
वाराणसी। अपर जिला जज पंचम मनोज कुमार तिवारी की अदालत ने युवक की हत्या के मामले में आरोपी प्रेमी दंपती सुजीत सिंह व दीप्ति सिंह और अनिल यादव को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।साथ ही आरोपितों पर दस दस हजार रुपया जुर्माना लगाया है।
एडीजीसी ओंकारनाथ तिवारी के मुताबिक सजा पाए दीप्ती सिंह का मृतक संजीत सिंह पहले प्रेम संबंध था, किसी आपराधिक मामले में संजीत सिंह जेल चला गया तब कोहासी चोलापुर निवासी दीप्ती का संबंध कैथोर चोलापुर निवासी सुजीत सिंह से हो गया। जेल से आने के बाद जब मृतक संजीत को दीप्ती व सुजीत के संबंधो और विवाह करने की जानकारी मिली तब संजीत को रास्ते से हटाने के लिए सुजीत व दीप्ती ने एक अन्य युवक इंद्रपुर बड़ागांव निवासी अभियुक्त अनिल यादव को दो लाख में मृतक संजीत को रास्ते से हटाने का ठेका दे दिया,अनिल और संजीत दोनों मित्र थे घटना वाले दिन अनिल संजीत को 18 नवंबर 2009 को अपने साथ ले गया और उसकी गोली मारकर हत्या करने के बाद शव को चोलापुर के मोहिनीडीह में सरसो के खेत में जमीन के अंदर गाड़ दिया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब गवाह बरखु चौहान खेत में गया तब देखा सरसो का पेड़ हटाकर ताजी मिट्टी में युवक का शव दफन किया गया था और हाथ बाहर निकला था, इस गवाह ने पुलिस को 21 नवंबर 2009 को सूचना दी अगले दिन अखबारों में खबर आने पर मृतक के भाई ने शिनाख्त की और एक प्राथिमिकी दर्ज कराई मृतक संजीत अभियुक्त अनिल के साथ अंतिम बार जाते हुए देखा गया था,जब अनिल को पुलिस ने गिरफ्तार किया तब खुलासा किया कि दो लाख का ठेका दीप्ती व सुजीत ने दिया था और उसकी हत्या कर दी,अभियंक्त अनिल के पास से पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त असलहा भी बरामद किया था मामले के एक अन्य आरोपी संतोष की पत्रावली अभी भी विचाराधीन है। अदालत ने विचारण के बाद युवा दम्पत्ति और अनिल को दोषी पाया और सजा सुना दी।



