
ग्रामीण कोर्ट खुलने से अधिवक्ता होंगे प्रभावित
जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरेंगे अधिवक्ता: विकास सिंह
वाराणसी। प्रदेश में गांव स्तर पर ग्रामीण न्यायालय खोलने के सरकारी आदेश के खिलाफ जगह जगह अधिवक्ता विरोध होने लगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि इससे अराजकता बढ़ेगी और माफिया राज कामय होगा। अधिवक्ता और काशी विद्यापीठ के पूर्व महामंत्री विकास सिंह ने कहा कि ग्रामीण न्यायालय खुलने से सबसे ज्यादा दीवानी कचहरी के अधिवक्ता प्रभावित होंगे। उसमें भी सबसे ज्यादा प्रभाव फौजदारी के अधिवक्ताओं पर पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि जैसे ही ग्रामीण न्यायालय खुलेंगे, वैसे ही दीवानी न्यायालय में काम कम हो जाएगा और अधिवक्ताओं के समक्ष भुखमरी की नौबत आ जायेगी। अधिवक्ता समुदाय इस ग्रामीण न्यायालय का पुरजोर विरोध करेगा। साथ ही यदि जरूरत पड़ेगी तो सड़क पर उतरकर आंदोलन के लिए भी बाध्य होगा।
बार कौंसिल आॅफ उत्तर प्रदेश इलाहाबाद के सदस्य हरिशंकर सिंह ने इस मुद्दे पर विधिक पत्रकारों से बात की। उन्होंने बताया कि एक पत्र बार कौंसिल आॅफ उत्तर प्रदेश इलाहाबाद के चेयर मैन लिखा गया है जिसमे मांग की गई है कि ग्रामीण न्यायालय खोलने अराजकता बढ़ेगी। माफिया राज कायम होगा। ऐसे में सरकार पर दबाव बनाया जाय कि इस तरह के न्यायालय को खोलने से पहले इसके दूरगामी परिणाम पर ध्यान दे इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत वापस लिया जाए।



