UP के सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव, जानिए क्या होने जा रहा है
उत्तर प्रदेश सरकार समग्र शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल शिक्षण को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक विकासखंड में मास्टर ट्रेनर तैयार कर रही है। ये प्रशिक्षक शिक्षकों को स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, डिजिटल बोर्ड और ई-कंटेंट के प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण देंगे। 30 अगस्त 2026 तक ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण पूरा किया जाएगा। इस पहल से कक्षा शिक्षण अधिक रोचक, सहभागितापूर्ण और गुणवत्तापूर्ण बनेगा तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप डिजिटल शिक्षा को नई गति मिलेगी।
लखनऊ : योगी सरकार परिषदीय विद्यालयों में स्थापित स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और डिजिटल शिक्षण संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत अब प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे, जो शिक्षकों को तकनीक आधारित शिक्षण का व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे। इसका उद्देश्य विद्यालयों में उपलब्ध डिजिटल संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित कर कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक, सहभागितापूर्ण और गुणवत्तापूर्ण बनाना है।
इस संबंध में महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी जिलों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार प्रत्येक विकासखंड से एक शिक्षक को संदर्भदाता (मास्टर ट्रेनर) के रूप में नामित किया गया। इन संदर्भदाताओं का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण दो चरणों में आयोजित किया गया। प्रथम चरण का प्रशिक्षण 27 से 29 जुलाई तथा द्वितीय चरण का प्रशिक्षण 4 से 6 अगस्त तक संपन्न हुआ। अब यही प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर अपने-अपने विकासखंडों में शिक्षकों को दो दिवसीय प्रशिक्षण देंगे। प्रत्येक प्रशिक्षण बैच में अधिकतम 50 प्रतिभागी शामिल होंगे तथा प्रशिक्षण निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार संचालित किया जाएगा।
स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब का होगा प्रभावी उपयोग
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, इंटरैक्टिव डिजिटल बोर्ड, प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, ई-कंटेंट तथा अन्य डिजिटल संसाधनों के प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें तकनीक आधारित कक्षा-शिक्षण, डिजिटल प्रस्तुतीकरण, विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने तथा विषयों को अधिक रोचक और प्रभावी ढंग से पढ़ाने की आधुनिक तकनीकों से भी परिचित कराया जाएगा। साथ ही एनबीडीआईयूपी (NBDIUP) पोर्टल पर उपलब्ध डिजिटल बोर्ड मैनुअल, इंस्टॉलेशन वीडियो, संचालन संबंधी ट्यूटोरियल तथा अन्य डिजिटल सामग्री का भी उपयोग कराया जाएगा।
डिजिटल शिक्षा को मिलेगी नई मजबूती
योगी सरकार का उद्देश्य विद्यालयों में स्थापित डिजिटल संसाधनों को केवल उपकरण तक सीमित न रखकर उन्हें दैनिक शिक्षण प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाना है। प्रशिक्षित शिक्षक स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब का अधिक प्रभावी उपयोग कर विद्यार्थियों के लिए विषयों को अधिक सरल, दृश्यात्मक और सहभागितापूर्ण बना सकेंगे। इससे बच्चों की समझ, सीखने की गति और कक्षा में उनकी सक्रिय भागीदारी को भी नई मजबूती मिलेगी। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप डिजिटल एवं अनुभवात्मक अधिगम को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
ऑनलाइन मॉनिटरिंग और गुणवत्ता पर रहेगा विशेष फोकस
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को एस्केलेशन मैट्रिक्स, प्रेरणा मॉड्यूल तथा विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से डिजिटल संसाधनों में आने वाली तकनीकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी भी दी जा रही है। प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक प्रतिभागी का प्री-टेस्ट और पोस्ट-टेस्ट कराया जाएगा। प्रशिक्षण का ऑनलाइन पर्यवेक्षण राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), खंड शिक्षा अधिकारी तथा जिला समन्वयकों को प्रशिक्षण की नियमित निगरानी और शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशिक्षण सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी तथा प्रत्येक बैच का फीडबैक लेकर गुणवत्ता का सतत मूल्यांकन किया जाएगा।
तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए सुदृढ़ व्यवस्था
महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने निर्देश दिए हैं कि स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और अन्य डिजिटल शिक्षण संसाधनों के संचालन में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आने पाए। इसके लिए विभिन्न सेवा प्रदाताओं के जिला, राज्य एवं उच्च स्तर के अधिकारियों के संपर्क विवरण उपलब्ध कराए गए हैं। किसी भी तकनीकी समस्या का समाधान निर्धारित एस्केलेशन मैट्रिक्स के अनुरूप समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही सभी जनपदों को 30 अगस्त 2026 तक ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रत्येक शिक्षक को डिजिटल शिक्षण में दक्ष बनाना है लक्ष्य
योगी सरकार का लक्ष्य केवल विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित करना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक शिक्षक को डिजिटल शिक्षण में दक्ष बनाना है। प्रत्येक शिक्षक को डिजिटल शिक्षण में दक्ष बनाते हुए कक्षा शिक्षण में डिजिटल संसाधनों का अधिकतम प्रयोग कराया जाना है। जब शिक्षक तकनीक का प्रभावी उपयोग करेंगे, तभी विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण, रोचक और सहभागितापूर्ण शिक्षा पहुंचेगी। यह प्रशिक्षण अभियान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप डिजिटल शिक्षा को विद्यालयों की नियमित शिक्षण प्रक्रिया का मजबूत आधार बनाएगा।
– संदीप सिंह, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)



