
वाराणसी। ज्ञानवापी मामले में उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से दाखिल निगरानी याचिका की पोषणीयता पर गुरुवार को सुनवाई नहीं हो सकी। दो अधिवक्ताओं के निधन के शोक में बार एसोसिएशन द्वारा न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया था। इसपर अपर जिला जज (प्रथम) राजीव कमल पांडेय की अदालत ने सुनवाई को टालते हुए 20 अक्टूबर की तिथि मुकर्रर कर दी।
बता दें कि सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड तथा अंजुमन इंतजामिया मसाजिद ने मुकदमे की सुनवाई करने के सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्टट्रैक) के क्षेत्राधिकार को चुनौती दी थी। सिविल जज ने 25 फरवरी 2020 को पक्षकारों की बहस सुनने तथा नजीरों के अवलोकन के पश्चात् सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड तथा अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की चुनौती को खारिज कर दिया था। सिविल जज के फैसले के खिलाफ अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की ओर से एक जुलाई तथा सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की ओर से 18 सितंबर को जिला जज की अदालत में निगरानी याचिका दायर किया गया। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की निगरानी याचिका की पोषणीयता पर सुनवाई चल रही है।



