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जी-20 घोषणा: कोविड टीकाकरण वैश्विक हित में, सुरक्षित टीके को मान्यता देंगे देश

रोम : विकसित और विकासशील देशों के ताकतवर समूह जी-20 शिखर के शिखर सम्मेलन में वैश्विक स्तर पर कोविड-19 के टीकाकरण को सार्वजनिक हित के रूप में मान्यता दी गयी। देश विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा सुरक्षित और कारगर घोषित एक दूसरे की कोविड वैक्सीन को मान्यता देने का प्रबंध करेंगे।यह जानकारी सम्मेलन की समाप्ति पर जी-20 के लिए भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संवाददाताओं को दी।

उन्होंने कहा , “ सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रभावशाली भागीदारी से अच्छे नतीजे आए हैं। वैश्विक कंपनियों द्वारा लाभ को किसी तीसरे देश में दिखाने के तौर तरीकों के चलते देशों के कराधार के क्षरण की समस्या को श्री मोदी ने 2014 के सम्मेलन में उठाया था। आज इस सम्मेलन के घोषणा पत्र में वैश्विक न्यूनतम कर पर सहमति बन गयी है। इस तरह जीवन शैली, उपभोग और उत्पादन को स्वस्थ बनाने के मुद्दे को भी घोषण पत्र में स्थान मिला है।

श्री मोदी सम्मेलनों में इस मुद्दे को उठाते रहे है।”वैश्विक कोविड महामारी के बाद जी-20 सम्मेलन में नेता एक स्थान पर एकत्रित हुए। मेजबान इटली की अध्यक्षता में दो दिन की यह सम्मेलन जी-20 के रोम घोषणा पत्र के साथ आज सम्पन्न हुआ।जी-20 का 2023 का शिखर सम्मेलन भारत की अध्यक्षता में नयी दिल्ली में होगा।उन्होंने कहा कि जी-20 में पहली बार स्वस्थ उपभोग और उत्पादन की आवश्यकता को मान्यता दी है।

जी-20 के मंच पर स्वस्थ जीवनशैली, उपभोग और उत्पादन के मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले से उठाते रहे थे।श्री गोयल ने बताया कि जी-20 शिखर सम्मेलन के घोषणपत्र में गरीब और सीमांत किसानों के हितों के संरक्षण पर सहमति बनी है। भारत ने विकासशील देशों के हित पर जोर दिया और इसमें अन्य विकासशील देशों का साथ मिला।उन्होंने बताया कि जी-20 सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री आज शाम को ही यहां से जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में भाग लेने के लिए ग्लासगो के लिए प्रस्थान करेंगे।

वहां विकासशील और कमजोर देशों के हित को आगे रखेंगे।उन्होंने कहा कि जी-20 शिखर सम्मेलन में शुद्ध हिसाब से कार्बन उत्सर्जन में वृद्धि शून्य करने पर सहमति बनी , हालांकि उपयुक्त प्रौद्योगिकी सुलभ अभी न होने से इसके लिए कोई तिथि निर्धारित नहीं । जी-20 शिखर सम्मेलन के घोषणापत्र में गरीब और सीमांत किसानों के हितों के संरक्षण पर सहमति बनी है। भारत ने विकासशील देशों के हित पर जोर दिया और इसमें अन्य विकासशील देशों का साथ मिला।

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