
नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि कोरोना का टीका लेने के लिए किसी को आधार कार्ड की जरूरत नहीं है। हालांकि टीका लगवाने के लिए व्यक्ति को कोई दूसरा पहचान पत्र दिखाना होगा। टीकाकरण के लिए 58.90 लाख रुपये खर्च से को-विन प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। टीकाकरण से पहले इस पर आधार के अलावा वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, राशन कार्ड इत्यादि के जरिये फार्म भरकर पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद मोबाइल पर ओटीपी आएगा, जिससे अपॉइनमेंट की पुष्टि हो सकेगी।
टीकाकरण को लेकर चर्चा थी कि अगर आधार कार्ड का इस्तेमाल किया जाता है तो व्यक्ति को तुरंत यूनिक हेल्थ आईडी उपलब्ध हो जाएगी। लेकिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि यूनिक हेल्थ आईडी कार्ड दूसरे पहचान पत्र से भी प्राप्त किया जा सकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने लोकसभा में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि कोविन पोर्टल पर पंजीयन के लिए आधार कार्ड जरूरी नहीं है।
देश में इस महीने से लगेगा 50 से ज्यादा उम्र के लोगों को टीका
भारत की बनाई कोरोना वैक्सीन पूरी दुनिया में छा गई हैं। अब भारत सात और वैक्सीन बनाने में जुटा हुआ है। इस बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि भारत में कोरोना की सात और वैक्सीन तैयार की जा रही हैं और देश के सभी लोगों को टीका लगाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि टीके को खुले बाजार में उतारने की केंद्र सरकार की फिलहाल कोई योजना नहीं है और इसका फैसला स्थितियों के अनुसार किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पचास साल से ज्यादा उम्र के लोगों को कोरोना का टीका लगाने का काम मार्च से शुरू होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना के टीके के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, हम केवल दो टीकों पर निर्भर नहीं है क्योंकि देश सात और स्वदेशी टीके तैयार करने पर काम कर रहा है। भारत बड़ा देश है और सभी लोगों तक पहुंचने के लिए हमें और रिसर्च की जरूरत है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सात नई वैक्सीन में से तीन वैक्सीन परीक्षण के चरण में, दो वैक्सीन प्री-क्लीनिक चरण में, एक फेज-वन और एक अन्य फेज-टू के परीक्षण के चरण में है। सबकुछ योजना के मुताबिक चल रहा है और हम जल्द ही इनको भी आम जनता को उपलब्ध करा देंगे।



