वाराणसी में पालतू कुत्ता-बिल्ली रखना अब बिना रजिस्ट्रेशन पड़ेगा भारी, नगर निगम सख्त
वाराणसी नगर निगम ने पालतू कुत्तों और बिल्लियों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। अब स्मार्ट काशी ऐप के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर ₹500 से ₹5000 तक जुर्माना और कानूनी कार्रवाई संभव है। कुछ आक्रामक नस्लों पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। इसका उद्देश्य पशु सुरक्षा और शहर में सटीक डेटा सुनिश्चित करना है।
- डिजिटल प्रक्रिया से अनिवार्य पंजीकरण, नियम तोड़ने पर ₹5000 तक जुर्माना और कानूनी कार्रवाई संभव
वाराणसी : यदि आप भी पशु प्रेमी हैं और घर में कुत्ता या बिल्ली पालने के शौकीन हैं, तो सावधान । नगर निगम अब पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण (श्वान प्रजनन एवं विपणन) नियम 2017 को कड़ाई से अनुपालन कराने की तैयारी कर रहा है । इसके तहत शहरी सीमा में पालतू कुत्तों और बिल्लियों का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। नियमों की अनदेखी करने वाले पशुपालकों को न केवल आर्थिक दंड भुगतना होगा, बल्कि उन पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
नगर निगम पशुपालकों की सुविधा के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। ऐसे में अब स्मार्ट काशी ऐप के माध्यम से घर बैठे ही अपने पालतू जानवरों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। पशु कल्याण एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष पाल ने बताया कि पालतू जानवरों का पंजीकरण कराने के लिए पशुपालकों को ऑनलाइन व आफलाइन दोनों सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है ।
इस नियम का मुख्य उद्देश्य पशुओं की सुरक्षा और शहर में पालतू जानवरों का सटीक डेटा रखना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजीकरण न कराने की स्थिति में पशुपालकों पर 500 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। साथ ही गंभीर उल्लंघन के मामलों में पशु को जब्त करने जैसी कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
कुछ नस्लों पर विशेष पाबंदी
नगर निगम ने पिटबुल, रॉटवीलर, डोगो अर्जेंटीनो, तोसा, फाइला ब्रासीलियो जैसे आक्रामक माने जाने वाले कुत्तों के पालतूकरण को प्रतिबंधित किया है।
” कुत्तों और बिल्लियों के पंजीकरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए इसे पूरी तरह डिजिटल किया गया है। ऐसे में समय रहते अपने पालतू पशुओं का विवरण दर्ज करा लें, ताकि जुर्माने से बचा जा सके।
– हिमांशु नागपाल, नगर आयुक्त
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