काशी में आतंक के विरुद्ध कैंडल मार्च, शहीदों को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
दिल्ली में हुए भीषण आतंकी हमले के विरोध में भैरव सेना, काशी महानगर द्वारा सिगरा स्थित लोकमान्य तिलक जी की प्रतिमा स्थल से एक कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेन्द्र गुप्ता ने की। मंजीत त्रिपाठी, सिंधु सोनकर और कर्ण शंकर सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट होकर देश की शांति और सुरक्षा के लिए संकल्प लिया।
भैरव सेना ने दिल्ली आतंकी हमले के विरोध में निकाला कैंडल मार्च, देश की एकता और शांति के लिए लिया संकल्प
वाराणसी : दिल्ली में हुए भीषण आतंकवादी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस जघन्य हमले में शहीद हुई निर्दोष आत्माओं की स्मृति में तथा आतंकवाद के विरोध में भैरव सेना, काशी महानगर द्वारा बुधवार को एक कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।यह कैंडल मार्च सिगरा स्थित लोकमान्य तिलक जी की प्रतिमा स्थल से प्रारंभ हुआ और वहीं पर एकत्र होकर श्रद्धांजलि सभा के रूप में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजसेवी, युवजन, व्यापारी एवं आम नागरिक शामिल हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता काशी महानगर अध्यक्ष राजेन्द्र गुप्ता ने की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि -“भारत की आत्मा पर इस प्रकार का हमला केवल निर्दोष नागरिकों पर नहीं, बल्कि हमारे राष्ट्रीय एकता और शांति के मूल्यों पर प्रहार है। हमें आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट होकर खड़ा होना होगा।” इस अवसर पर मंजीत त्रिपाठी , सिंधु सोनकर , कर्ण शंकर तथाभैरव सेना के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों और दिवंगत आत्माओं को नमन किया। कैंडल की रोशनी में जब सबने “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के जयघोष लगाए, तो वातावरण देशभक्ति से गूंज उठा। सभा के अंत में भैरव सेना के कार्यकर्ताओं ने आतंकवाद के पूर्ण उन्मूलन तथा देश में स्थायी शांति के लिए संकल्प लिया। राजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि ऐसे समय में हमें राजनीति से ऊपर उठकर केवल “राष्ट्र” के बारे में सोचना चाहिए।
कैंडल मार्च के समापन पर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई। कार्यक्रम का संचालन भैरव सेना मीडिया प्रकोष्ठ ने किया तथा सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन महानगर संयोजक दल की ओर से किया गया। “शहीदों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी, पूरा देश एकजुट है” – यही संदेश लेकर काशी का यह कैंडल मार्च इतिहास में दर्ज हो गया।
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