वाराणसी। धार्मिक नगरी काशी में कोरोना का संक्रमण स्तर लगातार खतरनाक होता जा रहा है। गुरुवार की सुबह 11 बजे तक 1192 नए संक्रमित मरीज सामने आये तो शाम को अबतक के सभी रिकार्ड टूट गए। शाम को2484संक्रमित मरीज मिले तो स्वास्थ्य महकमे में फिर से हड़कम्प मच गया हैं। इस दौरान5लोगों की कोरोना से मौत की पुष्टि हुई। अस्पतालों के बेड कोरोनावायरस के मरीजों से भरे पड़े हैं। शवदाह स्थलों पर आंकड़ो से अधिक शव जलते देखे जा रहे चहुँओर हाहाकारी माहौल का मंजर देखा जा रहा। प्राइवेट संस्थानों में तमाम जगह अब जांच के भी लाले पड़ रहे हैं।
आज सुबह सैंपलों के जांच के सापेक्ष आए परिणाम में यह 40.47 फीसद का अब तक की सबसे अधिक चिंताजनक रिपोर्ट रही तो शाम को आंकड़ा रुलाने लगा है। परिणाम आने के बाद कुल 11756 सक्रिय मामले वाराणसी जिले में हो चुके हैं। 24260 लोग इस बीमारी को अब तक हरा चुके हैं जबकि 416 लोग जिंदगी की जंग हार चुके हैं। अब तक 36432 लोग आधिकारिक तौर पर संक्रमित हो चुके हैं। अब भी हजारों लोगों का परिणाम आने बाकी है। परिणामों की प्रतीक्षा कर रहे लोग भी अब गम्भीर चिंता में डूबे हुए हैं। इस वर्ष की शुरुआत व फरवरी माह में लोगों ने ऐसा सोचा भी नहीं था कि अप्रैल के प्रथम सप्ताह से कोरोना का दैत्य इतना विकराल रूप धारण कर लेगा। अभी दवा की दुकानों तथा प्राइवेट अस्पतालों के बाहर लोगों की भारी भीड़ देखी जा रही बेड के लिए हर अस्पताल में मारामारी मची है। सरकारी नंबरों के फोन पूरे दिन खाना बना रहे तो लोग वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी गुहार लगाते देखे जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि इसी तरह लापरवाही आगे इसका स्वरूप कितना विकराल होगा कुछ नहीं कहा जा सकता।
पुलिस कमिश्नर संग हुई महत्वपूर्ण बैठक, पुलिस प्रशासन ने मांगा सहयोग
वाराणसी। कोरोना की दूसरी लहर ने खतरनाक रुख अख्तियार किया तो उसे रोकने की हर सम्भव कोशिश भी हो रही।आज पुलिस प्रशासन ने व्यापारियों से सहयोग करने की अपील शुरू की तो4संगठनों ने अपना अहम सुझाव भी दिया। पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने आज महानगर के व्यापारियों से वार्ता कर अपील किया कि वायरस के संक्रमण की चेन को रोकने के लिए दुकानों को कुछ समय बंद रखने के लिए विचार विमर्श करें। पुलिस कमिश्नर की अपील पर व्यापारी नेताओं ने सहयोग का आश्वासन देते हुए इस संबंध में उचित निर्णय लेने को कहा है। व्यापार मण्डल के पदाधिकारियों से बातचीत के सकारात्मक परिणाम जल्द देखने को मिलेंगे। बाजार से भीड़ छंटेगी तो कोरोना वायरस के संक्रमण की चेन भी अवश्य टूटेगी। व्यापारी नेताओं ने कहा कि इस संबंध में वह आपसी सहमति से शीघ्र ही ठोस कदम उठाएंगे। व्यापारी नेताओं के सहयोग के लिए पुलिस कमिश्नर ने भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
60वर्ष से ऊपर के लोग 10 वर्ष के कम के बच्चों बाहर न भेजें
पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि 60 वर्ष से ऊपर और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे अनावश्यक घर से न निकलें। सार्वजनिक स्थान पर हर हाल में मास्क लगाएं। सभी दुकानदार मास्क जरूर लगाएं और बगैर मास्क के आने वाले ग्राहकों को समझाएं। सार्वजनिक स्थान पर कोई न थूके। छींके या खांसे तो मुंह पर रुमाल जरूर लगाएं। मेडिकल इमरजेंसी या डॉक्टर के ओएस जाते समय कागज जरूर साथ रखें। किसी आयोजन के दौरान हाल में 50 या खुले में 100 से ज्यादा लोग एकत्र न हों। सोशल मीडिया पर कोई अफवाह फैलाए तो उसकी सूचना पुलिस को देने में देरी न करें। कोरोना पॉजिटिव होने पर तत्काल क्वारंटीन होकर कोविड हेल्पलाइन नंबर पर फोन जरूर करें। सब के सहयोग से ही इस महामारी को हराया जा सकता है।
बनारस समेत 10 शहरों में रात 8 बजे से सुबह 7 बजे तक रहेगा कर्फ्यू
वाराणसी। कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कई जनपदों के लिए सख्त आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर नगर, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ और गोरखपुर सहित 10 जनपद जहां 2000 से अधिक एक्टिव केस हैं, वहां रात आठ बजे से सुबह सात बजे तक कर्फ्यू लागू किया गया है। सीएम ने कहा कि आज रात से ही आदेश लागू किए जाएंगे। इनमें कई जनपद ऐसे हैं जहां पहले स नाइट कर्फ्यू था, लेकिन अब वहां इसके समय में बदलाव किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कोरोना के संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए गठित टीम-11 के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है। लोगों को मास्क और सैनिटाइजेशन के महत्व को समझाने और आवश्यकतानुसार कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ में अतिरिक्त व्यवस्था करने की आवश्यकता: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि राजधानी लखनऊ में अन्य जनपदों के मरीजों का आना स्वभाविक है। ऐसे में यहां अतिरिक्त व्यवस्था करने की आवश्यकता है। केजीएमयू और बलरामपुर हॉस्पिटल को पूरी तरह से कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल के रूप में तैयार करने को कहा गया है। हालांकि, इस दौरान नॉन कोविड मरीजों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। सीएम ने कहा कि लखनऊ में टीएस मिश्र हॉस्पिटल, इंटीग्रल और हिन्द मेडिकल कॉलेजों को डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल के रूप में क्षमता विस्तार किए जाने की आवश्यकता है। अगले दो दिनों ने यहां अतिरिक्त बेड्स उपलब्ध कराए जाएं।
बनारस के डीएम ने की यह अपील
वाराणसी में भी कोरोना संक्रमण बेकाबू होता जा रहा है। राजधानी लखनऊ के बाद यूपी में सबसे ज्यादा हालात वाराणसी के ही खराब दिख रहे हैं। ऐसे में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने आदेश दिया है की काशी विश्वनाथ मंदिर और अन्नपूर्णा मंदिर में उन्हीं लोगों को दर्शन मिलेंगे, जिनकी आरटी पीसीआर रिपोर्ट नेगेटिव होगी। शर्त यह भी है कि रिपोर्ट 72 घंटे से पुरानी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही वाराणसी के डीएम कौशल राज शर्मा ने लोगों से अपील की है कि वह जब तक जरूरी ना हो तब तक वाराणसी ना आएं। खासतौर से अप्रैल में वाराणसी ना आने की अपील की गई है। ठहरने के लिए भी होटल और लॉज में अब नेगेटिव आरटीपीसीआर रिपोर्ट जरूरी की जा रही है।
जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी रहें सतर्क – प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी
वाराणसी। जिलाधिकारी एवं स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष कौशलराज शर्मा का कहना है कि जो प्रवासी इस बीच जिले में आये हैं और होम आइसोलेट हैं वह सभी कंट्रोल रूम से पहुँच रहे कॉल पर ऑक्सीज़न लेवल की जानकारी देते रहें। गैर प्रान्तों से आ रहे प्रवासियों को बीमारी से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार सैंपलिंग कराने में जुटा है। रेलवे स्टेशन,बस स्टेशन के साथ ही बीएचयू सर सुंदरलाल चिकित्सालय, एसएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय,एसवीएम भेलूपुर तथा एलबीएस हॉस्पिटल रामनगर पर टीम लगाकर जांच करायी जा रही है। सभी स्वयं की सुरक्षा के लिए जांच जरूर करायें।
प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एन. पी. सिंह ने बताया कि होम आइसोलेट मरीजों के पास प्रत्येक दिन फोन जा रहा है। सभी कोविड नियमों का पालन करते हुये फोन पर पूरी जानकारी दें। जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी सतर्क रहें। इधर बीच महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब दिल्ली इत्यादि प्रदेशों से आने वाले प्रवासियों को स्वास्थ्य विभाग होम आइसोलेट करा रहा है। इसमें कई लोग कोरोना पाजिटिव भी मिले हैं। सामान्य लोगों के बीमार मिलने के बाद सभी को होम आइसोलेशन में रखा गया है और सभी की कंट्रोल रूम से प्रतिदिन मोनीटरिंग की जा रही है। नोडल रैपिड रेस्पान्स टीम डॉ राहुल सिंह ने बताया होम आइसोलेशन में रहने के दौरान मास्क लगाकर रहें, जिससे घर के अन्य सदस्य प्रभावित्त न हों। घरों से बाहर न निकलें। घरों में सबसे दूरी बनाकर अलग रहें। पल्स ऑक्सीमीटर साथ रखें। ऑक्सीज़न लेवल की जानकारी लेते रहें। पल्स को नापते रहें।
ऑक्सीज़न लेवल 95 से नीचे या सेहत में उतार चढ़ाव या गड़बड़ी हो तो इसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नंबर 1077 पर दें। थर्मामीटर से अपने शरीर के तापमान को भी नापते रहें। अपने मोबाइल में होम आइसोलेशन और आरोग्य सेतु एप जरूर डाउनलोड करें। कंट्रोल रूम से बताई गई दवाइयों का सेवन करें, जैसे – टैब एजीथ्रोमायसिन 500 एमजी 1 रोज, टैब जेंकोविट 1 रोज, टैब विटामिन सी 1 रोज, बुखार आने पर टैब पैरासिटमऑल 500 एमजी दिन में 3 बार तथा टैब आइवर्मेक्टिन 12 एमजी लगातार 3 दिन तक अवश्य लें। प्रोटीन का सेवन करें। मिर्च और मशाला से दूर रहें। सादा एवं संतुलित भोजन करें। साथ ही साथ आयुर्वेदिक काढ़ा का भी प्रयोग करते रहें। ठंडी चीजों का परहेज करें। इस दौरान आपको ध्यान रखना है कि आपको होम आइसोलेशन में 17 दिन तक रहना है, आप अपने कमरे में 10 दिन तक रहें। 10 दिन के बाद 7 दिन तक कोविड नियमों का पालन करते हुये रूम के बाहर टहल सकते हैं। समस्या होने पर समय से सूचना दें, ताकि स्वास्थ्य टीम मौक़े पर पहुँच कर मदद कर सके या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर उपचार कराया जा सके।
बचाव के लिए करायें जाँच –
गैर प्रान्तों से आ रहे प्रवासियों को बीमारी से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार सैंपलिंग कराने में जुटा है। रेलवे स्टेशन,बस स्टेशन के साथ ही बीएचयू सर सुंदरलाल चिकित्सालय, एसएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय,एसवीएम भेलूपुर तथ एलबीएस हॉस्पिटल रामनगर पर टीम लगाकर जांच करायी जा रही है। लक्षण नजर आने पर स्वयं की सुरक्षा के लिए जांच जरूर करायें। मास्क लगायें और दूसरों को भी प्रेरित करें, सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करें। हाथों को समय-समय पर धुलते रहें, बुजुर्गो व बच्चों को घर से बाहर न जाने दें। सभी लोग जरूरत पर ही घर से निकलें तथा कोविड का टीका जरूर लगवाएँ।
बीएचयू कर्मचारियों के ग्रीष्म कालीन अवकाश हुए रद्द, सभी को काम पर लौटना होगा
वाराणसी। बीएचयू प्रशासन ने अपने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द करते हुए नई अधिसूचना जारी की है। महामारी का तांडव शुरू होते ही प्रशासन जहां अलर्ट मोड पर चल रहा तो चिकित्सा जगत में भी अब अतिरिक्त इंतजाम भी शुरू हुए हैं। बीएचयू सूचना अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 की स्थिति की गंभीरता के मद्देनजर चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, के शैक्षणिक स्टाफ के ग्रीष्मकालीन अवकाश को रद्द कर दिया गया है। इस संबंध में निदेशक कार्यालय, चिकित्सा विज्ञान संस्थान द्वारा अधिसूचना भी जारी हो गई। बता दें कि इस समय चिकित्सा जगत के लिए आपातकाल जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र काशी में जिस तरह कोरोना ने अपना तांडव शुरू किया है। उससे हालात बिगड़ते जा रहे हैं। ऐसे में बीएचयू प्रशासन को यह फैसला लेना पड़ा, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।
बीएचयू का मुख्य द्वार कल से रात्रि 8 बजे से सुबह 7 बजे तक रहेगा बन्द
वाराणसी।बीएचयू के मुख्य द्वार कल से नई गाइडलाइन के अनुसार बंद हो जाएंगे। रात्रि 8 बजे से सुबह 7 बजे तक सभी मुख्य द्वार बंद रहेंगे,जबकि साइड के छोटे गेट खुले रहेंगे। बीएचयू प्रशासन ने उक्त निर्णय का आदेश जारी करते हुए बताया है कि कल से यह नियम बीएचयू परिसर में लागू हो जाएगा। परिसर में आने वाले लोग समय का अवश्य ध्यान रखें।
कोरोना पर आस्था भारी, निगेटिव रिपोर्ट लेकर भक्त पहुंचने लगे संकटमोचन दरबार
वाराणासी। सांस्कृतिक और धार्मिक राजधानी काशी मैं आजकल कोरोना पर आस्था भारी पड़ती दिख रही है। बाबा संकटमोचन दरबार में आज तमाम श्रद्धालुओं ने 3 दिन की rt-pcr नेगेटिव रिपोर्ट दिखाकर बाबा का विधिवत दर्शन पूजन किया। भक्तों का कहना था कि काशी में बाबा की कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं । कई ऐसे भी भक्त थे जो नियमित दर्शन करने वाले थे। उन्होंने भी अपनी सरकारी अस्पतालों में कोरोना टेस्ट कराई व रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उसका प्रमाण पत्र लिया।आज मंदिर खुलते ही पहुंच गए बाबा दरबार में हाजिरी लगाने । भगवान के प्रति उनकी आस्था व जज्बा देख संकट मोचन दरबार की रखवाली कर रहे हैं सुरक्षा गार्डों ने भी उनकी आस्था को मन ही मन नमन किया।
कोरोना की विभीषिका के बावजूद नहीं सुधर रहे लोग, चालान काटने पर भी हो रही कीच कीच
वाराणसी। कोविड 19 से संक्रमित मरीजों में बेतहाशा वृद्धि के बाद भी कचहरी व आसपास के इलाकों में लोग नही सुधर रहे। आज शाम की जब स्थानीय पुलिस ने अभियान चलाया तो कई बिना मास्क के सड़को पर बाइक से फर्राटा भरते पकड़े गए। उनका जब चालान कटना शुरू हुआ तो पुलिस कर्मियो से तीखी बहस भी हुई। शमन शुल्क कटने से खिन्न युवती ने प्रदेश सरकार पर खजाना भरने का आरोप लगाया तो कुछ सभ्रांतलोगों ने उसे कहा प्लीज अपनी गलती देखिए।अपने साथ दूसरों के लिए भी परेशानी का सबब बन सकती है। जब लोग ही बिना मास्क के निकलने लगेंगे तो कोरोना को रोका कैसे जाएगा?
कई इलाकों संग आज कैण्ट थाना क्षेत्र के कचहरी चौराहे पर बगैर मास्क के घुम रहे लोगो के विरुद्ध अभियानचला।चौकी प्रभारी कचहरी एवं न्यायालय सुरक्षा परिसर कचहरी की टीम ने जमकर चलाया अभियान। लोगों ने कहा यह कार्य निरन्तर चले।



