सेनाओं की मदद के लिए रेलवे ने भी कसी कमर
‘भारतीय सैन्य कार्रवाई’ की आशंका से पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज 3,500 अंक गिरा
नयी दिल्ली : पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद सीमा पर उत्पन्न परिस्थितियों में सशस्त्र बलों को रसद आपूर्ति के लिए लाइनें खाली रखने एवं पथ उपलब्ध कराने को लेकर रेलवे में तैयारियां जोरों पर हैं।रेल भवन में मंगलवार शाम हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में रेलवे एवं सेना के उच्चाधिकारी शामिल हुए। पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद सीमापार सैन्य कार्रवाई की तैयारियों के बीच सेना ने रसद आपूर्ति, सैन्य साजो सामान एवं सैनिकों के द्रुत गति से परिवहन के लिए रेलवे से लाइनों को खाली रखने एवं मार्ग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रेलवे ने प्रमुख सैन्य छावनियों एवं रक्षा उत्पादन इकाइयों से सामरिक बिन्दुओं तक के मार्ग से केवल आवश्यक गाड़ियों को चलाने, अतिरिक्त या कम महत्वपूर्ण गाड़ियों का रास्ता बदलने का निर्णय लिया है। इसी तरह से अनेक ज़ोनों में कम लोकप्रिय गाड़ियों को रद्द किया गया है और उनके रैक को आपात स्थिति के लिए सुरक्षित किया जा रहा है।बताया गया है कि रेलवे के दोनों समर्पित मालवहन कॉरीडोर भी सैन्य परिवहन के लिए प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
इसके अलावा कंटेनर परिवहन के काम आने वाले मालगाड़ी रैक भी टैंकों एवं बख्तरबंद वाहनों, तोपों एवं गोला बारूद के परिवहन के लिए उपयुक्त रैक एवं कंटेनरों को भी सेना के अधिकारियों के साथ मिल कर जुटाया जा रहा है।यह भी पता चला है कि गुजरात, राजस्थान, पंजाब एवं जम्मू कश्मीर की सीमा के अलावा बंगलादेश से लगती पश्चिम बंगाल, असम सहित पूर्वोत्तर की लाइनों को भी सैन्य परिवहन के हिसाब से तैयार रखने के निर्देश दिये गये हैं।
‘भारतीय सैन्य कार्रवाई’ की आशंका से पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज 3,500 अंक गिरा
जम्मू-कश्मीर में घातक पहलगाम आतंकी हमले के बाद ‘संभावित भारतीय सैन्य जवाबी कार्रवाई’ की आशंका के कारण पाकिस्तान का स्टॉक एक्सचेंज (पीएसएक्स) 3,500 अंक गिरा है।डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, देश का बेंचमार्क केएसई-100 इंडेक्स आज 3.14 प्रतिशत से अधिक गिर गया, जो पिछले बंद 114,872.18 से 1,717.35 अंक या 1.5 फीसदी कम होकर 113,154.83 पर आ गया। सुबह तक इंडेक्स में पिछले बंद से 2,073.42 अंक या 1.8 प्रतिशत की गिरावट आई।
ट्रेडिंग वॉल्यूम 25.4 करोड़ से अधिक शेयरों पर रहा, जिसका कुल बाजार मूल्य पीकेआर 24.21 अरब (8.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर) था।दोपहर तक, केएसई-100 इंडेक्स पिछले बंद से 3,255.42 अंक या 2.83 प्रतिशत गिर गया, और फिर 111,326.57 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद 114,872.18 से 3,545.61 या 3.09 फीसदी कम था।यह गिरावट सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार द्वारा बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बारे में जारी की गई चेतावनी के कारण निवेशकों के विश्वास की कमी के चलते हुई।
डॉन से बात करते हुए, टॉपलाइन सिक्योरिटीज के मुख्य कार्यकारी मोहम्मद सोहेल ने गिरावट के लिए ‘अगले कुछ दिनों में संभावित हमले की खबर’ को जिम्मेदार ठहराया।एकेडी सिक्योरिटीज के निदेशक अनुसंधान अवैस अशरफ ने कहा,“निवेशक पाकिस्तान के खिलाफ संभावित भारतीय सैन्य कार्रवाई को लेकर चिंतित हैं, सूचना मंत्री की प्रेस ब्रीफिंग के बाद चिंताएं और बढ़ गई हैं।”चेस सिक्योरिटीज के शोध निदेशक यूसुफ एम. फारूक ने भी यही राय जताई।
उन्होंने कहा कि सूचना मंत्री के मंगलवार रात के बयान के बाद बाजार दबाव में था, जिसमें उन्होंने सुझाव दिया था कि भारत अगले 24-36 घंटों के भीतर सैन्य कार्रवाई कर सकता है।पीएसएक्स में यह गिरावट पाकिस्तान की पहले से ही कमजोर अर्थव्यवस्था के लिए बुरी खबर है। देश में पहले से ही बहुत कम निजी निवेश हुआ है और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों से बहुत कम रिटर्न मिला है।पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद, जिसमें 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी, पाकिस्तान के राज्य प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की जवाबी कार्रवाई ने निवेशकों में बहुत चिंता पैदा कर दी है। इनमें से कई लोग निवेश से हाथ खींच रहे हैं या पूरी तरह से इनकार कर रहे हैं।
रूस नहीं जायेंगे मोदी, राजनाथ होंगे ‘विक्ट्री डे परेड’ में शामिल
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रूस में आगामी नौ मई को होने वाले ‘विक्ट्री डे परेड’ समारोह में शामिल नहीं होंगे और उनकी जगह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को यहां बताया कि रूस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। उन्होंने कहा कि भारत की ओर से रूस को पहले ही बता दिया गया था कि इस समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।यह माना जा रहा है कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच उपजी तनावपूर्ण स्थिति के मद्देनजर श्री मोदी का रूस दौरा टाला गया है।पहलगाम हमले के बाद से ही श्री मोदी निरंतर उच्च स्तरीय बैठकें कर रहे हैं। वह अब तक रक्षा मंत्री के साथ तीन से भी ज्यादा बैठक कर चुके हैं। इसके अलावा केन्द्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की बैठक की भी वह अध्यक्षता कर चुके हैं।(वार्ता)
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