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सौन्दर्य में सामान्य गलतियां

-शहनाज हुसैन

-शहनाज़ हुसैन

महिलाओं को मेक अप का खास शौक होता है क्योंकि मेक अप खूबसूरती के साथ आत्म विश्वास भी बढ़ाता है। सौन्दर्य के मामले में महिलायें पुरुषों की बजाय ज्यादा संजीदा होती हैं। लेकिन त्वचा के सौन्दर्य तथा मेकअप से जुड़ी कुछ गलत धारणाओं और उचित जानकारी की कमी की वजह से महिलाएं अक्सर कुछ गलतियां कर बैठती हैं जिन्हे सामान्य भाषा में ब्यूटी ब्लंडर कहा जाता है ।

जहाँ प्राकृतिक सौन्दर्य को निखारने के लिए पर्याप्त समय तथा अतिरिक्त प्रयासों की जरूरत होती है तथा इसमें शार्ट कट ज्यादातर आप पर भारी पड़ जाते हैं , लेकिन फिर भी ज़्यादातर महिलायें समय की कमी की बजह से आनन फानन में अंतिम समय में ज्यादातर गलतियाँ कर बैठती हैं क्योंकि मेकअप हर किसी के बस की बात नहीं होती। रोजमर्रा तैयार होने के लिए हमेशा महंगे ब्यूटी पार्लर या ब्यूटिशियन की मदद लेना सम्भब नहीं होता क्योंकि इस में धन और समय की जरूरत होती है जोकि सामान्य मिडिल क्लास परिवारों की महिलाएं समर्थ नहीं होती।

सुन्दर दिखना हर महिला का हक़ होता है तथा आप मेकअप से जुड़ी सामान्य गलतियों को स्मार्ट तरीके से सुधार सकती हैं। सामान्यत महिलाओं की सौंदर्य सम्बन्धी आवधरणाओं को कभी ज्यादातर मामलों में स्पष्ट नहीं किया जाता इसलिए वह बार-बार सामान्य गलतियों को दोहराती जाती हैं जिसकी वजह से उन्हें हानि उठानी पडती है। इस आलेख में सौंदर्य सम्बन्धी कुछ सामान्य गलतियों तथा अवधारणाओं को स्पष्ट किया गया है। हमारी उम्र बढ़ने से त्वचा की नयी समस्याएं खड़ी हो जाती हैं जबकि फेस वाश सहित अन्य सौन्दर्य प्रसाधन हम बदलने को तैयार ही नहीं होते जबकि हमें उम्र के हिसाब से फेस वाश व् अन्य सौन्दर्य प्रसाधन प्रयोग करने चाहिए।

प्रश्नः साबुन तथा पानी से मुंह धोना अच्छा स्वच्छ तरीका है।

शहनाज हुसैनः नहीं, वास्तव में साबनु से बनावटी सौन्दर्य मैल तथा प्रदूषण पूरी तरह नहीं हटाए जा सकते है। इसके बाद अधिकतर साबून क्षारीय होते हैं जो कि त्वचा के सामान्य अम्लीय क्षारीय सन्तुलन को बिगाड़ते हैं तथा त्वचा को शुष्क भी बना देते है।

प्रश्न 2ः चिकनाईयुक्त तथा जटिल त्वचा के लिए चेहरे को साबून तथा पानी से बार-बार धोना चाहिए।

शहनाज हुसैन-नहीं, यह सही नहीं हैं। त्वचा को साबून तथा पानी से दिन में दो बार से ज्यादा नहीं धोना चाहिए। साबुन के निरन्त प्रयोग से त्वचा में क्षारीयनपन बढ़ जाता है जिससे त्वचा पर बैक्टीरियाल हमले की प्रवृति बढ़ जाती है तथा इससे त्वचा पर काले मुहांसे पैदा हो जाते है।

प्रश्न 3ः सैलून फेशियल मासाज सभी प्रकार की त्वचा के लिए उपयोगी साबित होती है।

शहनाज हुसैन: सेलून फेशियल मसाज में विभिन्न प्रकार की क्रीमों का उपयोग किया जाता है तथा तैलीय त्वचा की क्रीम से मालिश नहीं कीजानी चाहिए क्योंकि इससे तैलीय ग्रन्थियां उतेजित होती है। अगर तैलीय त्वचा में फेशियल करना हो तो उसमें मात्र क्लीजिंग, टोनिंग, मास्क, तथा एक्सफोलीऐशन का ही उपयोग करना चाहिए।

प्रश्न 4ः त्वचा पर क्रीम को लगाकर पूरी रात तक त्वचा पर लगे रहने देना चाहिए।

शहनाज हुसैन: त्वचा एक सीमा तक ही क्रीम सोख सकती है तथा इसके बाद वह क्रीम का उपयोग नहीं कर सकती। वास्तव में सोते समय त्वचा के छिद्र क्रीम से पूरी तरह मुक्त होने चाहिए। फिर भी यदि त्वचा अत्याधिक शुष्क है तो अतिरिक्त क्रीम को गीले काटनवूल से हटाकर हल्का द्रव्य माइस्चराईजर लगाया जा सकता है।

प्रश्न 5ः रात को आंखों के इर्द गिर्द रात भर क्रीम लगाने से झुर्रियां रोकने में मदद मिलती है।

शहनाज हुसैन : यह गलत परम्परा है। वास्तव में आंखों के इर्द-गिर्द की त्वचा बाकी क्षेत्रों के अलावा काफी संवेदनशील तथा पतली होती है। क्रीम को रात भर आंखों के इर्द-गिर्द लगाकर नहीं छोड़ना चाहिए। एक विशेष प्रकार की ‘‘अंडर आई’’ क्रीम को आंखों के इर्द-गिर्द त्वचा पर लगाकर दस मिनट बाद धो देना चाहिए।

प्रश्न 6: सामान्य त्वचा को नियमित देखभाल की जरूरत नहीं होती।

शहनाज हुसैन : यह सामान्य अवधराणा है। त्वचा पर जमें मैल तथा प्रदूषण की हटाने के लिए सभी प्रकार की त्वचा को नियमित देखभाल की आवश्यकता होती है ताकि उसकी सुन्दरता एवं स्वास्थ्य को बनाए रखा जा सके।

प्रश्न 7ः काले मसे तथा मुहांसे छिद्रों पर जमा गंदगी होती है।

शहनाज हुसैन : यह सही नहीं है। काले मसे तथा मुहांसे त्वचा के प्राकृतिक तेल सीवम के कठोर होने की वजह से होते है। क्योंकि त्वचा के छिद्र खुले होते है तथा इसकी नोक हवा की तरफ उजागर होती है जिसके इसका आक्सीकरण हो जाता है तथा इसका रंग काला पड़ जाता हैं जिससे इसे काले मसे कहते है।

प्रश्न 8ः किशोर बच्चों को मुहांसों की कतई परवाह नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह स्वयं ही समाप्त हो जाऐंगे।

शहनाज हुसैन : यह बिल्कुल गलत सलाह है । वास्तव में किशोर बच्चों को मुंहासो से बचाव तथा उपचार की ज्यादा जरूरत होती है क्योंकि यह शरीर के दूसरे हिस्सों में फैलकर व्यापक क्षति पहुंचा सकते है। मुंहासों को प्रतिदिन उचित उपचार से रोका तथा नियमित किया जा सकता है।

प्रश्न 9ः चेहरे पर निशान तथा धब्बे गर्भावस्था के बाद ही उभरते है।

शहनाज हुसैन : यह कदापि सत्य नहीं है। चेहरे पर दाग, धब्बों के निशान गर्भावस्था से पहले भी उभर सकते है क्योंकि यह त्वचा में लचीलेपन की कमी से पैदा होते है। यह सामान्य वजन बढ़ने के बाद वजन घटाने की प्रक्रिया के दौरान उभरते है।

प्रश्न10ः सर्दियों में सनस्क्रीन लगाने की कतई आवश्यकता नहीं होती।ै

शहनाज हुसैन : सनस्क्रीन की सर्दियों में भी लगाना चाहिए विशेषतः जब सर्दियों में काफी समय सूर्य की किरणों का सामना करना पडें। सनस्क्रीन त्वचा को हानिकारक यू.वी. किरणों से बचाने में मददगार साबित होती हे।

प्रश्न11ः यदि बाल लगातार झड़ रहे है तथा सिर में तेल की मालिश करने से बालों को वृद्वि होती है।

शहनाज हुसैन : यह सही नहीं है। यदि बाल झड़ रहे है तो बालों की जड़े कमजोर है तथा बालों की माशिल करने से बालों का झड़ना बढ़ सकता है। मालिश करते बार बालों को मत रगड़िये। वास्तव में खोपड़ी की चमड़ी को अुंगलियों से गोलाकार तरीके से मालिश कीजिए।

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