वाराणसी में गौशालाओं और हरित अभियान पर सख्ती, महापौर ने मांगी रिपोर्ट
वाराणसी में महापौर अशोक कुमार तिवारी ने गौशालाओं की व्यवस्था और शहर के हरित अभियान की समीक्षा करते हुए सख्त निर्देश दिए। गोवंश की सेहत, साफ-सफाई, चारे और टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही 28 हजार पौधों की जियो-लोकेशन सहित विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह में मांगी गई, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
वाराणसी: नगर निगम गौशालाओं में गोवंश की सेहत और सुरक्षा को लेकर अब किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महापौर अशोक कुमार तिवारी ने गौशालाओं में नियमित सफाई, टीकाकरण और उचित चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं, ताकि गोवंश को बीमारियों से बचाया जा सके और उन्हें बेहतर वातावरण मिल सके।
वह सोमवार को सिगरा स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान महापौर अशोक कुमार तिवारी ने गौशालाओं के कायाकल्प और शहर के हरित क्षेत्र की वर्तमान स्थिति पर अधिकारियों के साथ चर्चा की। बैठक में महापौर ने पिछले दो वर्षों के दौरान शहर की विभिन्न कॉलोनियों और मोहल्लों में ट्री-गार्ड के साथ रोपे गए करीब 28,000 पौधों की स्थिति पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने उद्यान विभाग से एक निर्धारित फॉर्मेट में एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इसमें प्रत्येक पौधे की जियो-लोकेशन, ट्री-गार्ड की स्थिति और जीवित व सूखे पौधों का स्पष्ट विवरण मांगा गया है । उन्होंने यह भी पूछा कि जो पौधे सूख गए, उनके स्थान पर नए पौधे लगाए गए या नहीं।
नगर आयुक्त ने दिए गुणवत्ता सुधार के निर्देश
बैठक में मौजूद नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौशालाओं और पौधारोपण अभियान में किसी भी स्तर पर पारदर्शिता की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में चारे की गुणवत्ता और चिकित्सकों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
बैठक के दौरान अपर नगर आयुक्त अमित कुमार, उद्यान अधीक्षक डॉ. वीके सिंह और पशु एवं कल्याण चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष पाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।”पौधों और गायों का संरक्षण हमारी प्राथमिकता है। एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट न मिलने या तथ्यों में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी
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