
लखनऊ : अंततः जीवन, जिजीविषा और मानवता की जीत हुई। कोरोना को एक कोने में दुबकना पड़ा। कोरोना के कोने में करने के बाद सरकार ने गत दिनों पूरे सूबे को कोरोना कर्फ्यू से मुक्त करने की घोषणा की। इसके साथ ही सूनी पड़ी सड़कों और बाजारों में जिदंगी नजर आने लगी। कोरोना के चरम से तुलना करेंगे तो इस मुश्किल सी जंग की तस्वीर और साफ हो जाएगी।
खुद में कमाल से कम नहीं है ये कंट्रोल
आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़े सूबे ने जितने कम समय में कोरोना पर बेहद प्रभावशाली तरीके से नियंत्रण पाया वह किसी कमाल से कम नहीं है। यही वजह है कि आज उत्तरप्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के कोविड प्रबंधन मॉडल की देश और दुनिया में सराहना हो रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन,नीति आयोग, मुंबई और इलाहाबाद हाईकोर्ट की टिप्पणियां इसका सबूत हैं। आंकड़े भी इस बात की तस्दीक करते हैं कि करोना के कंट्रोल में में यूपी ने वाकई कमाल किया है।
ताजा आंकड़े
पिछले 24 घंटे में कोविड संक्रमण के 642 नए केस आए। 24 अप्रैल को यह संख्या 38055 के रिकॉर्ड स्तर पर थी। 30 अप्रैल को सक्रिय केसेज की संख्या सर्वाधिक 3 लाख 10 हजार से ऊपर थी। पिछले 24 घंटे में यह संख्या घटकर 12244 पर आ गई। रिकवरी दर लगातार सुधरते हुए 98 फीसद हो गई है।पॉजिटिविटी दर मात्र 0.3 फीसद रह गई है। इसी अवधि में 1231 लोग स्वस्थ हुए।
कोरोना पर कंट्रोल के बावजूद सरकार सतर्क
कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण के बावजूद सरकार सतर्क है। बावजूद सीएम ने लोगों से अपील की है कि अब जब हालात सामान्य सामान्य हो रहे है तब हर प्रदेशवासी की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। हमें यह समझना होगा कि वायरस कमजोर हुआ है, खत्म नहीं हुआ। संक्रमण कम हुआ है, पर जरा सी लापरवाही इसे फिर बढ़ा सकती है। सभी लोग मास्क, सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग जैसे कोविड बचाव के व्यवहार को जीवनशैली में शामिल करें। बहुत जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें। भीड़ से बचें। पुलिस बल सक्रिय रहे।



