Varanasi

वाराणसी में जारी हुई “शहनाई पत्रिका”,800 रिश्तों की जानकारी के साथ मध्यदेशिया समाज में बढ़ी उत्सुकता

वाराणसी में संत शिरोमणि बाबा गणिनाथ महाराज की पूजा-अर्चना एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन के साथ मध्यदेशीय वैश्य समाज की “काशी कान्दविका शहनाई पत्रिका” का विधिवत अनावरण किया गया। इस पत्रिका में लगभग 800 विवाह योग्य युवक-युवतियों के बायोडाटा प्रकाशित किए गए हैं, जिससे समाज के परिवारों को उपयुक्त रिश्ते खोजने में सुविधा मिलेगी। वक्ताओं ने कहा कि आगामी वैवाहिक परिचय सम्मेलन समाज की एकता और पारिवारिक संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

  • बाबा गणिनाथ महाराज की पूजा-अर्चना और हवन के बीच हुआ अनावरण, वैवाहिक परिचय सम्मेलन को लेकर उत्साह

वाराणसी। मध्यदेशीय वैश्य समाज के आराध्य संत शिरोमणि बाबा गणिनाथ महाराज की पूजा-अर्चना एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन के साथ समाज की महत्वपूर्ण वैवाहिक पत्रिका “काशी कान्दविका शहनाई पत्रिका” का विधिवत अनावरण किया गया। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का वातावरण आध्यात्मिकता, सामाजिक एकता और उत्साह से परिपूर्ण रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत संत शिरोमणि बाबा गणिनाथ महाराज की प्रतिमा के समक्ष विधिवत पूजा-अर्चना और हवन से हुई। वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच समाज के लोगों ने बाबा गणिनाथ महाराज से समाज की उन्नति, एकता और आगामी वैवाहिक परिचय सम्मेलन की सफलता के लिए प्रार्थना की। हवन एवं पूजा के उपरांत समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से “काशी कान्दविका शहनाई पत्रिका” का औपचारिक अनावरण किया।

बताया गया कि इस वर्ष प्रकाशित शहनाई पत्रिका में लगभग 800 विवाह योग्य युवक-युवतियों के बायोडाटा प्रकाशित किए गए हैं। आयोजकों ने कहा कि इस पत्रिका के माध्यम से समाज के परिवारों को अपने बच्चों के लिए उपयुक्त जीवनसाथी तलाशने में बड़ी सुविधा मिलेगी। पत्रिका में युवक-युवतियों की शैक्षणिक योग्यता, पारिवारिक पृष्ठभूमि और अन्य आवश्यक जानकारी को व्यवस्थित रूप से संकलित किया गया है, जिससे पारिवारिक स्तर पर संवाद स्थापित करना आसान होगा।

पत्रिका के अनावरण के अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि “शहनाई पत्रिका” समाज के लिए एक महत्वपूर्ण और उपयोगी पहल है। इसके माध्यम से समाज के योग्य युवक-युवतियों का परिचय एक विश्वसनीय और संगठित मंच पर उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि यह पत्रिका केवल वैवाहिक जानकारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि समाज की गतिविधियों, उपलब्धियों और परंपराओं को भी आगे बढ़ाने का कार्य करेगी। इससे समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोगों को भी जोड़ने का अवसर मिलेगा।

राष्ट्रीय संरक्षक राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता एवं जिलाध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार गुप्ता ने कहा कि आगामी वैवाहिक परिचय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज के विवाह योग्य युवक-युवतियों का परिचय कराना है, ताकि उनके लिए उपयुक्त जीवनसाथी का चयन हो सके और अच्छे वैवाहिक संबंध स्थापित किए जा सकें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन समाज में पारिवारिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने समाज के सभी परिवारों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों का पंजीकरण कराएं और सम्मेलन में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस सामाजिक पहल को सफल बनाएं। समाज के लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजन से समाज में आपसी संवाद, परिचय और सहयोग की भावना बढ़ती है, जिससे समाज की एकता और संगठन और अधिक सुदृढ़ होता है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज की परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भी समाज से जोड़ने का कार्य करते हैं। सम्मेलन को लेकर समाज में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है तथा बड़ी संख्या में परिवारों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

समारोह में पूर्व राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष अर्चना गुप्ता, पूर्व राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता, डॉ. आलोक कुमार गुप्ता, रंजीत गुप्ता, पियूष गुप्ता, रीता गुप्ता, अन्नू गुप्ता, संदीप गुप्ता, राजेश गुप्ता, विशाल गुप्ता, आशुतोष गुप्ता, मनोज गुप्ता, दिलीप गुप्ता (दादू), चंदन गुप्ता सहित समाज के अनेक पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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