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भारत में अब तक दी गई 3 करोड़ वैक्सीन, जानें जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन के बारे में क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

कोरोना से जंग लड़ते हुए करीब एक साल से भी ज्यादा हो चुका है। इस बीच देश ने कोरोना के खिलाफ सफलतापूर्वक कई कीर्तिमान स्थापित किए। हालांकि ये ध्यान रखना है कि ये दौर अभी गुजरा नहीं है और कोरोना से जंग अभी भी जारी है। उधर, भारत में चल रहे विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान में अब तक करीब 3 करोड़ से भी ज्यादा वैक्सीन की खुराक दी गई है। इस बीच देश में कोरोना के केस भी बढ़ने लगे हैं। 24 घंटे में कुल 26 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं। कोरोना के बढ़ते केस और जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीनेशन से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के बारे में जीबी पंत अस्पताल के डॉ संजय पांडेय ने जानकारी दी।

कोरोना की रोकथाम में वैक्सीनेशन की कितनी बड़ी भूमिका है?

कोरोना के खिलाफ जंग में वैक्सीन एक बहुत बड़ा हथियार है। इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि साल की शुरुआत में केस कम होकर 8 हजार तक पहुंच गए थे, लेकिन अभी केस फिर बढ़ रहे हैं और करीब 25 हजार केस सामने आ गए हैं। अगर हमने वैक्सीनेशन नहीं किया तो ये साइकिल ऐसे ही चलती रहेगी। इसका दुष्परिणाम ये है कि लोगों की गतिविधियां बंद हो जाती हैं जिससे आर्थिक और सामाजिक तौर पर काफी नुकसान होता है। अब अगर हम वैक्सीनेशन कर लेंगे तो यह अनिश्चितता खत्म हो जाएगी। इसलिए सभी लोग इसमें आगे बढ़ कर हिस्सा लें।

क्या म्यूटेट वायरस पर वैक्सीन प्रभावी है?

सभी वायरस अपना स्वरूप बदलते हैं। जब इसकी वैक्सीन लगाते हैं तो वह 100 प्रतिशत तो प्रभावी नहीं होती है। वह 70 या 80 प्रतिशत तक ही प्रभावी होती है। ऐसे में अगर वायरस म्यूटेट होकर भी आता है तो शरीर में एंटीबॉडी उससे हमें बचाता है। वैक्सीन का यही फायदा है कि वायरस का अगर संक्रमण हो भी गया तो मोर्टेलिटी नहीं बढ़ेगी, व्यक्ति गंभीर नहीं होगा, शरीर जल्दी रिकवर कर जाता है।

कई राज्यों में कोरोना के नए केस की संख्या बढ़ने लगी है, ऐसे में क्या कहेंगे?

एक बात ध्यान रखनी है कि अभी पूरे देश में वैक्सीनेशन नहीं हुआ है और कोरोना इतनी जल्दी जाने वाला नहीं है। इसलिए कोरोना के खिलाफ जो नियम बनाएं गए हैं उसका पालन करते रहना है। अगर ऐसा नहीं करेंगे तो स्थिति एक बार फिर खराब हो सकती है। जब तक पूरे देश में वैक्सीन नहीं लग जाती है, जरा सी चूक भी भारी पड़ सकती है। हम देख रहे हैं केस एक बार फिर से बढ़ने लगे हैं, ऐसे में शुरुआत में जो भी बच्चों, बुजुर्गों आदि के लिए नियम बताए गए थे उन्हें ही फॉलो करें।

जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन के बारे में क्या कुछ कहेंगे?

जॉनसन एंड जॉनसन की सिंगल डोज वैक्सीन है, जो अलग तरह से विकसित की गई है। अभी तक सभी वैक्सीन दो डोज की हैं, लेकिन इसकी एक डोज ही लगेगी। इस वैक्सीन के प्रयोग से कम समय में ज्यादा लोगों तक पहुंचा जा सकेगा, क्योंकि इसमें दूसरे डोज के लिए व्यक्ति को नहीं बुलाना है बल्कि उस समय में दूसरे व्यक्ति को वैक्सीन लग जाएगी। खास बात ये भी है कि इसकी प्रभाविता भी अच्छी है।

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