नौकरी के नाम पर भारतीय युवाओं को बेचने वाला मास्टरमाइंड बेनकाब
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी और साइबर गुलामी रैकेट का बड़ा खुलासा करते हुए मास्टरमाइंड आनंद कुमार सिंह समेत पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। आरोप है कि युवाओं को नौकरी और मोटी सैलरी का झांसा देकर कंबोडिया ले जाया जाता था, जहां उनसे जबरन ऑनलाइन ठगी करवाई जाती थी। विरोध करने पर बिजली के झटके, कैद और भूखा-प्यासा रखने जैसी यातनाएं दी जाती थीं। एनआईए अब अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और अन्य एजेंटों की तलाश में जुटी है।
नयी दिल्ली : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी और साइबर गुलामी के एक अंतरराष्ट्रीय रैकेट के मामले में फरार मास्टरमाइंड आनंद कुमार सिंह सहित पांच आरोपियों के खिलाफ पटना की एक विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है।उल्लेखनीय है कि यह रैकेट भारतीय युवाओं को नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया ले जाता था और जबरन फर्जी कंपनियों में ऑनलाइन ठगी करवाता था।बिहार के पटना में एनआईए की एक विशेष अदालत में दायर आरोपपत्र में आनंद और उसके चार सह-आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
आरोपपत्र में शामिल तीन सह-आरोपियों अभय नाथ दुबे, अभिरंजन कुमार और रोहित यादव को इस साल फरवरी में कंबोडिया से राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने पर गिरफ्तार किया गया था। पांचवें की पहचान प्रहलाद कुमार सिंह के रूप में हुई है और वह जमानत पर है।आरोपी एक संगठित मानव तस्करी सिंडिकेट के तहत भारतीय युवाओं को नौकरियों और अच्छे वेतन का प्रलोभन देकर कंबोडिया ले जाते। पीड़ितों के पासपोर्ट जब्त कर लेते और उन्हें कंबोडिया में फर्जी कंपनियों के लिए काम करने को मजबूर किया जाता। अगर वे इसका विरोध करते तो उन्हें बिजली के झटके दिए जाते, जबरदस्ती कैद कर लिया जाता, खाना-पानी नहीं देने जैसी मानसिक और शारीरिक यातनाएं दी जातीं।
एनआईए की जांच में पता चला कि आनंद इस रैकेट का सरगना था और भारत में अलग-अलग सब-एजेंट/ट्रैवल एजेंट के माध्यम से युवाओं की भर्ती में शामिल करता था। वह कंबोडिया में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पीड़ितों की अवैध तरीके से उस देश में तस्करी कर रहा था। वह फर्जी कंपनी को ‘बेचे’ गए प्रत्येक युवक के बदले 2,000 से 3,000 अमेरिकी डॉलर वसूलता था। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने और पूरी साजिश का खुलासा करने के लिए जांच अभी जारी है। (वार्ता)
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