अमेरिका ने साफ किया रुख- भारत की कीमत पर नहीं होंगे पाकिस्तान से रिश्ते : रूबियो
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने नई वीजा नीति को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि यह बदलाव केवल भारत के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए लागू होंगे। डा एस जयशंकर के साथ वार्ता के बाद उन्होंने अवैध आव्रजन को चुनौती बताया और भारतीयों के आर्थिक योगदान की सराहना की। साथ ही नस्लीय टिप्पणियों पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत और रणनीतिक बताया।
नयी दिल्ली : अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ट्रंप सरकार की नयी वीजा नीति का बचाव करते हुए कहा है कि अमेरिका में आव्रजन नीति सुधार और आधुनिकीकरण के दौर से गुजर रही है और यह केवल भारतीयों के लिए नहीं बल्कि दुनिया भर के लिए है। इसे केवल भारत के संदर्भ में नहीं देखा जाना चाहिए।पाकिस्तान सरकार और वहां की सेना के साथ अमेरिकी संबंधों पर उन्होंने साफ कहा कि इन्हें भारत के साथ संबंधों की कीमत के संदर्भ में नहीं देखा जाना चाहिए।अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नस्लीय टिप्णाी के सवाल को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने कहा कि हर देश में कुछ वाहियात लोग होते हैं।
विदेश मंत्री डा एस जयशंकर के साथ रविवार को यहां द्विपक्षीय वार्ता के बाद संवाददाता सम्मेलन में अमेरिका में वीजा प्रणाली में बदलावों के बारे में पूछे गये सवाल के जवाब में श्री रूबियो ने कहा कि अमेरिका में आव्रजन प्रणाली में सुधार या आधुनिकीकरण किया जा रहा है और इसे केवल भारत के संदर्भ में नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि यह पूरी दुनिया के लिए है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दो करोड़ से अधिक लोग अमेरिका में अवैध रूप से घुस चुके हैं । उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए बड़ी चुनौती है और हमें इससे निपटना है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने हमेशा से दूसरे देशों के लोगों का स्वागत किया है लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इस प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है और यही किया जा रहा है। इस सुधार प्रक्रिया में हम यह तय करने में जुटे हैं कि कितने लोग हमारे देश में आएँगे, कौन आएगा, कब आएगा आदि। विदेश मंत्री ने कहा कि इस तरह के सुधारों का विरोध अक्सर होता है लेकिन यह व्यवस्था केवल भारत को निशाना बनाकर नहीं बनायी जा रही है।
उन्होंने कहा ,” हमारा लक्ष्य एक बेहतर प्रणाली, अधिक प्रभावी प्रणाली और ऐसी व्यवस्था होगी जो पहले की तुलना में अधिक अच्छी तरह काम करेगी और अधिक टिकाऊ भी होगी।”उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीयोंं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इसके साथ साथ भारतीय कंपनियों द्वारा भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 20 अरब डालर से अधिक का निवेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि यह निवेश और बढे।
अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी किये जाने के मामलों से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है और मेरा मानना है कि ये टिप्पणी ऑनलाइन या किसी भी जगह पर की गयी ये कुछ वाहियात लोगों द्वारा की गयी हैं और इस तरह के लोग हर जगह रहते हैं। अमेरिका ऐसा देश है जो सबका खुले दिल से स्वागत करता है। दुनिया भर से आने वाले लोगों ने हमारे देश को समृद्ध बनाया है।
अमेरिका के पाकिस्तान की सरकार और सेना के साथ संबंधों के बारे में पूछे गये सवाल के जवाब में श्री रूबियो ने कहा कि सामरिक स्तर पर अमेरिका के दुनिया के अनेक देशों के साथ संबंध हैं लेकिन अमेरिका इन्हें भारत के साथ रणनीतिक संबंधों की कीमत पर नहीं देखता। उन्होंने कहा कि अमेरिका अलग अलग देशों के साथ संबंधों को अपने हितों और प्राथमिकताओं के अनुसार देखता है। (वार्ता)
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