
नवरात्र में अनोखी पहल: जब ‘नन्ही कली’ बनेगी बेटियों की ताकत और मैरी कॉम देंगी नई उड़ान
बागपत में नवरात्र के पहले दिन ‘नन्ही कली’ पहल के तहत बेटियों का सम्मान किया जाएगा, जिसमें बॉक्सिंग चैंपियन मैरी कॉम शामिल होंगी। ग्रामीण महिलाओं द्वारा रीसाइकिल प्लास्टिक से बनी गुड़िया महिला सशक्तीकरण और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बनी है। यह पहल ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘मिशन शक्ति’ को मजबूती देती है।
- रीसाइकिल प्लास्टिक से बनी गुड़िया बनी प्रतीक, नवरात्र पर नारी शक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संगम
लखनऊ/बागपत। उत्तर प्रदेश में नवरात्र के प्रथम दिवस पर बागपत जनपद में बेटियों के सम्मान और महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक अनूठी पहल देखने को मिलेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम में छह बार की विश्व बॉक्सिंग चैंपियन मैरी कॉम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। ‘नन्ही कली’ नामक इस पहल के माध्यम से बेटियों को सम्मानित किया जाएगा और समाज में उनके महत्व को रेखांकित किया जाएगा।
कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसमें गांव की महिलाओं द्वारा तैयार की गई ‘नन्ही कली’ गुड़िया को केंद्र में रखा गया है। यह गुड़िया पूरी तरह से पुनर्चक्रित (रीसाइकिल) प्लास्टिक और कपड़ों के टुकड़ों से बनाई जाती है। इसके माध्यम से जहां एक ओर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर भी मिल रहा है।

नारी शक्ति के सम्मान का पर्व बनेगा नवरात्र
नवरात्र को नारी शक्ति के प्रतीक के रूप में मनाने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। ‘नन्ही कली’ पहल सीधे तौर पर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘मिशन शक्ति’ जैसे अभियानों को मजबूती प्रदान करती है। प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होगी और उनके प्रति सम्मान बढ़ेगा।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अभिनव पहल
जिलाधिकारी अस्मिता लाल के अनुसार, ‘नन्ही कली’ गुड़िया में पारंपरिक सामग्री के स्थान पर बेकार प्लास्टिक बोतलों से तैयार किए गए फाइबर का उपयोग किया गया है। इससे प्लास्टिक कचरे की समस्या को कम करने में मदद मिल रही है। यह पहल ‘कचरे से कंचन’ की अवधारणा को साकार करते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो रही है।
महिलाओं की आत्मनिर्भरता को मिल रहा बढ़ावा
इस पहल के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। वे अपने घरों में ही उपलब्ध संसाधनों से इन गुड़ियों का निर्माण कर रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है। साथ ही यह ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिल रहा है।
मैरी कॉम की मौजूदगी बनेगी प्रेरणा
कार्यक्रम में मैरी कॉम की उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। वह बेटियों को खेल, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी। उनका संघर्ष और सफलता की कहानी युवाओं, विशेषकर बालिकाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
‘जीरो वेस्ट’ विजन से बन रही नई पहचान
बागपत में जिलाधिकारी के ‘जीरो वेस्ट’ विजन के तहत शुरू हुई यह पहल अब जनपद की पहचान बनती जा रही है। ‘नन्ही कली’ केवल एक खिलौना नहीं, बल्कि महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रतीक बनकर उभर रही है।
प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा और बेटियों के प्रति सम्मान तथा जागरूकता में वृद्धि होगी। साथ ही, यह कार्यक्रम प्रदेश सरकार के उन प्रयासों को भी बल देगा, जो महिला सशक्तीकरण, पर्यावरण संरक्षण और समावेशी विकास को एक साथ आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे हैं।
यूपी में स्वच्छ हवा के लिए बड़ा कदम, विश्व बैंक के साथ 299.66 मिलियन डॉलर का समझौता
“बिना पद के भी बन गए समाज के हीरो- रतन कुमार गुप्ता की याद में हुआ अनोखा सम्मान”



