
महंत बालक दास और संतोष दास का सरेंडर,मिली अंतरिम जमानत, रिहा किए गए
अन्याय प्रतिकार यात्रा बवाल
वाराणसी। अवनीश गौतम (एमपी-एमएलए) की अदालत में बुधवार को सात साल पुरानी अन्याय प्रतिकार यात्रा के मामले में महंत बालक दास और महंत संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा ने सरेंडर किया। कोर्ट ने महंत बालक दास और महंत संतोष दास की अंतरिम जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश दिया है। उनकी नियमित जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने पांच जनवरी की तिथि तय की है।
5 अक्टूबर 2015 को मैदागिन के टाउनहाल से गोदौलिया तक अन्याय प्रतिकार यात्रा निकाली थी। गोदौलिया चौराहे पर खड़ा एक सांड भड़क गया और गिरजाघर चौराहे की ओर भागा। इसके बाद वहां भगदड़ मच गई। भगदड़ देख चौक से गोदौलिया की ओर बढ़ रही अन्याय प्रतिकार यात्रा में शामिल लोग भी भागने लगे।
उन्हें लगा कि पुलिस ने यात्रा रोकी है और लाठीचार्ज कर दिया है। उसी बीच मौका पाकर उपद्रवियों ने पहले पुलिस बूथ फिर एक सरकारी जीप में आग लगा दी। मजिस्ट्रेट की जीप, फायर ब्रिगेड की गाड़ी व पुलिस की वैन और लगभग दो दर्जन बाइक आग के हवाले कर दी गईं। उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पहले लाठियां पटकीं।
इस घटना को लेकर दशाश्वमेध थाने में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, सतुआ बाबा आश्रम के महंत संतोष दास, पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर महंत बालक दास, पूर्व विधायक अजय राय, मंडुवाडीह थाने के हिस्ट्रीशीटर पंकज सिंह उर्फ डब्ल्यू राय, अरुण पाठक, अजय चौबे, अमरनाथ यादव उर्फ डब्बल और असित दास समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।



