दूध से विकास और जल से जागरूकता: यूपी में एक साथ दो बड़े अभियान शुरू
लखनऊ में 17-18 अप्रैल को दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026 का आयोजन होगा, जिसमें 10 हजार से अधिक पशुपालक, निवेशक और विशेषज्ञ शामिल होंगे। इस दौरान नवाचार, निवेश और डेयरी तकनीक पर चर्चा के साथ उत्कृष्ट पशुपालकों को सम्मानित किया जाएगा। वहीं, 16 से 30 अप्रैल तक ‘जल पखवाड़ा’ के तहत प्रदेश के सभी स्कूलों में जल संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। प्रतियोगिताओं, जल शपथ और जनभागीदारी के माध्यम से इसे जन आंदोलन बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
- लखनऊ में 10 हजार पशुपालकों की भागीदारी, स्कूलों में जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की पहल
लखनऊ : दुग्धशाला विकास विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर 17 व 18 अप्रैल को दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026 होगा। यह आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स हॉल में किया जाएगा। इसमें प्रदेश के 10 हजार पशुपालक/दुग्ध उत्पादक व निवेशक प्रतिभाग करेंगे। विभिन्न योजनाओं में उत्कृष्ट उपलब्धि अर्जित करने वाले पशुपालकों व निवेशकों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। दो दिवसीय आयोजन में नवाचार व निवेश पर भी मंथन होगा। बुधवार को दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026 का बुधवार को आधिकारिक कर्टन रेजर जारी किया गया।
नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विषय विशेषज्ञों द्वारा नवीनतम प्रौद्योगिकी समेत अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की जाएंगी। महोत्सव में स्वदेशी व्यंजनों का फूड कोर्ट भी लगाया जायेगा। दुग्ध क्षेत्र के उद्यम को बढ़ावा देने हेतु सिंगल विंडो के माध्यम से निवेशकों के साथ एमओयू भी होगा। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री दुग्ध विकास, पशुधन एवं राजनैतिक पेंशन धर्मपाल सिंह रहेंगे। साथ ही अपर मुख्य सचिव (पशुधन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास) मुकेश कुमार मेश्राम, दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. आदि की भी मौजूदगी रहेगी।
इसमें प्रदेश के समस्त जनपदों के साथ-साथ देश-विदेश के लाखों गौ पालक/निवेशकों को ऑनलाइन जोड़ा जायेगा। विभिन्न योजनाओं में उत्कृष्ट उपलब्धि अर्जित करने वाले पशुपालकों एवं निवेशकों को सम्मानित/पुरस्कृत किया जाएगा। निजी क्षेत्र के निवेशकों द्वारा अपने स्टॉल कियोस्क के माध्यम से दुग्ध उत्पाद/नवाचार इत्यादि का प्रदर्शन किया जायेगा। साथ ही डेयरी क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकी, स्वदेशी नस्ल के गौ पालन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विचार विमर्श एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ विशेषज्ञों द्वारा साझा की जायेगी।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में ‘गौ पूजन, प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन, प्रगतिशील गौ पालकों एवं निवेशकों की सफलता की कहानी की पुस्तिका का विमोचन, नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अन्तर्गत विकासखण्ड स्तरीय विजेताओं को डीबीटी के माध्यम से पुरस्कार धनराशि का वितरण, प्रगतिशील गौपालकों, अग्रणी निवेशकों एवं प्रतिभाशाली नवाचारों का सम्मान, गौशाला एवं गोबर गैस के महत्व का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। द्वितीय सत्र में श्री बाबा गोरखनाथ कृष्ण तथा बलिनी एम०पी०सी० का प्रस्तुतिकरण, दुग्ध विज्ञान क्षेत्र के प्रख्यात शिक्षाविदों, नंद बाबा दुग्ध मिशन एवं दुग्ध नीति-2022 के लाभार्थियों द्वारा प्रस्तुतिकरण किया जाएगा।
16 से 30 अप्रैल तक प्रदेश के सभी विद्यालयों एवं शैक्षिक संस्थानों में मनाया जाएगा ‘जल पखवाड़ा’
योगी सरकार ने जल संरक्षण को लेकर निर्णायक पहल करते हुए इसे सीधे स्कूलों से जोड़ दिया है। ‘जल शक्ति अभियान’ के अंतर्गत 16 से 30 अप्रैल तक प्रदेश के सभी विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में ‘जल पखवाड़ा’ आयोजित किया जाएगा, जिसके माध्यम से लाखों छात्र जल संरक्षण के प्रति न केवल जागरूक होंगे, बल्कि जल बचाने की जिम्मेदारी भी सक्रिय रूप से निभाएंगे। इस पहल के जरिए जल संरक्षण को जनभागीदारी से जुड़ा अनिवार्य दायित्व बनाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत स्कूली कक्षाओं से लेकर संपूर्ण समाज तक व्यापक प्रभाव डालेगी।
अभियान की विशेषता इसकी सुदृढ़ मॉनिटरिंग व्यवस्था है। सभी विद्यालयों के लिए प्रतिदिन की गतिविधियों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग अनिवार्य की गयी है। ट्रैकर के माध्यम से प्रतिभागियों की संख्या, गतिविधियों का विवरण तथा फोटो/वीडियो अपलोड करने होंगे। इसके लिए जनपद स्तर पर बेसिक शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित कर जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। योगी सरकार की मंशा जल संरक्षण अभियान को व्यापक जन आंदोलन का स्वरूप देने की है, ताकि समाज में जल संरक्षण के प्रति स्थायी सोच एवं व्यवहार विकसित हो सके।
विद्यालयों की प्रार्थना सभा में ‘जल शपथ’
जल पखवाड़ा के दौरान विद्यालयों को जल संरक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत जल संरक्षण विषय पर कार्यशालाएं आयोजित होंगी, जिनमें जल निगम, पंचायती राज, बेसिक शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही प्रतिदिन प्रार्थना सभा में ‘जल शपथ’ दिलाई जाएगी और छात्रों व अभिभावकों के बीच जल संरक्षण से जुड़ी जानकारियों का प्रसार किया जाएगा, ताकि यह अभियान घर-घर तक प्रभावी रूप से पहुंचे।
निबंध, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, चित्रकला जैसी प्रतियोगिताओं से बढ़ाई जाएगी भागीदारी
छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निबंध, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, चित्रकला तथा अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे उनमें जल संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके। इसके अतिरिक्त प्रत्येक विद्यालय में पेयजल स्रोतों एवं जल भंडारण स्थलों की साफ-सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। जल निगम की प्रयोगशालाओं के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक शुद्धिकरण भी सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यालयों में जल संरक्षण विषयक फोटो प्रदर्शनी का आयोजन, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के बीच संवाद व जनजागरूकता गतिविधियों को भी शामिल किया गया है, जिससे यह अभियान व्यवहार परिवर्तन का माध्यम बन सके।
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