चंडीगढ़ : पंजाब विजीलेंस ब्यूरो द्वारा राज्य में भ्रष्टाचार के विरोध में शुरू की गई मुहिम के दौरान पंजाब राज्य अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य लाल हुसैन और उसके निजी सहायक मुहब्बत मेहरबान को 10,49,500 रुपए की रिश्वत लेने के दोष में गिरफ़्तार किया है। हुसैल लाल फरवरी 2020 से फरवरी 2023 तक इस अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य रहे हैं।
विजीलेंस ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि इन व्यक्तियों के विरुद्ध यह केस मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाईन पर दर्ज करवाई गई ऑनलाइन शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता सन्दीप कुमार, निवासी गाँव चानन वाला, जि़ला फाजि़ल्का ने आरोप लगाया है कि उपरोक्त आरोपियों ने उसके भाई, बहन, साले और दोस्त को वकफ़ बोर्ड में या डीजीपी पंजाब के सीधे कोटे के अंतर्गत सिपाही के तौर पर नौकरी दिलाने के बदले प्रति व्यक्ति सात लाख रुपए की माँग की है।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उक्त आरोपी पहले ही तीन किस्तों में 10,49,500 रुपए ले चुके हैं। शिकायतकर्ता ने इस सम्बन्ध में मेहरबान के साथ हुई बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया और सबूत के तौर पर शिकायत के साथ ब्यूरो को दे दिया था।(वार्ता)



