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MSP बढ़ाकर सरकार ने दिया बड़ा सरप्राइज, इन किसानों को होगा सबसे ज्यादा फायदा

केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में धान, अरहर, कपास, सूरजमुखी, तिल और अन्य फसलों के MSP में इजाफा मंजूर किया गया। सरकार के अनुसार किसानों को लागत पर 50 से 61 प्रतिशत तक लाभ मिलेगा। इस फैसले से करोड़ों किसानों को राहत मिलने और कृषि क्षेत्र में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है।

नयी दिल्ली : केंद्र सरकार ने खरीफ फसल वर्ष 2026-27 के विपणन सीजन के लिए फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बुधवार को इजाफे का ऐलान किया।पिछले वर्ष की तुलना में एमएसपी में सूरजमुखी में 622 रुपये प्रति क्विंटल, कपास में 557 रुपये प्रति क्विंटल, नाइजरसीड में 515 रुपये प्रति क्विंटल और तिल में 500 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गयी है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) ने विपणन सीजन 2026-27 के लिए इस वृद्धि को मंजूरी दी।

केंद्रीय मंत्री अश्निनी वैष्णव ने यहां यह जानकारी देते हुए कहा कि विपणन सत्र 2026-27 के लिए खरीफ फसलों के एमएसपी में वृद्धि केंद्रीय बजट 2018-19 में एमएसपी को अखिल भारतीय भारित औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना पर निर्धारित करने की घोषणा के अनुरूप है। किसानों को उत्पादन लागत पर मिलने वाला अपेक्षित लाभ मूंग (61 प्रतिशत) में सबसे अधिक (इसके बाद बाजरा (56 प्रतिशत), मक्का (56 प्रतिशत) और अरहर (54 प्रतिशत) में होगा। शेष फसलों के लिए, किसानों को उत्पादन लागत पर मिलने वाला लाभ 50 प्रतिशत रहने का अनुमान है।सामान्य धान और ग्रेड-ए के धान में 72 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गयी है।

केंद्र सरकार के इस फैसले से धान का नया समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है जबकि ग्रेड ए धान के लिए किसान को 2461रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा बाजरा के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 125 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया जिससे इसकी एमएसपी बढ़कर 2900 रुपये प्रति क्विंवटल हो गयी है।अनाजों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी रागी में 319 रुपये प्रति क्विंटल तो सबसे कम मक्का में केवल 10 रुपये प्रति क्विंटल ही बढ़ाये गए हैं।दलहन में अरहर के भाव में सबसे ज्यादा 450 रुपये प्रति क्विंवटल तो मूंग के भाव में केवल 12 रुपये का इजाफा किया गया है।

अरहर की एमएसपी पिछले साल 8000 रुपये प्रति क्विंवटल घोषित की गयी थी। अब इसमें 450 रुपये की बढ़ोतरी के बाद इसकी नयी एमएसपी 8450 रुपये प्रति क्विंवटल हो गयी है। इसी तरह उड़द की एमएसपी में 400 रुपये बढ़ाये गए हैं। इससे इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य 7800 रुपये प्रति क्विंवटल से तेज होकर 8200 रुपयेप्रति क्विंवटल हो गया है। लागत के अनुपात में देखें तो मूंग के किसान को उसकी लागत से 5438 रुपये प्रति क्विंवटल से 61 प्रतिशत अधिक का फायदा होगा। इसी तरह अरहर के किसान को 54 प्रतिशत का तो उड़द किसान को 51 प्रतिशत का फायदा होगा।

कपास के मध्यम रेशे में 557 रुपये तो लंबे रेशे में भी 557 रुपये का इजाफा किया गया है। इससे मध्यम रेशे की एमएसपी 8267 रुपये प्रति क्विंवटल और लंबे रेशे की एमएसपी 8667 रुपये कि्वंटल हो गयी है।तिलहनी फसलों में सूरजमुखी के भाव में 622 रुपये प्रति क्विंवटल की बढ़ोतरी की गयी है जिससे इसकी नयी एमएसपी पिछले साल की 7721 से बढ़कर 8343 रुपये प्रति क्विंवटल हो गयी है। मूंगफली के दामों में 254 रुपये प्रति क्विंवटल बढ़ोतरी हुयी है इससे इसकी नयी एमएसपी 7263 से बढकर 7517 रुपये प्रति क्विंवटल हो गयी है। सोयाबीन (पीला) के भाव में 380 रुपये की वृद्धि की है।

इससे यह 5328 से बढकर 5708 रुपये प्रति क्विंवटल पर खरीदी जायेगी। इसके अलावा तिल का भाव 500 रुपये तेज कर दिया गया है। इससे यह 9846 से बढकर 10346 की नयी एमएसपी पर आ गया है। नाइजर सीड या रामतिल का भाव भी 515 रुपये बढाया गया है। इससे यह 9537 रुपये से तेज होकर 10052 रुपये प्रति क्विंवटल पर खरीदा जायेगा। इन सभी तिलहनों में किसान को लागत का ठीक 50 प्रतिशत ही अधिक मिलेगा।श्री वैष्णव ने बताया कि 2014-15 से 2025-26 की अवधि के दौरान धान की खरीद 8418 लाख टन थी, जबकि 2004-05 से 2013-14 की अवधि के दौरान धान की खरीद 4590 लाख टन थी।

इसके अलावा 2014-15 से 2025-26 की अवधि के दौरान, 14 खरीफ फसलों की खरीद 8746 लाख टन थी, जबकि 2004-05 से 2013-14 की अवधि के दौरान, खरीद 4679 लाख टन थी।वर्ष 2014-15 से 2025-26 की अवधि के दौरान, 14 खरीफ फसलों की खेती करने वाले किसानों को भुगतान की गई एमएसपी राशि 18.99 लाख करोड़ रुपये थी, जबकि 2004-05 से 2013-14 की अवधि के दौरान किसानों को भुगतान की गई एमएसपी राशि 4.75 लाख करोड़ रुपये थी। (वार्ता)

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