
वाराणसी। अपर सत्र न्यायाधीश (नवम) आराधना कुशवाहा की अदालत ने पांच लाख रुपये फिरौती मांगने और तंत्र-मंत्र के नाम पर दो लाख की धोखाधड़ी के कैंट थाने के मामले में गोईठहा निवासी दो आरोपियों संतोष कुमार राय और उमाशंकर राय को आरोप सिद्ध न होने पर दोषमुक्त कर दिया। आरोपियों की पैरवी अधिवक्ता नीरज कुमार राय व जसवंत पांडेय ने रखा।
अदालत ने फैसले में कहा कि वादी के पुत्र को अपहरण करके किसी अज्ञात स्थान पर रखकर उसे सुरक्षित लौटाने के लिए पांच लाख रुपये फिरौती की मांग किया जाना और आरोपियों द्वारा वादी से उसके पुत्र को तलाश किये जाने के नाम पर तंत्र-मंत्र करके उससे छल करके दो लाख रुपये प्राप्त करके धोखा दिये जाने की बात साबित नहीं होती है। ऐसे में आरोपियों को बरी किया जाता है। मामलें में वादी लालता प्रसाद ने 6 मार्च 2008 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उसका 19 वर्षीय पुत्र आनंद मोहन बीए का छात्र था। आरोपी संतोष कुमार राय के जो तंत्र-मंत्र का काम करता था। उसके घर उसका पुत्र 8 नवम्बर 2005 को गया था। उसके बाद से घर वापस नहीं लौटा।



