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वैश्विक संकेत, तिमाही परिणाम और बजट पूर्व उम्मीद तय करेगी शेयर बाजर की चाल

देश में ओमीक्रॉन सक्रमण की अपेक्षाकृत कम भयावह स्थिति, तेज टीकाकरण और मजबूत आर्थिक संकेत की बदाैलत बीते सप्ताह ढाई प्रतिशत की छलांग लगा चुके शेयर बाजार पर अगले सप्ताह वैश्विक संकेत, कंपनियों के चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के परिणाम और बजट पूर्व उम्मीदों का असर रहेगा।बीते सप्ताह बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1478.38 अंक यानी 2.47 प्रतिशत की उछाल लेकर ढाई महीने बाद 61 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार 61223.03 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 443.05 अंक अर्थात 2.49 प्रतिशत की तेजी के साथ 18 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर 18255.75 अंक पर रहा।

इसी तरह दिग्गज कंपनियों की तरह छोटी और मझौली कंपनियों में जमकर लिवाली हुई। बीएसई का मिडकैप 2.4 प्रतिशत मजबूत होकर 26085.24 अंक और स्मॉलकैप 3.06 प्रतिशत की छलांग लगाकर 30951.28 अंक पर रहा। आलोच्य सप्ताह शेयर बाजार में लगातार चार दिन तेजी रही जबकि अंतिम कारोबारी दिवस इसकी बढ़त पर ब्रेक लग गया।विश्लेषकों का कहना है कि बीता सप्ताह सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के तिमाही परिणाम हो लेकर सकारात्मक रहा और अगला सप्ताह भी मजबूत आय के मामले में एक महत्वपूर्ण सप्ताह होने जा रहा है।

सोमवार को एचडीएफसी बैंक के शनिवार को जारी हो चुके परिणाम का बाजार पर असर दिखेगा वहीं अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज ऑटो, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व और हिंदुस्तान यूनीलीवर के परिणाम अगले सप्ताह जारी होंगे, जिसका असर बाजार पर अवश्य रहेगा।उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में बजट से पहले की पहल शुरू हो गई है और इसके अगले सप्ताह भी जारी रहने की संभावना है। वैश्विक बाजार में कुछ अस्थिरता दिख रही है, जिसका घरेलू बाजार पर भी कुछ प्रभाव दिख सकता है। हालांकि कोविड संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं लेकिन बाजार पर इसका कोई खास असर नहीं है क्योंकि संक्रमितों के अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु दर बहुत कम है।

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