बड़ा मंगल पर आम पन्ना सेवा का आयोजन, सेवा और समर्पण से सराबोर हुआ चौक क्षेत्र
वाराणसी के चौक क्षेत्र में बड़ा मंगल के पावन अवसर पर सामाजिक संस्था संकल्प एवं बाबा गणिनाथ भक्त मण्डल, काशी द्वारा आम पन्ना सेवा का आयोजन किया गया। भीषण गर्मी के बीच श्रद्धालुओं, राहगीरों और स्थानीय नागरिकों को शीतल आम पन्ना वितरित कर मानव सेवा का संदेश दिया गया। आयोजन में सेवा, समर्पण और परोपकार की भावना देखने को मिली। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज में सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला प्रयास बताया।
वाराणसी। ज्येष्ठ मास के पावन बड़ा मंगल के अवसर पर धर्म, सेवा और परोपकार का एक प्रेरणादायक दृश्य उस समय देखने को मिला जब सामाजिक संस्था “संकल्प” एवं बाबा गणिनाथ भक्त मण्डल, काशी के संयुक्त तत्वावधान में चौक क्षेत्र में भव्य आम पन्ना सेवा का आयोजन किया गया। तपती धूप और भीषण गर्मी के बीच आयोजित इस सेवा कार्यक्रम ने न केवल लोगों की प्यास बुझाई, बल्कि उनके हृदयों को भी सेवा और सद्भाव की शीतलता से सराबोर कर दिया।
सुबह से ही सेवा स्थल पर श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना रहा। स्वयंसेवक पूरे समर्पण भाव से राहगीरों, श्रद्धालुओं, व्यापारियों, रिक्शा चालकों, श्रमिकों तथा स्थानीय नागरिकों को प्रेमपूर्वक शीतल आम पन्ना वितरित करते रहे। सेवा ग्रहण करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के चेहरे पर संतोष, प्रसन्नता और कृतज्ञता के भाव स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं पवनपुत्र हनुमान जी की कृपा इस सेवा कार्य के माध्यम से जन-जन तक पहुंच रही हो।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि “मानव सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है।” बड़ा मंगल केवल पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का पर्व नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराने वाला अवसर भी है। जब किसी प्यासे को जल मिलता है, किसी जरूरतमंद को सहारा मिलता है और किसी थके हुए व्यक्ति को राहत मिलती है, तभी धर्म का वास्तविक स्वरूप साकार होता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव सेवा, करुणा, दया और परोपकार की भावनाओं से ओत-प्रोत रही है। भीषण गर्मी में लोगों को शीतल पेय उपलब्ध कराना न केवल एक सामाजिक दायित्व है, बल्कि यह पुण्य का ऐसा कार्य है जो सीधे मानवता की सेवा से जुड़ता है। यही कारण है कि बड़ा मंगल जैसे पर्व समाज में सहयोग, सद्भाव और परस्पर प्रेम की भावना को और अधिक मजबूत बनाते हैं।

आयोजकों ने बताया कि भगवान श्री हनुमान जी की असीम कृपा एवं संत शिरोमणि बाबा गणिनाथ जी महाराज के पावन आशीर्वाद से यह सेवा कार्य संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि सेवा के माध्यम से लोगों के चेहरों पर आई मुस्कान और संतुष्टि ही इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। यही भाव भविष्य में और अधिक जनकल्याणकारी कार्यों के लिए प्रेरणा प्रदान करता रहेगा।

कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की। उनका कहना था कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं तथा युवाओं को सेवा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक बनाते हैं। आज के समय में जब समाज को आपसी सहयोग और मानवीय मूल्यों की आवश्यकता है, तब इस प्रकार के सेवा कार्य नई पीढ़ी के लिए अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
अंत में आयोजकों ने सभी सहयोगियों, समाज बंधुओं, दानदाताओं एवं स्वयंसेवकों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया तथा संकल्प लिया कि भविष्य में भी इसी प्रकार सेवा, संस्कार और समाजहित के कार्य निरंतर जारी रखे जाएंगे।

प्रमुख रूप से उपस्थित रहे
अनिल कुमार जैन, आलोक कुमार जैन, राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, संतोष अग्रवाल (कर्णघंटा), सिद्धार्थ जैन, रत्ना जैन (मुंबई), राजेन्द्र जी, रंजीत कुमार गुप्ता, राजेश कुमार गुप्ता, आलोक कुमार गुप्ता, शैलेन्द्र मध्यदेशिया (मध्यप्रदेश), रीता गुप्ता, रेखा दत्ता, बिनय कुमार गुप्ता, आशुतोष गुप्ता, निखिल गुप्ता, संजीत मध्यदेशिया, राजेश जी हड़हा, नवल मध्यदेशिया, विशाल गुप्ता, अमित श्रीवास्तव, रितिक, भाईयां लाल, रामू, लल्लन सहित बड़ी संख्या में समाज बंधु एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
“सेवा से बढ़कर कोई साधना नहीं, और परोपकार से बड़ा कोई धर्म नहीं। बड़ा मंगल पर आयोजित यह आम पन्ना सेवा इसी सनातन संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रेरणादायक प्रयास बन गई।”
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