सुरक्षा, निगरानी और आधुनिक पुलिस उपकरणों की जानकारी दी जा रही है। यहां आने वाले युवाओं को बताया जा रहा है कि डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी जैसी घटनाओं से किस तरह बचा जा सकता है।
साइबर हेल्प डेस्क पर युवाओं की सबसे ज्यादा दिलचस्पी
पुलिस स्टॉल पर साइबर हेल्प डेस्क विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। उपनिरीक्षक स्तर के पुलिसकर्मी छात्रों और युवाओं को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों की जानकारी दे रहे हैं। टेलीग्राम और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाली ठगी को लेकर भी युवाओं ने कई सवाल पूछे। पुलिस द्वारा यू-फीड मशीन के बारे में बताया गया, जिसके जरिए अपराधियों के मोबाइल से डाटा निकालकर जांच में मदद मिलने की जानकारी दी गई।
स्पीड राडार गन और ब्रीद एनालाइजर ने खींचा ध्यान
स्टॉल पर ब्रीद एनालाइजर और स्पीड राडार गन भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। डीजी डायल 112 विनोद कुमार सिंह के अनुसार, वर्ष 2023 से ब्रीद एनालाइजर मशीन में कैमरे भी लगाए गए हैं। बॉडी वार्म कैमरा और मोबाइल डेटा टर्मिनल के जरिए पुलिस की निगरानी और कार्रवाई की तकनीक को भी प्रदर्शित किया गया है। बच्चों और युवाओं ने इन उपकरणों को नजदीक से देखकर इनके काम करने के तरीके को समझने में रुचि दिखाई।
रॉकेट लॉन्चर और रेस्क्यू रोबोट भी बने आकर्षण
यूपी पुलिस के एटीएस और एसटीएफ से जुड़े अत्याधुनिक उपकरण और हथियार भी प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें स्नाइपर राइफल्स, क्लोज क्वार्टर बैटल उपकरण, सामरिक संचार प्रणाली और बम निरोधक उपकरण शामिल हैं। स्टॉल पर डीआरडीओ निर्मित रॉकेट लॉन्चर भी प्रदर्शित किया गया है। स्रोत सामग्री के अनुसार इसकी मारक क्षमता दो किलोमीटर तक बताई गई है। इसके अलावा फायर फाइटिंग रोबोट और रेस्क्यू रोबोट भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हैं।
साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा, सीसीटीवी और फोरेंसिक तकनीक के विस्तार का दावा
ट्रेड शो में प्रदर्शित यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली में पिछले वर्षों में किए गए तकनीकी बदलावों को भी प्रमुखता से दिखाया गया है। सामग्री के अनुसार थानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा गया, साइबर अपराध से निपटने के लिए विशेष प्रकोष्ठ बनाए गए और महिला सुरक्षा के लिए 1090 विमेन पावर लाइन, पिंक बूथ तथा मिशन शक्ति जैसी पहल लागू की गईं। अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए सीसीटीवी नेटवर्क, आईटीएस प्रणाली और फोरेंसिक तकनीक के विस्तार को भी इस बदलाव का हिस्सा बताया गया है। संगठित अपराध से निपटने के लिए गैंगस्टर एक्ट और एनकाउंटर पॉलिसी के सख्त इस्तेमाल का भी उल्लेख किया गया है।
यूपीआईटीएस में वाराणसी के युवा का साइबर नवाचार, एआई आधारित ‘पेनटेस्टरेडार’ पर नजर
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में वाराणसी के युवा साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और एथिकल हैकर मृत्युंजय सिंह द्वारा विकसित किए जा रहे एआई आधारित साइबर सुरक्षा मंच ‘पेनटेस्टरेडार’ ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। स्टार्टअप के अनुसार, इसका उद्देश्य वेबसाइट, एप्लीकेशन और डिजिटल प्रणालियों में मौजूद संभावित सुरक्षा कमजोरियों की पहचान करना, उनकी गंभीरता समझना और उन्हें दूर करने के लिए रिपोर्ट तैयार करने में सहायता करना है।
पेटीएम संस्थापक ने भी देखा स्टार्टअप
पेनटेस्टरेडार को उस समय और चर्चा मिली जब पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने यूपीआईटीएस के उद्घाटन समारोह के बाद स्टॉल का दौरा किया। उन्होंने स्टार्टअप के बारे में जानकारी ली और बेहतर भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
एथिकल हैकिंग से स्टार्टअप तक का सफर
मृत्युंजय सिंह का साइबर सुरक्षा से जुड़ा सफर एथिकल हैकिंग से शुरू हुआ। उपलब्ध सामग्री के अनुसार उन्होंने विभिन्न डिजिटल प्रणालियों में सुरक्षा कमजोरियों की पहचान पर काम किया और नासा, एप्पल, गूगल तथा मेटा जैसी कंपनियों से जुड़े बग बाउंटी कार्यक्रमों में भी योगदान दिया। नासा की वेबसाइट में सुरक्षा खामी की पहचान को उनके साइबर सुरक्षा अनुभवों में प्रमुख उपलब्धि के तौर पर बताया गया है।
साइबर ठगी के पीड़ितों की मदद के लिए ‘शैतान सेना’
साइबर अपराध से प्रभावित लोगों की सहायता के उद्देश्य से उन्होंने ‘शैतान सेना’ नामक पहल शुरू की। इस दौरान साइबर ठगी के पीड़ितों के संपर्क में आने से उन्हें डिजिटल अपराध की जमीनी चुनौतियों को समझने का अवसर मिला।
360 फ्लैश ड्राइव से उत्पाद विकास की शुरुआत
साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उन्होंने ‘360 फ्लैश ड्राइव’ नामक डेटा स्टोरेज उपकरण पर भी काम किया। सामग्री के अनुसार इसके डिजाइन को भारतीय डिजाइन पेटेंट प्राप्त हुआ है और ब्रिटेन में भी डिजाइन स्वीकृति की जानकारी सामने आई है।
एमएसएमई आइडिया हैकाथॉन से मिली पहचान
मृत्युंजय सिंह के उद्यमी सफर में एमएसएमई आइडिया हैकाथॉन 4.0 को महत्वपूर्ण पड़ाव बताया गया है। उनके साइबर सुरक्षा उत्पाद की अवधारणा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली और प्रोटोटाइप व आगे के विकास के लिए करीब 15 लाख रुपये की नवाचार अनुदान राशि मिलने की जानकारी दी गई है।
10-15 दिन का काम करीब 15 मिनट में करने का लक्ष्य
पेनटेस्टरेडार को एआई आधारित स्वचालित प्रवेश-परीक्षण और सुरक्षा कमजोरी आकलन मंच बताया गया है। स्टार्टअप के अनुसार इसका उद्देश्य सुरक्षा जांच की प्रक्रिया को तेज करना है। मृत्युंजय सिंह के अनुसार पारंपरिक मैनुअल सुरक्षा जांच में लगने वाले कई दिनों के काम को स्वचालन और एआई के माध्यम से करीब 15 मिनट में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि सामग्री में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसे उपकरणों की वास्तविक उपयोगिता उनकी सटीकता, कमजोरियों की पहचान और विशेषज्ञ सत्यापन जैसे मानकों पर निर्भर करती है।
ढोलक-ढपली की थाप पर जेन-जी का संदेश, नुक्कड़ नाटक से जागरूकता
ग्रेटर नोएडा, 27 सितंबर। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में जहां उत्पादों और तकनीक की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र है, वहीं युवाओं का पारंपरिक नुक्कड़ नाटक भी लोगों को अपनी ओर खींच रहा है। ‘आवाज’ समूह के युवा अलग-अलग पवेलियन में पहुंचकर वहां प्रदर्शित विषयों से जुड़े सामाजिक संदेश नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रस्तुत कर रहे हैं। ढोलक-ढपली, गीत और संवाद के जरिए युवाओं ने ऊर्जा बचत, पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित व्यवहार जैसे मुद्दों को लोगों तक पहुंचाया।
सुरक्षित सेल्फी का संदेश
युवाओं ने ऊंचाई पर चढ़कर सेल्फी लेने के दौरान होने वाले हादसों के प्रति भी जागरूक किया। सोशल मीडिया के लिए तस्वीर और वीडियो बनाने के चक्कर में जोखिम उठाने से होने वाली दुर्घटनाओं को नाटक के माध्यम से सामने रखा गया।
सरकारी योजनाओं की जानकारी भी नाटक के जरिए
‘आवाज’ समूह ने समाज कल्याण विभाग की अभ्युदय योजना को भी अपनी प्रस्तुतियों में शामिल किया। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलने वाले अवसरों को पात्रों और संवाद के जरिए समझाया गया.समूह का नेतृत्व आईजीडीटीयू की छात्रा पीहू कर रही हैं। इसमें आरएमएल के पूर्व छात्र सूरज, अरविंदो कॉलेज के नितिन, नोएडा स्कूल ऑफ जर्नलिज्म की साखी और डीडीयू के अभिषेक शामिल हैं।
लिट्टी-चोखा और लहसुन वाले छोले समोसे ने विदेशी मेहमानों को भी किया आकर्षित
ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में गोरखपुर के पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू लोगों को अपनी ओर खींच रही है। फूड कोर्ट में ओडीओसी योजना से जुड़े लिट्टी-चोखा और लहसुन वाले छोले समोसे के स्टॉल पर लगातार भीड़ देखी जा रही है। आयोजकों के अनुसार विदेशी मेहमान भी इन पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद ले रहे हैं।
मेसर्स बाटी चोखा के गंगाधर दूबे के अनुसार शुक्रवार से रविवार तक तीन दिनों में लिट्टी-चोखा की करीब तीन लाख रुपये की बिक्री हुई। वहीं चंद्रकेश प्रजापति द्वारा लगाए गए लहसुन वाले छोले समोसे के स्टॉल पर भी भारी भीड़ पहुंच रही है। चंद्रकेश के मुताबिक कुछ लोगों ने दिल्ली में दुकान खोलने का सुझाव भी दिया है। उनके अनुसार ओडीओसी योजना ने स्थानीय व्यंजन को बड़े बाजार तक पहुंचने का अवसर दिया है।
1907 से चली आ रही पांचवीं पीढ़ी की विरासत में पारंपरिक इत्र के साथ ऑर्गेनिक उत्पाद भी
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में कन्नौज की सदियों पुरानी सुगंध परंपरा आधुनिक उत्पादों के साथ दिखाई दे रही है। वर्ष 1907 से सुगंध की परंपरा से जुड़े परिवार की पांचवीं पीढ़ी अब पारंपरिक इत्र को बदलती उपभोक्ता पसंद और प्राकृतिक जीवनशैली के अनुरूप प्रस्तुत कर रही है।स्टॉल पर गुलाब जल, पंचपुष्प जल, पंचपुष्प अत्तर, पारंपरिक अत्तर और एसेंशियल ऑयल्स के साथ ऑर्गेनिक हेयर और स्किन केयर उत्पाद तथा अरोमाथेरेपी आधारित सेल्फ-केयर गिफ्ट बॉक्स प्रदर्शित किए गए हैं।
अमरनाथ मिश्रा एंड कंपनी के प्रमुख अमिताभ मिश्रा ने बताया कि उत्पाद तैयार करते समय प्राकृतिक और ऑर्गेनिक फॉर्मुलेशन पर ध्यान दिया जाता है। कंपनी की पार्टनर डॉ. रत्ना मिश्रा के अनुसार ट्रेड शो में भागीदारी से बी2बी ग्राहकों से संपर्क और नए व्यावसायिक अवसरों की संभावना बढ़ी है।
छह करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जाने का दावा, डिजिटल हेल्थ और आधुनिक उपचार सेवाओं की भी प्रदर्शनी
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के हाल नंबर आठ में साचीज के पवेलियन में उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था और आयुष्मान योजना से जुड़ी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। ‘नई दिशा, नया संकल्प-आयुष्मान पीएमजेएवाई : बिल्डिंग हेल्थकेयर एक्सिलेंस इन उत्तर प्रदेश’ थीम पर आधारित पवेलियन में आयुष्मान कार्ड, डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की जानकारी दी जा रही है।
आठ गंभीर बीमारियों का इलाज योजना में शामिल
साचीज की सीईओ अर्चना वर्मा के अनुसार योजना में आठ गंभीर बीमारियों के उपचार को शामिल किया गया है। इनमें अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण, न्यूरो सर्जरी, ऑन्कोलॉजी, प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी, पीडियाट्रिक सर्जरी, बर्न मैनेजमेंट, ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी और यूरोलॉजी शामिल हैं।
एनएचसीएक्स का पायलट प्रोजेक्ट
पवेलियन में नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज का भी प्रदर्शन किया गया। सामग्री के अनुसार इसे दो सरकारी और दो निजी अस्पतालों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू किए जाने की तैयारी है। इसके साथ एआई आधारित क्लेम जांच, लाभार्थी डेटाबेस मैनेजमेंट पोर्टल, आयुष्मान सारथी ऐप, एआई आधारित फीडबैक और शिकायत निवारण व्यवस्था सहित डिजिटल स्वास्थ्य प्रणालियों को प्रदर्शित किया गया।
छह करोड़ आयुष्मान कार्ड का दावा
साचीज की सीईओ के अनुसार 9 सितंबर तक प्रदेश में छह करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके थे और 2.13 करोड़ से अधिक परिवार स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में लाए गए थे। 2 अगस्त तक 6,562 अस्पताल योजना से जुड़े होने की जानकारी दी गई, जिनमें 2,910 सरकारी और 3,652 निजी अस्पताल शामिल बताए गए।
पॉलीहाउस की शिमला मिर्च से फूल और शहद तक, ट्रेड शो में चमका मेरठ का कृषि कारोबार
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में मेरठ की आधुनिक खेती और कृषि आधारित उद्यमिता भी चर्चा में है। उद्यान विभाग के आउटलेट पर पॉलीहाउस में तैयार फसल, फूल और शहद के उत्पाद खरीदारों और आगंतुकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।जरबेरा, गुलाब, कमल ककड़ी, शिमला मिर्च और बैंगन जैसी फसलों को प्रदर्शित किया गया है।
सरधना तहसील के खेड़ा गांव निवासी रविन्द्र कुमार पांच एकड़ क्षेत्र में पॉलीहाउस के माध्यम से फल और सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। उनके अनुसार संरक्षित खेती के माध्यम से उनका सालाना कृषि कारोबार 29 लाख रुपये से अधिक पहुंच गया है। उनके पॉलीहाउस में 300 से 400 ग्राम तक वजन वाली पीली, हरी और लाल शिमला मिर्च तैयार हो रही है, जिसकी दिल्ली की आजादपुर मंडी में मांग बताई गई है।
फूलों के लिए कंपनियों ने किया संपर्क
रविन्द्र कुमार के अनुसार ट्रेड शो में जरबेरा और गुलाब के फूलों की आपूर्ति को लेकर कई इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों ने उनसे संपर्क किया है। कुछ कंपनियों के साथ एमओयू को लेकर भी बातचीत की गई है।
मेरठ के शहद की विदेशों में मांग
ट्रेड शो में मेरठ के रेनट्रॉव नैचुरल के शहद उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए हैं। युवा उद्यमी राखी अघेरा और उनके भाई भारत अघेरा के अनुसार उनकी कंपनी को पिछले वर्ष इंडोनेशिया, मलेशिया और वियतनाम से 46 टन शहद का ऑर्डर मिला था।
गांव की चौखट से ग्लोबल बाजार तक पहुंचा महिलाओं का हुनर, एक छत के नीचे दिखी यूपी की विविधता
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के 75 जिलों से आई महिला उद्यमियों ने ग्रामीण उद्यमिता की विविध तस्वीर पेश की है। आगरा की जरी-जरदोजी, अमरोहा के मसाले, अयोध्या की हर्बल चाय, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी, कन्नौज का इत्र, गोरखपुर की टेराकोटा ज्वेलरी और वाराणसी के कालीन तक एक ही मंच पर प्रदर्शित किए जा रहे हैं।यह भागीदारी केवल उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं है। महिला उद्यमियों को बड़े बाजार के ग्राहकों की पसंद समझने, पैकेजिंग और प्रस्तुति को देखने तथा अपने उत्पादों के लिए नए बाजार तलाशने का अवसर भी मिल रहा है।
हर जिले की अपनी पहचान
गोरखपुर की सरोज पाल टेराकोटा ज्वेलरी लेकर पहुंची हैं, जबकि सहारनपुर की सुधा सैनी लकड़ी के हस्तशिल्प और खिलौने प्रदर्शित कर रही हैं। प्रयागराज की तब्बसुम मकसूद मूंज के उत्पाद, प्रतापगढ़ की प्रज्ञा जायसवाल आंवला-मुरब्बा और आम का अचार तथा महोबा की रानी पीतल की मूर्तियां लेकर पहुंची हैं।
सिद्धार्थनगर की सरोज देवी केले के रेशे से तैयार बनाना फाइबर उत्पाद, सोनभद्र की मधुबाला हर्बल साबुन, शहद, फिनाइल और जूट बैग तथा खीरी की शफीका जूते, चप्पल और बेल्ट लेकर आई हैं।चित्रकूट के लकड़ी के खिलौने, बुलंदशहर की खुर्जा पॉटरी, कन्नौज का इत्र, मथुरा के टेराकोटा उत्पाद और ललितपुर के गोमय उत्पाद भी प्रदर्शनी की विविधता बढ़ा रहे हैं।
जूट से जरी तक, गांवों के उत्पादों की लंबी श्रृंखला
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार के अनुसार महिला समूहों की उद्यमशीलता अब केवल पारंपरिक हस्तशिल्प तक सीमित नहीं है। ट्रेड शो में जूट बैग, जरी साड़ी, चिकनकारी, हैंडलूम, कालीन, लकड़ी के खिलौने, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, शहद, मसाले, अचार-मुरब्बा, हर्बल उत्पाद और घरेलू उपयोग के सामान प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
वाराणसी की सीता देवी कालीन, फुटमैट और रनर लेकर पहुंची हैं। चंदौली की अंजू जरी-जरदोजी सिल्क, बनारसी साड़ी, सूट और दुपट्टे प्रदर्शित कर रही हैं। वहीं बाराबंकी की शशि माला चिकनकारी और आर्टिफिशियल आभूषण लेकर आई हैं।बलिया और जौनपुर की महिला उद्यमियों के क्लीनिंग उत्पादों से लेकर मुजफ्फरनगर के साबुन और हर्बल तेल तथा कौशाम्बी के अचार, देसी घी और अन्य उत्पाद भी इस ग्रामीण बाजार की विविधता दिखा रहे हैं।
बिक्री के साथ बाजार को समझने का अवसर
अरुण कुमार के अनुसार किसी उत्पाद को तैयार करना कारोबार की पहली सीढ़ी है, जबकि ग्राहक और बाजार तक पहुंच बनाना अगली बड़ी चुनौती है। ट्रेड शो महिला उद्यमियों को सीधे खरीदारों और ग्राहकों से जोड़ने का अवसर दे रहा है।बड़े आयोजन में भागीदारी से महिला उद्यमियों को बाजार की पसंद, पैकेजिंग, प्रस्तुति और उत्पादों को बड़े बाजार के अनुरूप तैयार करने की जरूरत को समझने का अवसर मिल रहा है।
यूपी के चारों क्षेत्रों की अलग पहचान
पश्चिमी यूपी: बागपत की दरी और हैंडलूम चादर, बुलंदशहर की खुर्जा पॉटरी, सहारनपुर का लकड़ी हस्तशिल्प और मेरठ के प्राकृतिक खाद्य उत्पाद।
अवध: अयोध्या की हर्बल चाय और लेमन ग्रास उत्पाद, लखनऊ का हैंडलूम तथा बाराबंकी की चिकनकारी और आर्टिफिशियल आभूषण।
पूर्वांचल: आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी, गोरखपुर की टेराकोटा ज्वेलरी, वाराणसी के कालीन और मऊ की सिल्क साड़ी।
बुंदेलखंड: चित्रकूट के लकड़ी के खिलौने, महोबा की पीतल मूर्तियां और झांसी के हस्तनिर्मित सजावटी सामान।
यूपीआईटीएस-2026 की इन अलग-अलग झलकियों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक बदलाव के कई आयाम एक साथ दिखाई देते हैं। एक ओर स्मार्ट पुलिसिंग और साइबर सुरक्षा जैसी अत्याधुनिक तकनीक है, तो दूसरी ओर लिट्टी-चोखा, इत्र, हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद और ग्रामीण महिला उद्यमिता जैसी पारंपरिक ताकतें हैं। ट्रेड शो में इन सभी को एक ही मंच पर बाजार, खरीदारों और देश-विदेश से आए आगंतुकों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है।
कांग्रेस-सपा जीतें तो पुरुषार्थ, हारें तो चुनाव आयोग दोषी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ



