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भव्य राम मंदिर बन जाना एक कल्पना के बाहर की बात : श्रीश्री रविशंकर

नई दिल्ली । मुंबई में ‘विकसित भारत एंबेसडर कार्यक्रम’ में आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और सिंगर सोनू निगम मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कार्यक्रम में श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि भारत व्यक्ति के विकास से शुरू होता है और व्यक्ति का विकास दो तरह से होता है, एक हृदय और दूसरा मस्तिष्क से। हम पुराने दोस्तों पर गर्व करते हैं, नए टेक्नोलॉजी पर गर्व करते हैं, पुरानी विरासत और संस्कृति पर हमें गर्व होना चाहिए। हमें नई टेक्नोलॉजी और प्रगति पर गर्व होना चाहिए और यह दोनों अभी भारत में ही संभव हो पाया है। ये हम सबका सौभाग्य है।

श्रीश्री ने आगे कहा कि सिर्फ दिमाग का विकास होने से काम नहीं चलेगा या हम पुरानी गाथा गाते रहेंगे, उससे काम नहीं चलेगा। हम अपनी धरोहर को भूल गए थे। लेकिन, अब उसको लेकर जाग उठे हैं। हमें अपनी संस्कृति पर, देश पर गर्व होना चाहिए।उन्होंने आगे कहा कि इस देश में हजारों साल पहले से अक्षुण्ण परंपरा चली आ रही है। इन्हीं 10 सालों में हमें अपने धर्म के प्रति, संस्कृति के प्रति, कला के प्रति गर्व होने लगा। लोग भारत से बाहर विदेश जाते थे, तो अपना नाम बदल देते थे। आज वो माहौल नहीं है। मैं एक महीने में 12 देश और 20 नगरों का दौरा करके सीधा मुंबई आया हूं। वो भी इसी कार्यक्रम के लिए।पूरी दुनिया में देश का नाम आज जितना अच्छा हुआ है।

पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का माहौल बदला है। हमें एक ऐसा व्यक्ति चाहिए जो लोगों के मन की बात, धरोहर और देश को समझे और ये तीनों काम होने से आज हमको कितना हर्ष हो रहा है। रामराज्य का यही सपना था कि इस देश के गरीबों के आंसू पोंछे जाए और उन्हें रोटी, कपड़ा मिल जाए। उस दिशा में हम लोग जा रहे हैं, इसके लिए हम सबको मिलकर काम करना पड़ेगा।श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि हमें ऐसा नेतृत्व मिला है, जो दिल से सबको समझते हैं। आज तक आपने देखा उन्होंने रविवार को देश से ‘मन की बात’ की, जिसमें वह देश की अलग-अलग चीजों को लेकर बात करते हैं। अयोध्या के राम मंदिर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिर बनने में कितना समय लग जाता है। लेकिन इतने कम समय में भव्य राम मंदिर बन जाना एक कल्पना के बाहर की बात है।(वीएनएस )

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