
संदेह का लाभ:शाखा प्रबंधकों समेत नौ आरोपी को मिला साक्ष्य लाभ, बरी
86 लाख से अधिक रुपये के गबन करने के मामले में नौ के खिलाफ था दर्ज मुकदमा
वाराणसी। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्ट्राचार निवारण अधिनियम) अवनीश गौतम की अदालत ने जिला सहकारी बैंक में चेक रोक कर और खाते में हेराफेरी कर 86 लाख अधिक रुपया के गबन करने के मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधकों समेत नौ आरोपी साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। दुर्गाकुंड के तत्कालीन शाखा प्रबंधक रमाशंकर पाठक , कैशियर मुरलीधर मिश्र , सहयोगीगण अमर लाल सिंह , जगदीश पांडे , नंद लाल सिंह ,दिवाकर सिंह , उमानाथ चौबे, संजय तिवारी और हरिवंश पाण्डेय को राहत मिल गया।
कोर्ट में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुरेश कुमार पांडेय , मुकेश सिंह आदि ने पैरवी की।अभियोजन पक्ष के अनुसार जिला सहकारी बैंक लि. के वरिष्ठ प्रबंधक जामवंत सिंह ने 29 जूलरी 1994 को भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। आरोप लगाया की दुर्गाकुंड शाखा पर वर्ष 1985 से 93 तक के दौरान आरोपियों ने मिलकर खाता में हेराफेरी और चेक फजीर्वाड़ा कर लगभग 86 लाख से ऊपर की रकम निकल लिया था। इसकी जानकारी होने पर विभागीय जांच की गई जिसमे अनियमिता पाई गई। उसके बाद मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने विवेचना के सभी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।



