लखनऊ । परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प हो या फिर माध्यमिक शिक्षा परिषद की नकल विहीन परीक्षाएं व नए विश्वविद्यालय, डिग्री कॉलेज, पालीटेक्निक व आईआईटी की सौगात यूपी में शिक्षा के स्तर में प्रदेश की योगी सरकार ने चार सालों में बड़े बदलाव के दिखाएं है। यही वजह हैं कि पिछले चार सालों में परिषदीय विद्यालयों में रिकॉर्ड तोड़ 4 करोड़ 80 लाख छात्र-छात्राओं का नामांकन बढ़ा है।
यूपी की बुनियादी शिक्षा परिषदीय विद्यालयों में जो बदलाव पिछले कई दशकों में नहीं हो सकें। वह प्रदेश की योगी सरकार ने चार सालों में कर के दिखा दिए। आपरेशन कायाकल्प के जरिए प्रदेश के 1 लाख 35 हजार परिषदीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का विकास किया गया। बच्चों को नि:शुल्क पुस्तकों के साथ, स्कूल बैग, दो जोड़ी यूनिफॉर्म, स्वेटर एवं जूता मोजा का वितरण किया गया। इसके अलावा बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय आदि बनवाए गए हैं।
शिक्षा में भ्रष्टाचार पर अंकुश
योगी सरकार के चार साल के कार्यकाल में 193 नए इंटर कॉलेजों का संचालन शुरू किया गया और 56 नए इंटर कॉलेजों को स्वीकृति प्रदान की गई। छात्राओं की बेहतर शिक्षा के लिए 30 बालिका छात्रावास भी शुरू किए गए। शिक्षकों के ट्रांसफर प्रक्रिया को ऑनलाइन कर भ्रष्टाचार रोकने और ट्रांसफर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का काम भी प्रदेश सरकार ने किया है। अध्यापकों के 5,987 नवीन पदों का सृजन, सेवानिवृत अध्यापकों के पूल से रिक्त पर्दो पर मानदेय के आधार तैनाती कर माध्यमिक शिक्षा की तस्वीर बदलने का काम योगी सरकार में ही संभव हो सका है।
उच्च शिक्षा के लिए नहीं जाना पड़ेगा दूर
प्रदेश के ग्रामीण परिवेश में रहने वाले छात्रों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए दूर न जाना पड़े। इसके लिए प्रदेश में 51 राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है, साथ ही 28 नए निजी विश्वविद्यालय खुलने जा रहे हैं । सरकार युवाओं में कौशल विकास बढ़ाने के लिए इंडस्ट्री, कौशल विकास जैसी विधाओं में भी विश्वविद्यालय खोले जाने पर सरकार विचार कर रही है। साथ ही राजा महेन्द्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय अलीगढ़, डॉ भीम राव अम्बेडकर विश्वविद्यालय आगरा और सहारनपुर राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने के लिए 16 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन, भारतीय भाषाओं को प्रोत्साहन देने के लिए सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस एवं भाषा केन्द्रों की स्थापना करने का काम भी योगी सरकार में संभव हो पाया है।
प्रतियोगी छात्रों के लिए अभ्युदय कोचिंग बनी वरदान
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रदेश के बाहर जाने वाले छात्रों को प्रदेश सरकार ने अभ्युदय कोचिंग का नायाब तोहफा दिया है। छात्रों को नि:शुल्क अभ्युदय कोचिंग की सुविधा देने वाला उत्तर प्रदेश देश में अकेला राज्य भी है। छात्रों के इंजीनियर, डॉक्टर व प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना योगी सरकार की इस पहल से पूरा हो सकेगा। जहां विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रतिभाशाली तथा उत्साही छात्रों को साक्षात प्रशिक्षण/ऑनलाइन प्रशिक्षण/सलाह दिए जाने के लिए प्रत्येक मण्डल मुख्यालय पर नि:शुल्क प्रशिक्षण केन्द्रों का संचालन शुरू किया गया है।



