आगरा में खत्म होगा पेयजल संकट: यमुनापार में बन रहा 85 एमएलडी इंटकवेल और 55 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
यमुनापार क्षेत्र में पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए योगी सरकार ने आगरा में 85 एमएलडी क्षमता का इंटकवेल और 55 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का कार्य शुरू किया है। यह परियोजना 55 हजार घरों को सुबह-शाम शुद्ध यमुना जल उपलब्ध कराएगी। जल निगम द्वारा 231 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा रही है, ताकि जल्द आपूर्ति शुरू हो सके। मंडलायुक्त शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार हर नागरिक को मूलभूत सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस परियोजना से ट्रांस यमुना कॉलोनी, शाहदरा, फाउंड्री नगर, राज नगर और कालिंदी विहार सहित कई क्षेत्र लाभान्वित होंगे।
- योगी सरकार का बड़ा कदम – 231 किमी लंबी पाइपलाइन से 55 हजार घरों तक पहुँचेगा शुद्ध यमुना जल
आगरा। यमुनापार क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पेयजल संकट की समस्या को समाप्त करने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जल निगम ने पोइया घाट पर यमुना नदी में 85 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) क्षमता का एक विशाल इंटकवेल और उससे जुड़ा 55 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। यह परियोजना यमुनापार के 55 हजार घरों में सुबह और शाम यमुना जल की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।
इंटकवेल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य शुरू
इसके अंतर्गत पोइया घाट, खंदौली की तरफ यमुना नदी में 85 एमएलडी का इंटकवेल बनेगा, जो नदी में तीन से सात मीटर तक भीतर होगा। वर्तमान में जल निगम की टीम ने मिट्टी के नमूने लेने का कार्य शुरू कर दिया है। जहां भी मिट्टी सख्त होगी, वहीं इसका निर्माण किया जाएगा। इंटकवेल से केवल आधा किलोमीटर की दूरी पर 55 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा। इंटकवेल से सीधा पानी प्लांट में पहुँचेगा, जहाँ इसका शोधन होगा और फिर शुद्ध जल की आपूर्ति यमुनापार के क्षेत्रों में की जाएगी।
231 किमी लंबी पाइपलाइन बिछाने का कार्य जारी
परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए 231 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी तेजी से चालू हो चुका है। लाइन बिछाने के साथ ही घरों में कनेक्शन देने का काम भी शुरू किया जाएगा। यह कार्य एक से डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य है, जिसके बाद यमुनापार के निवासियों को पेयजल संकट से मुक्ति मिल सकेगी।
पेयजल संकट से मिलेगी मुक्ति
यमुनापार के कई नए क्षेत्रों में पाइपलाइन न बिछने के कारण, खासकर गर्मी के मौसम में, लोगों को भीषण पेयजल संकट का सामना करना पड़ता था। निजी टैंकर संचालक भारी मनमानी वसूली करते थे, जिसकी शिकायत प्रतिदिन नगर निगम और कलेक्ट्रेट में पहुँचती थीं। योगी सरकार ने लोगों की समस्या को गंभीरता से लिया और यह नई पेयजल योजना (प्रथम और द्वितीय) शुरू की गई है, जिससे जल संकट को खत्म किया जा सके।
मंडलायुक्त कर रहे हैं नियमित समीक्षा
मंडलायुक्त शैलेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार प्रदेश के हर नागरिक को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाने की प्रतिबद्ध है। जनपद आगरा के 55 हजार घरों में पेयजल उपलब्ध कराने की इस महत्वपूर्ण परियोजना की हर सप्ताह समीक्षा की जा रही है, ताकि कार्य जल्द से जल्द पूरा हो सके।
ये क्षेत्र होंगे लाभान्वित
इस वृहद पेयजल परियोजना से यमुना पार के ट्रांस यमुना कॉलोनी प्रथम व द्वितीय, फाउंड्री नगर, शाहदरा, राज नगर, सीता नगर, नगला रामदास, कालिंदी विहार, कछपुरा सहित अन्य क्षेत्र सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
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