ट्रंप का चीन पर बड़ा दबाव! बोले- “टैरिफ से बचना है तो अमेरिका में फैक्ट्री लगाओ”, ताइवान हथियार डील भी रोकी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को चेतावनी देते हुए कहा कि टैरिफ से बचने के लिए उसे अमेरिका में फैक्ट्रियां लगानी होंगी और अमेरिकी नागरिकों को रोजगार देना होगा। ट्रंप ने ताइवान को 12 अरब डॉलर के हथियारों की आपूर्ति फिलहाल रोकने की भी पुष्टि की, जिसे उन्होंने चीन के साथ बातचीत का अहम साधन बताया। वहीं, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि अमेरिका-चीन टकराव पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है।
वाशिंगटन : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर चीन अमेरिका से टैरिफ से बचना चाहता है, तो उसे अमेरिका में कारखाने लगाने चाहिए और अमेरिकियों को नौकरी देनी चाहिए।
ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा, “अगर चीन यहां आकर टैरिफ से बचना चाहता है, तो यहां उत्पादन करने पर ज्यादातर अमेरिकी लोगों को ही नौकरी मिलेगी। अगर वे टैरिफ से बचना चाहते हैं, तो उन्हें अमेरिका में ही उत्पादन करना होगा।”अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि चीन के साथ पहले घोषित समझौते के तहत ऑर्डर किए गए बोइंग विमानों की संख्या 750 तक पहुंच सकती है।
अमेरिकी नेता के अनुसार, पहले बीजिंग ने 200 बोइंग विमान खरीदने पर सहमति जताई थी, हालांकि चीन ने अभी तक इस समझौते की पुष्टि नहीं की है।ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा, “मैंने बोइंग और जनरल इलेक्ट्रिक को यह बताया है कि हम जनरल इलेक्ट्रिक इंजन का इस्तेमाल करेंगे, जो बेहतरीन हैं। अगर वे अच्छा काम करते हैं, तो हम 750 तक पहुंच सकते हैं।”
ताइवान को 12 अरब अमेरिकी डॉलर के हथियारों की आपूर्ति का मुद्दा फिलहाल स्थगित : ट्रम्प
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ताइवान को 12 अरब डॉलर मूल्य के हथियारों की आपूर्ति का मुद्दा फिलहाल रोक दिया गया है।अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक साक्षात्कार में इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि ताइवान को दी जाने वाली लगभग 12 अरब डॉलर के हथियारों की आपूर्ति फिलहाल स्थगित कर दी गयी है। श्री ट्रम्प ने इसे चीन के साथ बातचीत और सौदेबाजी के लिए एक ‘बहुत अच्छा टूल’ बताया है।
श्री ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज से कहा, “मैं इसे रोक रहा हूं और यह चीन पर निर्भर करता है। सच कहूं तो, यह हमारे लिए बातचीत का एक बहुत अच्छा जरिया है। इसमें बहुत सारे हथियार हैं। इसमें 12 अरब अमेरिकी डॉलर के बहुत सारे हथियार हैं।” इसके साथ ही राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि चीन में उनकी बातचीत से ताइवान के प्रति अमेरिकी नीति पर कोई असर नहीं पड़ा है।श्री ट्रम्प ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, “कुछ भी नहीं बदला है।” उन्होंने चीन और ताइवान दोनों से तनाव कम करने की अपील करते हुए कहा, “ताइवान और चीन दोनों के लिए थोड़ा शांत रहना समझदारी होगी।
“अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहले कहा था कि उन्हें ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच मतभेदों के पूर्ण पैमाने के संघर्ष में बदलने का कोई खतरा नहीं दिखता। गौरतलब है कि श्री ट्रंप 13-15 मई तक चीन में राजकीय दौरे पर थे, जहां उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बहुत सारे मुद्दों पर बातचीत की, जिसमें ताइवान का भी एक मुद्दा था।
चीन-अमेरिका टकराव दोनों देशों और पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है :वांग यी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई वार्ता के बाद चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि चीन और अमेरिका के बीच टकराव दोनों देशों और पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी हो सकता है।चीन सेंट्रल टेलीविजन (सीसीटीवी) के अनुसार, वांग यी ने कहा, “चीन और अमेरिका के बीच टकराव दोनों देशों और पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी साबित होगा, जबकि सहयोग से कई ऐसे महान परिणाम प्राप्त हो सकते हैं जिनसे दोनों देशों और पूरी दुनिया को लाभ होगा।
“मंत्री ने आगे कहा कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं होने के नाते चीन और अमेरिका एक-दूसरे के बिना काम नहीं कर सकते।मंत्री ने आगे कहा, “(चीन और अमेरिका के बीच संबंध) प्रबंधनीय और स्थिर होने चाहिए, न कि लगातार उतार-चढ़ाव वाले रोलर कोस्टर की तरह।”चीन के शीर्ष राजनयिक ने बताया कि शी और ट्रंप के बीच लगभग नौ घंटे की बातचीत हुई।चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, वांग यी ने कहा, “यह एक महत्वपूर्ण बैठक थी, जिसमें दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने गहन चर्चा की और फलदायी परिणाम प्राप्त किए।
बैठक में औपचारिक वार्ता और स्वागत भोज के साथ-साथ विचारों का आदान-प्रदान और छोटे पैमाने पर दौरे भी शामिल थे।”उन्होंने कहा कि “चीन-अमेरिका संबंधों की नाव” को चलाने में शी और ट्रंप का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय स्थिति के विकास पर दूरगामी प्रभाव डालेगा।(स्पुतनिक/वार्ता)
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