संत रविदास की 650वीं जयंती पर दुल्हन की तरह सजी काशी
संत गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर वाराणसी को भव्य रूप से सजाया गया है। शहर के 20 प्रमुख चौराहों, सीर गोवर्धनपुर जन्मस्थली और प्रमुख मार्गों पर आकर्षक सजावट, विद्युत रोशनी एवं होर्डिंग्स लगाए गए हैं। जन्मस्थली पर 8 स्वागत द्वार बनाए गए हैं, जबकि रविदास पार्क 11 हजार दीपों से जगमगाएगा।
वाराणसी : संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष को भव्य और यादगार बनाने के लिए काशी को दुल्हन की तरह सजाया गया है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से शहर के प्रमुख चौराहों पर विशेष सजावट, स्वागत द्वारों के निर्माण, होर्डिंग्स तथा झालर और विद्युत प्रकाश से जगमगा रही है काशी । जयंती समारोह को लेकर काशी के प्रमुख मार्गों और संत रविदास जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर क्षेत्र को विशेष रूप से सजाया गया है।
भाजपा की तैयारियों के अनुसार शहर के 20 प्रमुख चौराहों और तिराहों को सजाया गया है । इनमें मालवीय प्रतिमा लंका गेट, गुरुधाम चौराहा, भेलूपुर चौराहा, सोनारपुरा चौराहा, गौदौलिया चौराहा, मैदागिन व चौक, कबीर मठ चौराहा, लहुराबीर चौराहा, सरदार पटेल प्रतिमा मलदहिया, साजन तिराहा, सिगरा चौराहा, संत अतुलानंद, राजर्षि प्रतिमा गिलट बाजार, भोजूबीर तिराहा, सर्किट हाउस, गोलघर चौराहा, अंबेडकर चौराहा, पुलिस लाइन तिराहा, चौकाघाट चौराहा और तेलियाबाग तिराहा शामिल हैं। इन स्थानों पर सजावट एवं होर्डिंग्स के माध्यम से संत रविदास जी के 650वें जयंती वर्ष का संदेश प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।
सीर गोवर्धनपुर में बनेंगे आठ स्वागत द्वार
जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर में आने वाले श्रद्धालुओं और अतिथियों के स्वागत के लिए आठ प्रमुख स्थानों पर गेट निर्माण की योजना है। इनमें सीर गेट, रविदास मंदिर के पास, रविदास स्कूल के पास, रविदास पार्क के पास, सहज एकेडमी के पास वीआईपी गेट, काशीपुरम कॉलोनी के ठीक सामने, लौटूबीर बाबा मंदिर के पास तथा डाफी टोल प्लाजा के पास स्वागत द्वार बनाए जाएंगे। इन स्वागत द्वारों को जयंती समारोह की थीम और संत रविदास जी के संदेश के अनुरूप आकर्षक रूप दिया गया है ।
बीएचयू सीर गेट से कार्यक्रम स्थल हुआ जगमग
समारोह क्षेत्र में प्रकाश और सजावट की विशेष व्यवस्था की जा रही है। बीएचयू सीर गेट से रविदास पार्क होते हुए कार्यक्रम स्थल तक झालर एवं विद्युत लाइटिंग की विशेष व्यवस्था की गयी है । इसके साथ ही रविदास पार्क में अलग से झालर और लाइट की सजावट की गयी है, यह पार्क 29 जुलाई की शाम 11000 दीपों से जगमगाएगा इसके साथ ही रविदास मंदिर को भी विशेष झालर और रोशनी से सजाया गया है । इससे जन्मस्थली और आसपास का पूरा क्षेत्र रात में भी आकर्षण का केंद्र बनेगा।
संत रविदास जी की 650वीं जयंती पर शहर के प्रमुख चौराहों से लेकर जन्मस्थली तक सजावट और रोशनी के जरिए काशी में जयंती वर्ष में आयोजित समारोह का उत्सवी माहौल नजर आ रहा है।
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