सही पोषण शिशु के स्वस्थ जीवन का आधार है और इसकी शुरुआत होती है, नवजात शिशु के जन्म के तुरंत बाद मां का दूध पिलाना बेहद जरूरी है। मां का पहला गाढ़ा दूध यानि कोलोस्ट्रम नवजात के स्वास्थ्य के लिए कवच का कार्य करता है। कोलेस्ट्रम से नवजात शिशु के कितना लाभ होता है, आइए जानते हैं।
कोलोस्ट्रम को कहा जाता है तरल सोना
इस बारे में स्वामी दयानंद अस्पताल के शिशु पोषण विशेषज्ञ डॉ. सुरेंद्र सिंह बिष्ट बताते हैं कि कोलोस्ट्रम नवजात शिशु के लिए अति आवश्यक है। कोलोस्ट्रम की मात्रा बेहद कम होती है, यह मां के दूध में शुरुआती 2-4 दिन ही पाया जाता है। कम मात्रा होने के बाद भी यह शिशु के लिए बेहद ही फायदेमंद होता है। कुछ लोग इसके महत्व को देखते हुए कोलोस्ट्रम को तरल सोना भी कहते हैं।
कोलोस्ट्रम का महत्व
>कोलोस्ट्रम पिले रंग का होता है
>कोलोस्ट्रम में उच्च मात्रा में एंटीबॉडी होते हैं
>इनमें कार्बोहाइड्रेट और फैट की मात्रा कम होती है।
>मां का पहला दूध बच्चे का पहला टीकाकरण होता है।
>दिमाग और आंखों के लिए भी जरूरी है।
>कोलोस्ट्रम में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले तत्व होते हैं।
>कोलोस्ट्रम में लैक्सेटिव प्रभाव की वजह से नवजात के पहले मल को बाहर निकालने में मदद करता है।
>मां के दूध में बच्चे के लिए आवश्यक प्रोटीन, वसा, कैलोरी, लैक्टोज, विटामिन, लोहा, खनिज, पानी और एंजाइम पर्याप्त मात्रा में होते है।
>भविष्य में उसे कई तरह के संक्रमणों से सुरक्षित करता है।
>शिशुओं में डायरिया व निमोनिया से होने वाली मृत्यु की आशंका 11 से 15 गुणा तक कम हो जाती है।
मां का पहला दूध आसानी से पचा सकता है शिशु
शिशु को छह महीने की आयु तक सिर्फ स्तनपान करवाएं, जो कि उनके स्वास्थ्य जीवन के लिए उपयोगी है। डॉ. बिष्ट कहते हैं कि बच्चा जब गर्भ में होता है, तो भी उससे इसी तरह का आहार मिलता है और जन्म के बाद उसे अगर मां का पहला दूध दिया जाए तो उसे वह आसानी से पचा सकता है और स्वाद भी वह पहचानता है।
6 माह तक दें सिर्फ मां का दूध
शिशु को जन्म के तुरंत बाद स्तनपान शुरू कर देना कई मायनों में लाभकारी है। शिशु को 6 महीने की आयु तक सिर्फ स्तनपान करवाएं। साथ ही साथ छह माह के बाद बच्चे को पौष्टिक पूरक आहार भी देने शुरू कर देना चाहिए। शिशु को स्तनपान कराना शिशु के स्वस्थ जीवन के लिए उपयोगी है। बच्चे को घुट्टी देने या अन्य चीजें देने से फायदा भले ही न हो, लेकिन नुकसान अवश्य हो सकता है क्योंकि यदि आप दूध के अलावा कोई और चीज देंगे, तो उससे इन्फेक्शन भी हो जाएगा। यह चीज मां के दूध को डाय्लूट कर देगी। इससे मिलने वाले लाभ भी अपने आप कम हो जाएंगे।



