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रविदास जन्मस्थली से निकली 131 कलशों की ऐतिहासिक यात्रा, देशभर पहुंचेगी पावन माटी

वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास की जन्मस्थली से भाजपा के राष्ट्रव्यापी समरसता संकल्प अभियान का भव्य शुभारंभ हुआ। 131 कलशों में जन्मस्थली की पावन माटी का पूजन कर शोभायात्रा निकाली गई। यह पवित्र माटी देशभर के 20 हजार से अधिक स्थानों तक पहुंचाई जाएगी। भाजपा नेताओं ने संत रविदास के समानता, सामाजिक समरसता और मानव गरिमा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। अभियान 20 फरवरी तक चलेगा।

  • 650वीं जयंती वर्ष पर सीर गोवर्धनपुर से भाजपा के ‘समरसता संकल्प अभियान’ का आगाज,भारत में 20 हजार से अधिक स्थानों तक पहुंचेगी जन्मस्थली की माटी
  • 27 राज्यों के प्रतिनिधि 29 जुलाई को लेकर जाएंगे पावन माटी के कलश, नितिन नबीन, योगी आदित्यनाथ और पंकज चौधरी करेंगे कलशों का वितरण
  • तरुण चुग बोले-संत रविदास के समरस समाज और ‘बेगमपुरा’ के विचार को जन-जन तक पहुंचाना लक्ष्य, धर्मपाल सिंह ने बताया संपूर्ण मानवता का संत

वाराणसी : संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित राष्ट्रव्यापी ‘समरसता संकल्प अभियान’ का भव्य शुभारंभ मंगलवार को संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर से हुआ। जन्मस्थली की पावन माटी के पूजन, 131 कलशों में माटी संग्रह और भव्य कलश शोभायात्रा के साथ शुरू हुए इस अभियान ने काशी की धरती से सामाजिक समरसता, समानता, मानव गरिमा और सामाजिक एकता का संदेश देशभर में पहुंचाने का संकल्प लिया। अभियान 29 जुलाई से शुरू होकर 20 फरवरी तक चलेगा।

कार्यक्रम की शुरुआत संत रविदास जी की प्रतिमा पर भाजपा नेताओं और संत-महात्माओं द्वारा पुष्पार्चन से हुई। इसके बाद संत रविदास की जन्मस्थली की पवित्र माटी को विधि-विधान और रैदासी परंपरा के अनुसार 131 कलशों में भरकर उनका पूजन किया गया। पूजन के बाद इन कलशों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिभाव और उत्साह से भर दिया।

शोभायात्रा में सबसे आगे बैंड-बाजे चल रहे थे। इसके पीछे सुसज्जित घोड़ें आकर्षण का केंद्र रहे। पारंपरिक भारतीय वेशभूषा में पीले रंग की साड़ी पहने 131 महिलाएं सिर पर पवित्र माटी से भरे कलश लेकर चल रही थीं। शोभायात्रा के सबसे पीछे फुलों से सुसज्जित बग्घी पर संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का चित्र विराजमान था। मार्ग के दोनों ओर खड़े श्रद्धालु पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत कर रहे थे। श्रद्धा और उल्लास से सराबोर वातावरण में निकली शोभायात्रा का समापन संत रविदास मंदिर परिसर में हुआ, जहां सभी पूजित कलशों को सुरक्षित रखा गया।

भाजपा नेताओं ने मंदिर में शीश नवाया

कलश शोभायात्रा मंदिर पहुंचने पर सभी वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने संत शिरोमणी गुरु रविदास जी की मूर्ति के सम्मुख शीश नवाकर नमन किया।

20 हजार से अधिक स्थानों तक पहुंचेगी जन्मस्थली की माटी

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग ने कहा कि संत रविदास जी की जन्मस्थली की पावन माटी का पूजन कर उसे 131 कलशों में संग्रहित किया गया है। यह माटी देश के 20 हजार से अधिक स्थानों तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी की सामाजिक समरसता, समानता और मानव कल्याण की सोच जन-जन तक पहुंचे और लोग उसे अपने जीवन में आत्मसात करें, यही अभियान का मूल उद्देश्य है।

तरुण चुग ने कहा कि संत रविदास जी भक्ति की धारा के महान संत थे, जिन्होंने भक्ति को जन-जन तक पहुंचाया। उन्होंने ‘बेगमपुरा’ की ऐसी कल्पना प्रस्तुत की, जहां किसी को दुख न हो, भेदभाव न हो और हर व्यक्ति को सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी के 650वें जयंती वर्ष का यह आयोजन उनके विचारों को देशव्यापी स्तर पर पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने बताया कि बुधवार 29 जुलाई को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की उपस्थिति में 27 राज्यों से आए प्रतिनिधियों को पवित्र माटी से भरे कलश सौंपे जाएंगे। इसके बाद प्रतिनिधि इन कलशों को लेकर अपने-अपने राज्यों के लिए रवाना होंगे और संत रविदास के विचारों तथा सामाजिक समरसता के संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाएंगे।

संत रविदास ने समानता और सामाजिक एकता का दिया संदेश : लाल सिंह आर्य

भाजपा अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास ऐसे समय में प्रकट हुए, जब भारतीय समाज सामाजिक विषमताओं और कुरीतियों से जूझ रहा था। उन्होंने अपने सरल और विनम्र जीवन तथा अपनी वाणी के माध्यम से स्पष्ट किया कि मनुष्य की पहचान उसके जन्म से नहीं, बल्कि उसके कर्म, गुण और चरित्र से होती है। उन्होंने संत रविदास के संदेश को उद्धृत करते हुए कहा कि उन्होंने मानव समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर समानता और एकता का मार्ग दिखाया। ‘एकै माटी के सभ भांडे’ के माध्यम से उन्होंने समस्त मानवता की एकता का संदेश दिया और सामाजिक भेदभाव को समाज तथा राष्ट्र की कमजोरी बताया।

संत रविदास किसी एक समाज के नहीं, संपूर्ण मानवता के पथप्रदर्शक : धर्मपाल सिंह

भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज किसी एक समाज या वर्ग के संत नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के महान पथप्रदर्शक थे। वे भक्ति आंदोलन के महान संत, श्रेष्ठ समाज सुधारक और आध्यात्मिक चिंतक थे। उन्होंने समाज के करोड़ों वंचित और उपेक्षित लोगों को सम्मान, आत्मविश्वास और जीवन का उद्देश्य प्रदान किया। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने समाज में सुधार, समरसता और मेल-मिलाप का मार्ग दिखाया। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और ‘समरसता संकल्प अभियान’ के माध्यम से भाजपा उनके संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

सामाजिक विषमता के दौर में संत रविदास ने जगाई नई चेतना : सुरेश खन्ना

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं वाराणसी के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि देशभर में करोड़ों लोग जाति और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर संत शिरोमणि गुरु रविदास जी को श्रद्धा और सम्मान के साथ स्मरण करते हैं। उन्होंने कहा कि जिस दौर में समाज जातिगत भेदभाव, सामाजिक विषमता, धर्मांतरण और अत्याचार जैसी चुनौतियों से जूझ रहा था, उस समय संत रविदास ने सामाजिक समरसता, समानता और आत्मसम्मान का संदेश देकर करोड़ों लोगों में नई चेतना का संचार किया।

समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि संत रविदास जी ने अपना पूरा जीवन जातिवाद और छुआछूत के खिलाफ सामाजिक चेतना जगाने में समर्पित किया। उन्होंने समाज को यह संदेश दिया कि कोई भी व्यक्ति जन्म से छोटा या बड़ा नहीं होता। मनुष्य की वास्तविक पहचान उसके कर्म और मानवता के प्रति उसके प्रेम से होती है।

भव्य आयोजन में उमड़ा भाजपा का संगठनात्मक कुनबा

जन्मस्थली पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग, प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, कैबिनेट मंत्री एवं वाराणसी के प्रभारी सुरेश खन्ना, भाजपा अनुसूचित मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, संत रविदास मंदिर के प्रमुख हरजिंदर सिंह जी, राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद्र बैरवा, आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल, क्षेत्र अध्यक्ष अशोक चौरसिया, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मोर्या, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक डॉ अवधेश सिंह, विधायक टी. राम, एमएलसी अश्विनी त्यागी, एमएलसी धर्मेंद्र राय, पूर्व विधायक जगदीश पटेल, त्रयंबक त्रिपाठी, अनिल यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष राम सकल पटेल, क्षेत्र मीडिया प्रभारी नवरतन राठी, सह प्रभारी संतोष सोलापुरकर, सुरेंद्र पटेल, सिद्धार्थ कुशवाहा, सुरेश सिंह, कुसुम पटेल, विनिता सिंह, गीता शास्त्री, अपराजिता सोनकर, सुनिता सिंह, अजीत रावत, राकेश शर्मा, सुरेश सिंह, अशोक जाटव, गौरव राठी, शैलेंद्र मिश्रा, अमित राय, जगदीश त्रिपाठी, अशोक पटेल, संजय सोनकर और प्रवीण सिंह गौतम सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, संत-महात्मा और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।

सामाजिक समरसता का संदेश देकर संत रविदास घाट पर गूंजा ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा'”

मानवता, सामाजिक समरसता और ईश्वर के प्रति सच्ची भक्ति का संदेश देकर संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में गुरु पूर्णिमा से आयोजित राष्ट्रव्यापी ‘समरसता संकल्प अभियान’ के तहत नमामि गंगे ने मंगलवार को संत रविदास घाट पर ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ की अलख जगाई।

नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के संयोजन में सामाजिक समरसता, आंतरिक पवित्रता और सच्चे कर्म की राह दिखाते संत शिरोमणि के महत्वपूर्ण वचन ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ लिखी तख्तियां लेेकर एवं कठौती में गंगाजल भरकर मन की शुद्धता को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित उत्तर प्रदेश (दिव्यांग प्रकोष्ठ) के संयोजक व रविदास पार्क में दीप उत्सव कार्यक्रम के प्रभारी डॉ उत्तम ओझा ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास का चिंतन सामाजिक समरसता, नैतिक आचरण व चरित्र निर्माण का संदेश देता है। संपूर्ण भारतवर्ष में संत रविदास के सामाजिक समरसता का संदेश पहुंचाना हम सभी का नैतिक दायित्व है।

नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि मन चंगा तो कठौती में गंगा संत रविदास का वो दर्शन है जो आज भी सामाजिक समरसता की राह दिखाता है । यह कथन आंतरिक पवित्रता और सच्चे कर्म को दर्शाता है, जिसका अर्थ है कि यदि आपका मन साफ और निर्मल है, तो घर पर रखी चमड़े धोने की कठौती के जल में भी माँ गंगा का वास होता है।

आयोजन के दौरान प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश (दिव्यांग प्रकोष्ठ) के संयोजक व रविदास पार्क में दीप उत्सव कार्यक्रम के प्रभारी डॉ उत्तम ओझा , नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला, महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, विशाल केसरी सहसंयोजक लघुउद्योग, दिनेश कुमार सिंह, सतवंत भारती, रवि निषाद, संजय शर्मा सहित सैकड़ो की संख्या में नागरिक शामिल रहे ।

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