वाराणसी में 490 होटल-रेस्टोरेंट पर गिरी गाज, 3 दिन में नहीं सुधरे तो होगा बड़ा एक्शन
वाराणसी में नगर निगम ने 490 होटल और रेस्टोरेंट को नोटिस जारी कर तीन दिन में कचरा निस्तारण व्यवस्था सुनिश्चित करने का अंतिम मौका दिया है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत ऑन-साइट प्रोसेसिंग अनिवार्य है। नियम न मानने पर सख्त कार्रवाई होगी। चार होटल पहले ही वर्मी कंपोस्ट बनाकर उदाहरण पेश कर चुके हैं।
वाराणसी : स्वच्छ भारत मिशन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्टी मैनेजमेंट) को लेकर नगर निगम अब और सख्त हो गया है। इस क्रम में बल्क में कचरा पैदा करने वाले शहर के 490 होटल और रेस्टोरेंटों को निगम ने नोटिस जारी किया है। बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी) के इन प्रतिष्ठानों को तीन दिन के भीतर अपने स्तर पर कचरा निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का अंतिम अवसर दिया गया है।
अपर नगर आयुक्त सविता यादव की ओर से जारी इस नोटिस में निर्धारित समय-सीमा के भीतर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रावधानों का पालन न करने पर संबंधित इकाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। उन्होंने बताया कि ज्यानदातर होटल और रेस्टोरेंट कचरा निस्तारण के नियमों को नजरअंदाज कर रहे हैं। जबकि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रावधानों के तहत कचरे का प्रबंधन अब उनकी अनिवार्य जवाबदेही हो गई है। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हैं। नए नियमों के तहत स्थानीय निकायों को अब विस्तारित थोक अपशिष्ट उत्पादक उत्तरदायित्व जारी करने का अधिकार है। यह प्रमाणन तीन वर्षों के लिए वैध होगा।
इसकी लागत और प्रबंधन की प्रक्रिया केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगी, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। इस नियम में सख्त दंडात्मक कार्रवाई का प्राविधान है। इसमें लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। नियमों के अनुसार वे सभी संस्थान बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में आते हैं जो 20,000 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल में स्थित हैं। वह प्रतिदिन 40,000 लीटर से अधिक जल की खपत करते हैं। उनके यहां प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक ठोस कचरा उत्पन्न करते हैं। इन संस्थानों को अनिवार्य रूप से गीले कचरे का ऑन-साइट प्रसंस्करण करना होगा।
शहर के चार होटल बने मिसाल
अपर नगर आयुक्ता ने बताया कि शहर के चार होटल पहले से ही नियमों का अनुपालन कर रहे हैं। यह बड़े होटल अन्य संस्थानों के लिए नजीर बनकर उभरे हैं। इसमें होटल मदीन, होटल क्लार्क, होटल रमाडा और होटल ताज गंगेंज अपने परिसर में ही उत्पन्न कचरे से वर्मी कंपोस्ट (केंचुआ खाद) तैयार कर रहे हैं। इन होटलों ने कचरा प्रबंधन के नियमों को न केवल अपनाया है, बल्कि उसे सफलतापूर्वक लागू भी किया है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल है।
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