
पिता की स्मृतिदिवस पर बेटी ने किया रक्तदान, मानवता की मिसाल पेश
भलुअनी, देवरिया में स्व. दीपचंद की स्मृतिदिवस पर उनकी पुत्री इसरावती देवी ने महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक में अपना 11वां रक्तदान किया। महिलाओं में रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए उन्होंने कहा कि नियमित रक्तदान सुरक्षित है और इससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।
- 11वां स्वैच्छिक रक्तदान कर इसरावती देवी ने पेश की मानवता की मिसाल
भलुअनी, देवरिया। एक बेटी ने अपने पिता स्व. दीपचंद की स्मृतिदिवस पर रक्तदान कर न सिर्फ उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी, बल्कि समाज के सामने मानवता और सेवा की अनूठी मिसाल भी पेश की। शनिवार को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में निफा जिलाध्यक्ष एवं स्वच्छ भलुअनी स्वस्थ भलुअनी (यूथ ब्रिगेड) के संस्थापक संतोष मद्धेशिया वैश्य की पत्नी इसरावती देवी ने अपना 11वां स्वैच्छिक रक्तदान किया। उनकी छोटी बहन गुड्डी देवी स्वास्थ्य कारणों से रक्तदान नहीं कर सकीं।
इसरावती देवी पिछले कई वर्षों से हर चार महीने पर रक्तदान कर रही हैं। उनसे प्रेरित होकर उनके परिवार की महिलाएँ ही नहीं, बल्कि दर्जनों अन्य महिलाएँ भी नियमित रक्तदान कर रही हैं। रक्तदान के दौरान इसरावती देवी ने कहा – “रक्तदान सबसे महान दान है, क्योंकि यह सीधे किसी की जान बचाता है। समाज में अब भी रक्तदान को लेकर डर और भ्रम है, खासकर महिलाओं में। जबकि हर स्वस्थ महिला चार महीने में आसानी से रक्तदान कर सकती है और इससे न कमजोरी होती है, न कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या। एक रक्तदान से चार लोगों का जीवन बचाया जा सकता है- यह किसी भी मानव के लिए सबसे बड़ा योगदान है।”
यूथ ब्रिगेड के संस्थापक संतोष मद्धेशिया ने बताया कि संगठन की ओर से यह 835वां रक्तदान है। उन्होंने इसरावती देवी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से महिलाओं में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, जिससे भविष्य में रक्त की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर डॉ. रमेश सिंह, सुबोधचंद पांडेय, शुभम श्रीवास्तव, सुमित मद्धेशिया सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
बिहार चुनाव 2025: कानू हलवाई समाज की ऐतिहासिक जीत और राजनीतिक उभार
भलुअनी: जलकल विभाग की लापरवाही से जगह- जगह हो रही पानी की बर्बादी



